#सरकारी_आदेश_से_एक_घर_का_दीपक_बुझा..
भरतपुर। प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए करीब 4 साल से जयपुर के महिला चिकित्सालय में कार्यरत संविदा कर्मी दीपक खारवाल द्वारा अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेने का मामला सामने आया है। मृतक के साथियों का आरोप है कि दीपक लंबे समय से 'मेरिट बोनस' के आधार पर भर्ती की मांग कर रहा था, लेकिन सरकार द्वारा परीक्षा के जरिए भर्ती कराने के नए आदेश और अचानक संविदा नौकरी खत्म किए जाने से वह बेहद तनाव में था। इस घटना के बाद भरतपुर जिला आरबीएम हॉस्पिटल और जनना हॉस्पिटल में कार्यरत आक्रोशित संविदा कर्मियों ने आरबीएम हॉस्पिटल के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए मृतक को श्रद्धांजलि दी। संविदा कर्मियों के प्रतिनिधि भूपेंद्र शर्मा ने चेतावनी दी है कि वे पिछले एक सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार के स्तर पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने साफ कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो कई अन्य संविदा कर्मी भी सामूहिक रूप से आत्मदाह करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राजस्थान सरकार और चिकित्सा मंत्री की होगी।