तीसरे बालू घाट के संचालन के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा, लोक सुनवाई में दर्ज कराई शिकायत
दो बालू घाटों से ही परेशान हैं आसपास के लोग, तीसरा घाट शुरू होने पर पेयजल, खेती और जनजीवन पर संकट गहराने की जताई आशंका
अरवल। जिले के टाउन हॉल में आज दिनांक 5 अक्टूबर 2026 को एडीएम, खनन विभाग के अधिकारियों एवं अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों की मौजूदगी में बालू घाट से संबंधित लोक सुनवाई (पब्लिक हियरिंग) का आयोजन किया गया। इस दौरान मदन सिंह के टोला, अहियापुर, सकरी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रस्तावित तीसरे बालू घाट के संचालन का जोरदार विरोध करते हुए प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
लोक सुनवाई के दौरान ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में पहले से ही दो बालू घाट संचालित हैं, जिनके कारण आसपास के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन निर्धारित नियमों से अधिक किए जाने के कारण भूजल स्तर प्रभावित हो रहा है। इसका असर हैंडपंप, पेयजल, खेती-किसानी और आम जनजीवन पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि दो बालू घाटों के संचालन से ही क्षेत्र की स्थिति बदहाल हो चुकी है। बालू ढुलाई में लगे वाहनों के कारण सड़कों की हालत जर्जर हो गई है। राहगीरों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जिन खेतों में पहले अनाज की उपज होती थी और किसान अपनी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण करते थे, वहां भी अब खेती प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि तीसरा बालू घाट भी शुरू कर दिया गया तो आने वाले दिनों में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। लोगों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर तीसरा बालू घाट चालू नहीं होने देंगे।
इस दौरान ग्रामीणों ने एडीएम, खनन विभाग एवं प्रशासनिक टीम के अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याओं और आपत्तियों को विस्तार से रखा तथा मांग की कि आम जनता के हित, पर्यावरण, जलस्तर और खेती-किसानी को ध्यान में रखते हुए तीसरे बालू घाट के संचालन पर रोक लगाई जाए। Public ki Awaz Arvind Yadav Public Ki Awaz - News
Arwal, Arwal | Nov 5, 2026