जिला पदाधिकारी, बाँका की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अक्टूबर माह की स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य कार्यक्रमों की उपलब्धियाँ एवं प्रगति
* अक्टूबर माह में बाराहाट प्रखंड में संस्थागत प्रसव की उपलब्धि लगभग 90 प्रतिशत रही। इस दिशा में बेहतर कार्य करने वाले प्रखंडों के प्रयासों की सराहना की गई।
* सदर अस्पताल, बाँका में अक्टूबर माह में कुल 175 सिजेरियन प्रसव किए गए, जिनमें 34 रात्रिकालीन सिजेरियन प्रसव शामिल हैं। अमरपुर रेफरल अस्पताल में 20 सिजेरियन प्रसव किए गए।
* गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण एवं बच्चों के पूर्ण टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की गई तथा उपलब्धियों को आगे बढ़ाने पर बल दिया गया।
* जिले में NCD स्क्रीनिंग के निर्धारित लक्ष्य 6,82,500 के विरुद्ध 5,09,771 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जो 74.69 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के आधार पर जिले का स्थान दूसरा रहा।
* निर्धारित लक्ष्य 10,32,900 के विरुद्ध 8,09,397 स्क्रीनिंग की गई, जो 78.36 प्रतिशत है। अभियान की उपलब्धि 57.47 प्रतिशत रही तथा जिले का स्थान 13वाँ रहा।
* आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई तथा लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के प्रयासों पर चर्चा की गई।
* कायाकल्प एवं स्वास्थ्य संस्थानों के सौंदर्यीकरण तथा गुणवत्ता सुधार से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देश
* नवंबर माह में सभी प्रखंडों को संस्थागत प्रसव की उपलब्धि न्यूनतम 75 प्रतिशत करने का लक्ष्य दिया गया। शंभूगंज एवं चांदन सहित कम उपलब्धि वाले प्रखंडों को विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया गया।
* गर्भवती महिलाओं का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए तथा प्रसव के लिए समय पर स्वास्थ्य संस्थान लाने हेतु आशा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय की जाए।
* समीक्षा के क्रम में निजी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव की संख्या काफी कम प्रतिवेदित होने, विशेषकर सदर प्रखंड, बांका में प्रसव की न्यूनतम रिपोर्टिंग पर जिला पदाधिकारी द्वारा गहरा क्षोभ व्यक्त किया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के निजी स्वास्थ्य संस्थानों से प्रत्येक माह न्यूनतम लगभग 900 प्रसव की रिपोर्टिंग सुनिश्चित कराई जाए। इसके लिए संबंधित पदाधिकारियों को निजी स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित भ्रमण कर प्रसव संबंधी वास्तविक स्थिति की जांच करने तथा विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
* बेलहर रेफरल अस्पताल में सिजेरियन प्रसव की संख्या कम पाए जाने पर विशेष निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। रात्रिकालीन सिजेरियन प्रसव की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।
* एसएनसीयू में नवजात शिशुओं के अत्यधिक रेफरल एवं सफल डिस्चार्ज की अत्यंत कम दर को जिला पदाधिकारी द्वारा गंभीरता से लेते हुए गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले एसएनसीयू में पदस्थापित चिकित्सक डॉ. कुमार अमीष के विरुद्ध सिविल सर्जन, बांका को नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।
* * हाल में उप विकास आयुक्त द्वारा किए गए निरीक्षण के क्रम में अस्पताल में चिकित्सकों के समय पर उपस्थित नहीं रहने की बात संज्ञान में आयी। इस पर जिला पदाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सकों का इस प्रकार का कार्यव्यवहार अस्पताल की व्यवस्थाओं के प्रति उदासीनता एवं अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने चिकित्सकों की अनियमितता एवं प्रभावी अनुश्रवण के अभाव को सदर अस्पताल एवं एसएनसीयू की बदहाल व्यवस्था का एक प्रमुख कारण मानते हुए सिविल सर्जन, बांका को संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।*
* सभी स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई, रंग-रोगन एवं आवश्यक मरम्मत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।
* सभी प्रखंडों में गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत ANC पंजीकरण तथा बच्चों का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
* NCD स्क्रीनिंग की उपलब्धि में सुधार करते हुए निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में EHR प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए तथा 85 प्रतिशत उपलब्धि का लक्ष्य प्राप्त किया जाए। अस्पतालों को पेपरलेस बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाए।
* पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड निर्माण अभियान चलाकर पूरा किया जाए तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
* सदर अस्पताल में OPD सेवाओं एवं मरीजों के पंजीकरण की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। पंजीकरण काउंटर को उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने तथा चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
* जिले में संचालित अवैध निजी क्लीनिकों की जांच जिला स्तरीय समिति के माध्यम से कराई जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
* टीबी मुक्त भारत अभियान एवं एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में प्रभारी संचारी रोग पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
* जिले के 8–10 बेहतर कार्य करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों में हुए सुधार एवं उपलब्धियों का फोटो एवं वीडियो तैयार कराया जाए। संबंधित पदाधिकारी संयुक्त रूप से लगभग तीन मिनट का वीडियो तैयार कर प्रस्तुत करेंगे। वीडियो में वास्तविक एवं प्रमाणिक उपलब्धियों को ही शामिल किया जाए।
* बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। संबंधित पदाधिकारी निर्धारित समय-सीमा में अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं।
बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, प्रभारी संचारी रोग पदाधिकारी, गैर-संचारी रोग पदाधिकारी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक, DMHP, गुणवत्ता आश्वासन सलाहकार, कार्यक्रम समन्वयक, जिला कार्यान्वयन इकाई के पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, आयुष्मान समन्वयक सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।
*"मद्यपान से दूरी, स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी।"*
Banka, Bihar | Nov 6, 2026