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मुख्यमंत्री ने पंचकूला में राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह में विभिन्न योजनाओं के तहत 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन देने, ग्रामीण विकास को गति प्रदान करने, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का किया आह्वान गांवों को विकास की धुरी बनाकर आगे बढ़ रहा है हरियाणा- मुख्यमंत्री गांवों के समग्र विकास और नशामुक्त हरियाणा के निर्माण में सरपंचों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण - मुख्यमंत्री सरकार ने दी ग्रामीणों को बड़ी राहत: अब 16 जनवरी तक कर सकेंगे मालिकाना हक के लिए आवेदन नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, सरपंच भी इस अभियान में दें सहयोग पंचकूला , 9 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया है कि जो परिवार गांव की शामलात भूमि पर पिछले 20 वर्षो से मकान बनाकर रह रहे है, ऐसे परिवार मालिकाना हक के लिए नियमानुसार अब 16 जनवरी 2027 तक अपने आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों से वर्ष 2004 की कलेक्टर दर की डेढ़ गुणा के अनुसार भूमि खरीद की राशि जमा करवाई जाएगी। दस्तावेजी कठिनाइयों के कारण कई पात्र लोग आवेदन नहीं कर सके थे, ऐसे में सरकार ने उन्हें राहत दी है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि ग्रामीण क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक और कचरा संग्रहण कर्मी उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह ट्रैक्टर ई—वी होंगे। इसके अलावा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं पर भी सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 17 जिलों के 179 गांवों की फिरनियों पर एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन भी किया, जिन पर 23 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत आई है। साथ ही 17 जिलों में 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी 350 अटल लाइब्रेरियों का भी लोकार्पण किया। उन्होंने ग्राम विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं को विकास कार्यों हेतु 1 हजार 56 करोड़ 75 लाख रुपये सीधे उनके खातों में भी ट्रांसफर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जागृत ग्राम पुरस्कारों के तहत प्रदेश की 6 ग्राम पंचायतों को विकास, स्वच्छता और सुशासन के नए मानदंड स्थापित करने के लिए सम्मानित किया तथा उन्हें 1 करोड़ 66 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इन पंचायतों में फतेहाबाद जिला की गांव जांडली कलां की ग्राम पंचायत को 51 लाख रुपये, चरखीदादरी के गांव झिंझर की पंचायत को 31 लाख रुपये, अंबाला के साहा की पंचायत को 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार द्वितीय श्रेणी में फतेहाबाद जिला के गांव जल्लोपुर की पंचायत को 31 लाख रुपये, गांव गदली को 21 लाख रुपये तथा करनाल के मर्दानहेड़ी गांव की ग्राम पंचायत को 11 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने इस दौरान कुरुक्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर आधारित ‘धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र’ पुस्तक का विमोचन भी किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत की असली शक्ति हमेशा गांवों और पंचायतों में है तथा पंच परमेश्वर की परंपरा ने देश में लोकतंत्र को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गांवों को विकास का भागीदार बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं और आज इसी श्रृंखला में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गांव को योजना का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि विकास का पहला केंद्र मानने की सोच दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण लाभ अब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है तथा सेवा, सुशासन और जन-कल्याण का नया अध्याय लिखा गया है। उन्होंने कहा कि मिडल ईस्ट में जो परिस्थितियां बनी, उन चुनौतियों से पार पाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने का आह्वान किया, इसके साथ ही ऐसी रणनीति बनाई है जिससे हम इस समस्या से पार—पा सके। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 का जिक्र करते हुए कहा कि वो दौर भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने इस वैश्विक संकट का सफलतापूर्वक सामना किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और लोगों का शासन व्यवस्था पर विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। *योजनाओं की किस्त भी जारी की* मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान हर महीने डीबीटी के जरिए दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं की किस्त भी रिमोट का बटन दबाकर जारी की। इस दौरान उन्होंने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत माताओं-बहनों को 8वीं किस्त के रूप में 207 करोड़ 75 लाख रुपये जारी किए। इसी प्रकार, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 19 करोड़ 75 लाख रुपये डाले गए। सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लाभार्थियों को 1 हजार 151 करोड़ 51 लाख रुपये सीधे उनके खातों में हस्तांतरित किए गए। इसके अलावा ओ.बी.सी. और डी.एन.टी. वर्गों के विद्यार्थियों को 23 करोड़ 17 लाख रुपये की छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। दयालु योजना के तहत 169 करोड़ 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। *सशक्त पंचायतें ही मजबूत लोकतंत्र और समृद्ध गांवों की आधारशिला हैं* मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांवों की समस्याओं का समाधान करना केवल सरकार की ही नहीं बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय सहायता के भी जनभागीदारी के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। गांवों को विकास का केंद्र बनाने के लिए सरपंचों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य में 98 प्रतिशत से अधिक गांव ओ.डी.एफ. प्लस बन चुके हैं और 2 अक्टूबर 2026 तक सभी गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2,100 से अधिक अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं। सरकार ने ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्य कराने की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 21 लाख रुपये की। इसके साथ ही पंचायत कार्यों और न्यायिक मामलों के लिए पंच-सरपंचों को HCS अधिकारी तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट के बराबर टी.ए.-डी.