शीर्षक: सरकारी योजनाओं के लाभ से मिली नई जिंदगी, आनंद के चेहरे पर लौटी मुस्कान।
किसी गरीब परिवार के लिए अपने बच्चे की गंभीर बीमारी का इलाज कराना एक ऐसी चुनौती होती है, जिसके आगे उसकी सारी उम्मीदें कमजोर पड़ने लगती हैं। लेकिन जब सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएँ जरूरतमंदों तक पहुँचती हैं, तो यही उम्मीदें नई जिंदगी का आधार बन जाती हैं। जमुई जिले के बरहट प्रखंड के लखाइ गाँव निवासी रंजीत गोस्वामी के मासूम बेटे आनंद कुमार की कहानी इसी बदलाव की एक प्रेरणादायक मिसाल है। आनंद के दिल में छेद था और आर्थिक तंगी के कारण उसके माता-पिता महँगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत बरहट की स्वास्थ्य टीम जब +2 उच्च विद्यालय, लखाइ पहुँची, तो जाँच के दौरान आनंद के हृदय में छेद होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के सहयोग से आनंद को उपचार के लिए चयनित किया गया तथा उसे और उसके परिजनों को हवाई मार्ग से अहमदाबाद स्थित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल भेजा गया, जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उसकी जटिल हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की। सरकार ने इलाज का पूरा खर्च वहन किया, जिससे परिवार को आर्थिक चिंता से राहत मिली। आज आनंद स्वस्थ है और उसके चेहरे पर लौटी मासूम मुस्कान उसके परिवार की खुशियों की वापसी का प्रतीक है। आनंद के माता-पिता के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना किसी वरदान से कम नहीं हैं। उनकी आँखों में सरकार के प्रति कृतज्ञता और दिल में अपने बच्चे के बेहतर भविष्य की नई उम्मीद है। आनंद की कहानी बताती है कि जब जनकल्याणकारी योजनाएँ सही समय पर जरूरतमंदों तक पहुँचती हैं, तो बदलाव केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जिंदगी में मुस्कान बनकर दिखाई देता है। यही है—स्वस्थ जमुई की दिशा में बढ़ता एक और सार्थक कदम।
54 views | Jamui, Bihar | Sep 20, 2026