बछामदी में 10 साल से जलभराव, ग्रामीणों का आरोप—शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान................
बछामदी में 10 साल से जलभराव, ग्रामीण परेशान
दर्जनों शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस, ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी
नदबई। पंचायत समिति नदबई के बछामदी गांव के वार्ड नंबर 11 में वृंदावन शर्मा के घर से बीरेंद्र जाट के घर तक वो पिछले करीब 10 वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। जलभराव के कारण ग्रामीणों का रास्ता पूरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत से लेकर उपखंड प्रशासन तक कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीण मानसिंह शर्मा ने बताया कि वार्ड नंबर 11 में पिछले करीब 10 साल से जलभराव की समस्या है। इस संबंध में ग्राम पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी और उपखंड अधिकारी को कई बार प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन अब तक मौके पर समस्या देखने तक कोई नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि जलभराव के कारण रास्ता पूरी तरह बंद होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण वृंदावन शर्मा ने बताया कि जुलाई-अगस्त माह में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर एवं जन सेवा शिविर के दौरान भी ग्रामीणों ने जलभराव से संबंधित कई शिकायतें दर्ज कराई थीं। चाहे दौर वाला रास्ता हो गंगवानी की तरफ जाने वाला रास्ता हो छतरी वाला रास्ता हो सकूर खान के घर बाला रास्ता हो उनके अनुसार, उपखंड अधिकारी सचिन यादव के समक्ष गांव में जलभराव के करीब 11 मामले शिकायत के रूप में सामने आए थे। उपखंड अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत को समस्या के समाधान के निर्देश भी दिए गए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्देशों के बावजूद एक भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत सरपंच सरोज पुष्पेंद्र फौजदार से पिछले करीब छह वर्षों में इस समस्या के समाधान के लिए कई बार आग्रह किया गया। इसके अलावा पंचायत समिति के अधिकारियों को भी मौखिक ओर लिखित रूप से अवगत कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत समिति के सहायक अभियंता कृष्ण गोपाल शर्मा, जो इसी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, को भी कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
ग्रामीणों का आरोप है कि बछामदी गांव में केवल वार्ड नंबर 11 ही नहीं, बल्कि अन्य कई रास्ते भी जलभराव के कारण प्रभावित हैं। लंबे समय से बनी इस समस्या के कारण ग्रामीणों को आवागमन, बच्चों और बुजुर्गों के आने-जाने सहित दैनिक कार्यों में परेशानी उठानी पड़ रही है।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि यदि प्रशासन और ग्राम पंचायत द्वारा जल्द ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से जन आंदोलन करेंगे तथा उपखंड कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिति प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी एवं पंचायत समिति प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्था कराने और रास्तों को सुचारू करवाने की मांग की है।
Weir, Bharatpur | Sep 27, 2026