ए. दिया जाता है। पंचायतों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में हिस्सेदारी और बिजली खपत पर लगने वाली 2 प्रतिशत दर सीधे पंचायत खातों में दी जा रही है। *बिना पर्ची-खर्ची के रोजगार से बढ़ा युवाओं का विश्वास* मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौकरी प्राप्त करने के लिए सिफारिश और पैसे की आवश्यकता समझी जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लगभग 3,000 से अधिक युवाओं का चयन पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है तथा किसी भी अभ्यर्थी को कोई पैसा नहीं देना पड़ा। दूसरी भर्ती पर पीएमटी चल रहा है। आने वाले समय में 5,600 युवाओं की भर्ती हरियाणा पुलिस में की जाएगी, जबकि लगभग 8,500 अभ्यर्थियों की परीक्षा संपन्न हो चुकी है और उसका परिणाम शीघ्र घोषित किया जाएगा। इससे युवाओं में यह विश्वास पैदा हुआ है कि अब योग्यता के आधार पर रोजगार प्राप्त किया जा सकता है। *2036 ओलंपिक को रखें टारगेट, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में पंचायतों से मांगा सहयोग* मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने सरपंचों से आह्वान किया कि वे अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें और नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मानस पोर्टल’ पर कोई भी व्यक्ति नशे से संबंधित जानकारी दे सकता है तथा सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यदि किसी स्तर पर पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की जानकारी मिलती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ गांवों के सरपंचों ने यह संकल्प लिया है कि उनके गांव में न तो कोई व्यक्ति नशा करेगा और न ही कोई नशा बेचेगा। ऐसे प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतों को खेल सामग्री की आवश्यकता होगी तो खेल विभाग आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। *विकसित गांव की पहचान नशामुक्ति, स्वच्छता और जल संरक्षण* मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति करने के लिए पूरा समय है, लेकिन चुने जाने के बाद पांच वर्षों तक गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विकसित गांव की पहचान नशामुक्त वातावरण, स्वच्छता, पर्याप्त पेयजल उपलब्धता और पर्यावरण संरक्षण से होती है। उन्होंने सरपंचों से पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक करने का आह्वान किया और कहा कि सरकार इस दिशा में विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। *गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने में निभाएं सक्रिय भूमिका* मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि वे अपने गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान करें ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनका बिजली बिल शून्य के करीब पहुंच सके। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब परिवार को आवास की आवश्यकता है तो उसकी जानकारी ग्राम पंचायत सरकार तक पहुंचाएं, ताकि उसे आवास योजना का लाभ मिल सके। *प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का आह्वान* मुख्यमंत्री ने सरपंचों से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और लोगों के स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राकृतिक खेती अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों तथा देसी गाय पालने वाले किसानों को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मोरनी क्षेत्र में हल्दी की खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौते किए गए हैं तथा हल्दी और अदरक की खेती करने वाले किसानों को 45 हजार रुपये तक प्रति एकड़ की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग का प्रभाव अब खाद्य पदार्थों और दूध तक में दिखाई देने लगा है, इसलिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की मांग है। *विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है* मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत का सपना गांवों की चौपालों से ही साकार होगा। जितने जागरूक गांव होंगे, उतना ही मजबूत प्रदेश और देश बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं बना सकती है, बजट उपलब्ध करा सकती है और नीतियां तैयार कर सकती है, लेकिन इतिहास तब बनता है जब जनता स्वयं संकल्प लेकर आगे बढ़ती है। उन्हें विश्वास है कि हरियाणा की पंचायतें, युवा और आमजन मिलकर विकास का नया इतिहास रचेंगे। *सरपंचों ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखे अपने अनुभव, पारदर्शी व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की सराहना की* समारोह के दौरान राज्य के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए सरपंचों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद कर ग्रामीण विकास एवं पंचायत सशक्तिकरण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। महेंद्रगढ़, पिंजौर, पंचकूला, पुंडरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के सरपंचों ने ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में स्थापित की गई ई-लाइब्रेरी युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं, जिनकी बदौलत अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बिना किसी ‘पर्ची-खर्ची’ के सरकारी नौकरियों में चयन का अवसर मिला है। सरपंचों ने यह भी कहा कि पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का विवरण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जाने से पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है। महिला सरपंच कविता चौधरी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे महिलाओं को समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास मिला है। *हरियाणा में पंचायतों और ग्रामीण विकास को मिल रही नई दिशा: पंवार* समारोह को संबोधित करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण विकास, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने तथा गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन उपलब्ध करवाकर गांवों के समग्र विकास को नई गति दी गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को धरातल पर उतारने का कार्य हरियाणा सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 6225 ग्राम पंचायतों में इंडोर जिम, आधुनिक लाइब्रेरी तथा महिला संस्कृति केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए गांव स्तर पर आधुनिक लाइब्रेरी स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हाल ही में हरियाणा के 37 युवाओं के यूपीएससी परीक्षा में चयन को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि गांवों में बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। इसी तरह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी हरियाणा सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के लगभग 633 गांवों में महिला संस्कृति केंद्र खोले जा चुके हैं, जहां महिलाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक और कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि गांवों में भी शहरों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। इसी सोच के तहत गांवों में सिवरेज, सड़कें, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवासीय कॉलोनियों के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों को उच्च स्तरीय जीवन सुविधाएं मिल सकें। *पॉलिथीन का इस्तेमाल ना करे: राव नरबीर सिंह* उपस्थित सरपंचों को संबोधित करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरपंचों को इस दिशा में सरकार का सहयोग करना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण सुरक्षित होगा तो हम सुरक्षित होंगे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। समारोह में शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेन्द्र कुमार, निदेशक श्री अनीश यादव, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव , उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा और पंचायत एवं विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री आशुतोष राजन भी उपस्थित थे।

