#जाट_हुंकार_सभा..
भरतपुर। केंद्र में ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण की मांग को लेकर युवा जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने डीग-कुम्हेर के ग्रामीण अंचलों में देर रात तक जनसंपर्क किया। समिति के संयोजक भगत सिंह सूरीता के नेतृत्व में युवाओं ने तालफरा, अभोर्रा, सुनारी और सजोला सहित कई गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को पीले चावल बांटे और 22 जून को भरतपुर के नुमायश मैदान में होने वाली विशाल 'जाट आरक्षण हुंकार सभा' में शामिल होने का आव्हान किया। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए संयोजक सूरीता ने कहा कि जब तक समाज अपने हक की आवाज मजबूती से नहीं उठाएगा, तब तक सरकार ध्यान नहीं देगी, इसलिए युवाओं के भविष्य के लिए आंदोलन करना मजबूरी बन गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजस्थान के अन्य सभी जिलों के जाटों को केंद्र में आरक्षण मिला हुआ है, तो भरतपुर, धौलपुर और डीग जिले के साथ यह भेदभाव क्यों? उन्होंने बताया कि जाट समाज पिछले 27 सालों से यह संघर्ष कर रहा है। वर्ष 2013 में आरक्षण मिला भी था, लेकिन 2015 में इसे छीन लिया गया। वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि इस हुंकार सभा की गूंज दिल्ली तक जाएगी और लोकसभा में हनुमान बेनीवाल समाज की इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। समिति ने इसे किसी राजनीतिक दल की नहीं बल्कि पूरे समाज की मांग बताते हुए एकजुटता का भरोसा दिया।