तीन माह बाद सनसनीखेज विजेन्द्र मोर अपहरण-हत्याकांड का खुलासा, 50 हजार का इनामी आरोपी व महिला साजिशकर्ता गिरफ्तार, जंगल से मिले अधजले शव के अवशेष
अंकुर श्रीवास्तव ✍️
जालौन की उरई कोतवाली पुलिस ने करीब तीन माह पहले हुए चर्चित विजेन्द्र मोर अपहरण एवं हत्या कांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के कूपरा जंगल से मृतक के अधजले शव के अवशेष भी बरामद किए हैं। मामले में अभी अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि 4 मई 2026 की सुबह हरियाणा के जींद जिले के अमरहेड़ी निवासी 52 वर्षीय विजेन्द्र सिंह मोर का उरई कोतवाली क्षेत्र के रिनिया गांव स्थित एक ट्यूबवेल से अपहरण कर लिया गया था। आरोप है कि श्रीभगवान, संजीव उर्फ कोकिला, मोहित मलिक और अमरजीत सुहाग उसे क्रेटा कार में अगवा कर ले गए। इसके बाद उसकी हत्या कर शव को हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के कूपरा जंगल में ले जाकर करीब 40 लीटर डीजल डालकर जला दिया, ताकि साक्ष्य नष्ट किए जा सकें।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस वारदात की साजिश में हरियाणा के जींद निवासी आजाद सरपंच और सपना रानी भी शामिल थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक, झांसी परिक्षेत्र ने मुख्य आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
वही पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन में गठित टीम ने 29 जुलाई 2026 को कदौरा थाना क्षेत्र स्थित चितैला फार्म हाउस से मोहित मलिक और उसकी पत्नी सपना रानी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद मोहित की निशानदेही पर पुलिस ने कूपरा जंगल से मृतक के अधजले कंकाल और चादर का टुकड़ा बरामद किया। बरामद अवशेषों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक विजेन्द्र मोर के सपना रानी से पहले अवैध संबंध थे। बाद में सपना ने मोहित मलिक से विवाह कर लिया था। पुलिस के मुताबिक विजेन्द्र मोर इस बात को लेकर मोहित और सपना को लगातार धमकियां देता था।
इसके अलावा विजेन्द्र मोर और आजाद सरपंच के बीच करोड़ों रुपये की जमीन का विवाद भी चल रहा था। पुलिस के अनुसार विजेन्द्र ने अपनी जमीन करीब पांच करोड़ रुपये में बेची थी, लेकिन उसे केवल एक करोड़ रुपये ही मिले थे, जबकि शेष रकम बकाया थी।
आरोप है कि बाकी भुगतान से बचने के लिए आजाद सरपंच ने अन्य आरोपियों को जमीन में हिस्सेदारी का लालच देकर विजेन्द्र की हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक वारदात से करीब 15 दिन पहले मोहित और सपना ने घटनास्थल की रेकी भी की थी। अन्य आरोपी अब भी फरार
पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वही इस पूरे मामले की जांच के दौरान एक दुखद घटना भी सामने आई थी। 5 मई 2026 को आरोपियों की तलाश में हरियाणा गए कोतवाली उरई के दो उपनिरीक्षकों, दो आरक्षियों तथा मुकदमे के वादी अमरीक सिंह के चालक की नूंह (हरियाणा) में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने जांच जारी रखते हुए आखिरकार इस बहुचर्चित हत्याकांड का महत्वपूर्ण खुलासा कर दिया।
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Orai, Jalaun | Jul 30, 2026