Panchkula, Panchkula | Jun 9, 2026

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*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली नई मजबूती,नायब सिंह सैनी*
 
*पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार करेंगे काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
 
*कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका*
 
*मोदी ने असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए हासिल: नायब सिंह सैनी*

 पंचकूला/कमल कलसी।
              हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 55 साल देश में राज करने वाली राजनीतिक पार्टी ने देश को जो मजबूत करना था वो नहीं किया। कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को मजबूत करने का काम किया है, उनके नेतृत्व में 12वर्षों के सेवा सुशासन से देश तेजी से बदला है। ग्रामीण परिवेश बदला है, शहर बदले है और देश का विकास हुआ है। पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार काम करेंगे।
              मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित पंचकमल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12वर्षीय कार्यकाल पूरे होने पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, नगर निगम के मेयर, श्याम लाल बंसल, बीजेपी उपाध्यक्ष श्रीमती बन्तो कटारिया, जिला प्रभारी  रवि बतान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे मौजूद थे।
            पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के लोगों ने भारत को बदलते देखा है। हर प्रधानमंत्री ने अपनी इच्छा शक्ति के साथ काम किया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक कार्यकाल दुनियां में भारत की एक नई पहचान लेकर आने वाला कार्यकाल है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री देश के इतिहास में सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं।
            मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अपनी ओर से तथा हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को नमन किया। जिसने पिछले 12 वर्षों में भारत को विश्व की बड़ी शक्तियों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज जी-20, ब्रिक्स, एससीओ और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर प्रभावी रूप से सुनी जाती है तथा देश निर्णायक भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के राष्ट्रीय स्वप्न को साकार किया गया। मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की स्वदेशी तकनीक और हथियारों की शक्ति देखी, जबकि ‘ऑपरेशन महादेव’ के माध्यम से पहलगाम के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा दी गई।
 
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कठोर और प्रभावी निर्णयों के कारण देश को नक्सलमुक्त बनाने का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है तथा आतंकवाद पर कड़ा प्रहार कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक-वन पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और सीएए जैसे अनेक युग-परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता, आदित्य-एल,1 मिशन तथा गगनयान मिशन की तैयारियां भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रमाण हैं।
 
*अर्थव्यवस्था, डिजिटल क्रांति और युवा सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धियां*
 
             मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, जबकि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वैश्विक महामारी, युद्ध, आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में डिजिटल क्रांति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यूपीआई के माध्यम से भारत विश्व में डिजिटल भुगतान का नेतृत्व कर रहा है तथा विश्व के लगभग 56 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन अकेले भारत में हो रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया गया है। वर्ष 2014 में देश में नाममात्र के स्टार्टअप थे, जबकि आज देशभर में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। छोटे शहरों और गांवों से निकलकर युवा वैश्विक स्तर पर नवाचार और उद्यमिता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत छोटे और मझोले व्यापारियों को संबल देने के लिए 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं तथा कुल लाभार्थियों में 75 प्रतिशत महिलाएं हैं।
 
*खेल, कौशल विकास, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। देशभर में 1,045 खेलो इंडिया सेंटर तथा 34 खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की गई हैं, जो 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सरकारी स्कूलों में आईटी, स्वास्थ्य, फैशन और कृषि सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रमों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 600 से अधिक स्कूलों में 1,200 से अधिक व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया से वितरित किए गए हैं। खेलो इंडिया गेम्स के तहत 63 हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं तथा टॉप्स योजना के अंतर्गत 300 एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एशियाई खेल-2022 में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते। राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के तहत भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी तथा वैश्विक खेल शक्ति बनाने की तैयारी की जा रही है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 842 हो गई है। एमबीबीएस की 1,28,976 सीटें तथा पीजी की 85,822 सीटें उपलब्ध हैं।
 
*नारी शक्ति को विकास का केंद्र बनाकर बढ़ाया गया सशक्तिकरण*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र सरकार ने विकास का केंद्र बनाया है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक कदम है। महिलाओं को कौशल विकास के विशेष अवसर प्रदान किए जा रहे हैं तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है तथा वर्ष 2030 तक 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 7 करोड़ 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। सेना, सैनिक स्कूलों तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रमाण है। देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं तथा तकनीक के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देशभर में किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के मान्यता प्राप्त 3 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।
 
*कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा*
 
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। कृषि अवसंरचना, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4.3 लाख करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4.2 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है तथा प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी स्थानीय नुकसान के रूप में कवर किया जा रहा है। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल बिक्री हुई है, जिससे 1,656 मंडियां और 1.8 करोड़ से अधिक किसान सीधे जुड़े हैं। देश के लगभग 8 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान और विश्वसनीय ऋण सुविधा मिल रही है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से भारत पहली बार कृषि निर्यात में दुनिया के शीर्ष-10 देशों में शामिल हुआ है तथा वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि, समुद्री और खाद्य निर्यात में वर्ष 2013-14 की तुलना में एक-तिहाई वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कारण मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 95 लाख टन से बढ़कर लगभग 2 करोड़ टन तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन से शहद उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कृषि अवसंरचना कोष के तहत 48 लाख परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देश में 11 हजार से अधिक एग्री स्टार्टअप्स कार्यरत हैं तथा एग्रीश्योर फंड के माध्यम से तकनीक आधारित कृषि स्टार्टअप्स के लिए 750 करोड़ रुपये की ब्लेंडेड कैपिटल का प्रावधान किया गया है।
 
*बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और नए भारत के निर्माण को मिली गति*
 
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, वंदे भारत ट्रेनों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों का तेजी से विस्तार हुआ है। अटल टनल, पंबन समुद्री पुल, अटल सेतु, सुदर्शन सेतु और बोगीबील पुल जैसे आधुनिक इंजीनियरिंग ढांचों का निर्माण किया गया है। कश्मीर घाटी को दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल ‘चिनाब ब्रिज’ के माध्यम से देश से जोड़ा गया है। पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं तथा सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को पहली बार हवाई संपर्क मिला है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 16,200 किलोमीटर से अधिक हो गई है। देश का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 के 248 किलोमीटर से बढ़कर 1,155 किलोमीटर से अधिक हो गया है तथा मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। देश ने गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए राजपथ को कर्तव्य पथ में परिवर्तित किया है तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित भारतीय नौसेना को नया ध्वज समर्पित किया है। अंग्रेजों के समय के पुराने आपराधिक कानूनों के स्थान पर तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं, जो दंड की बजाय न्याय पर केंद्रित हैं।
 
*प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को मिली विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रही है और उन्हें हरियाणा से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के रूप में वे 17 बार हरियाणा आए और प्रत्येक अवसर पर प्रदेश को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अब तक 1,390 किलोमीटर लंबे 22 राष्ट्रीय राजमार्ग मिले हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ गया है। करनाल जिले के गांव उचानी में 65 एकड़ क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 5 जनवरी को 6,230 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया, जिसकी कुल लंबाई 26 किलोमीटर होगी। फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 625 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त 500 बेड के अस्पताल भवन की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट में लगभग 8,469 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 800 मेगावाट की तीसरी इकाई की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर में 90 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले गोबर-धन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। लगभग 1,069 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया गया। हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का शुभारंभ करते हुए टर्मिनल-3 की आधारशिला रखी गई। हिसार से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं तथा जल्द ही जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। 25 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में निर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन किया गया।
 
*डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा को किया मजबूत*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा भी डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4,148 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया है। किडनी रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के अंतर्गत 1.57 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से 5,337 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों को प्रदान की गई है। हरियाणा में 87,660 घरों को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़कर सोलर सब्सिडी का लाभ पहुंचाया गया है। अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को आरक्षण में उनका अधिकार दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जो वर्ष 2014 में 1,000 रुपये मासिक थी, उसे बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। पिछड़ा वर्ग की क्रीमीलेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया गया है। पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया गया है। प्रदेश के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है तथा अब उनका मासिक वेतन 19,425 रुपये तक किया गया है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,256 प्लॉट तथा 6 शहरों में 4,211 फ्लैट प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-2.0 के तहत ग्राम पंचायतों में 12,561 प्लॉट दिए गए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त 1 लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार सुरक्षा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत गरीब बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन करवाए गए हैं। इसी प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान करवाया गया तथा श्री नांदेड़ साहिब और सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों के माध्यम से भेजा गया है। दयालु योजना के तहत अब तक 74,245 पीड़ित परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि दी जा रही है। प्रदेश के युवाओं ने 10 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए हैं तथा अब तक 1 लाख 58 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
 
 
*किसान, महिला, युवा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हरियाणा की ऐतिहासिक उपलब्धियां*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हरियाणा देश की शान बना हुआ है। देश के कुल पदकों में दो-तिहाई से अधिक योगदान हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा है। राज्य में 16 खेलो इंडिया सेंटर तथा पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। इसी प्रकार राज्य में 441 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लगभग एक लाख विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरियाणा में 50 हजार 85 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण युवाओं और उद्यमियों को बिना गारंटी के उपलब्ध कराए गए हैं। अग्निवीर के शहीद होने पर उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है।
 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9,888 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत हरियाणा के किसानों के खातों में 7,562 करोड़ 47 लाख रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। किसान हित सरकार की नीतियों के केंद्र में है और आज किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल हरियाणा में की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 1.93 लाख सौर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। राष्ट्रीय स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है तथा अब इस योजना को शहरों में भी लागू किया जा रहा है। प्रदेश की सभी तहसीलों में संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन किया गया है। म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 6,038 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन-बेटियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 89 हजार बहन-बेटियों को 1,623 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 14 लाख 42 हजार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 302 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है। हरियाणा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 15 लाख महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में महिलाओं के 67,641 स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं तथा 2.48 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। बहन-बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में खोले गए 82 कॉलेजों में से 31 विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं तथा पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 31 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाया गया है। राज्य में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया है। हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन रेल का सफल परीक्षण किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 3,414 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 तक हरियाणा में केवल 12.15 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 28.45 किलोमीटर का नया मेट्रो नेटवर्क बिछाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में मेट्रो का दायरा 1 शहर से बढ़कर 4 शहरों तक पहुंच चुका है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हिसार हवाई अड्डे से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ता है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली में यातायात का दबाव कम हुआ है तथा हरियाणा की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है।
 
*विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है देश एवं हरियाणा*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हमारे सामने है। यह केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसा भारत है जो गरीबी से मुक्त, तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील, अवसरों में समानता वाला और विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र हो। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की यात्रा यह विश्वास दिलाती है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नीयत साफ हो, नीति प्रभावी हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तब असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह 12 वर्ष नए भारत के उदय की कहानी हैं। यह विकसित भारत के स्वर्णिम भविष्य का उद्घोष है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, वह आने वाले वर्षों में विकसित भारत-2047 के महान लक्ष्य को साकार करने का आधार बनेगी। Part 16

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली नई मजबूती,नायब सिंह सैनी* *पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार करेंगे काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी* *कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका* *मोदी ने असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए हासिल: नायब सिंह सैनी* पंचकूला/कमल कलसी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 55 साल देश में राज करने वाली राजनीतिक पार्टी ने देश को जो मजबूत करना था वो नहीं किया। कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को मजबूत करने का काम किया है, उनके नेतृत्व में 12वर्षों के सेवा सुशासन से देश तेजी से बदला है। ग्रामीण परिवेश बदला है, शहर बदले है और देश का विकास हुआ है। पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार काम करेंगे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित पंचकमल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12वर्षीय कार्यकाल पूरे होने पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, नगर निगम के मेयर, श्याम लाल बंसल, बीजेपी उपाध्यक्ष श्रीमती बन्तो कटारिया, जिला प्रभारी रवि बतान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे मौजूद थे। पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के लोगों ने भारत को बदलते देखा है। हर प्रधानमंत्री ने अपनी इच्छा शक्ति के साथ काम किया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक कार्यकाल दुनियां में भारत की एक नई पहचान लेकर आने वाला कार्यकाल है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री देश के इतिहास में सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अपनी ओर से तथा हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को नमन किया। जिसने पिछले 12 वर्षों में भारत को विश्व की बड़ी शक्तियों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज जी-20, ब्रिक्स, एससीओ और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर प्रभावी रूप से सुनी जाती है तथा देश निर्णायक भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के राष्ट्रीय स्वप्न को साकार किया गया। मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की स्वदेशी तकनीक और हथियारों की शक्ति देखी, जबकि ‘ऑपरेशन महादेव’ के माध्यम से पहलगाम के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा दी गई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कठोर और प्रभावी निर्णयों के कारण देश को नक्सलमुक्त बनाने का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है तथा आतंकवाद पर कड़ा प्रहार कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक-वन पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और सीएए जैसे अनेक युग-परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता, आदित्य-एल,1 मिशन तथा गगनयान मिशन की तैयारियां भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रमाण हैं। *अर्थव्यवस्था, डिजिटल क्रांति और युवा सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धियां* मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, जबकि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वैश्विक महामारी, युद्ध, आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में डिजिटल क्रांति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यूपीआई के माध्यम से भारत विश्व में डिजिटल भुगतान का नेतृत्व कर रहा है तथा विश्व के लगभग 56 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन अकेले भारत में हो रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया गया है। वर्ष 2014 में देश में नाममात्र के स्टार्टअप थे, जबकि आज देशभर में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। छोटे शहरों और गांवों से निकलकर युवा वैश्विक स्तर पर नवाचार और उद्यमिता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत छोटे और मझोले व्यापारियों को संबल देने के लिए 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं तथा कुल लाभार्थियों में 75 प्रतिशत महिलाएं हैं। *खेल, कौशल विकास, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां* मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। देशभर में 1,045 खेलो इंडिया सेंटर तथा 34 खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की गई हैं, जो 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सरकारी स्कूलों में आईटी, स्वास्थ्य, फैशन और कृषि सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रमों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 600 से अधिक स्कूलों में 1,200 से अधिक व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया से वितरित किए गए हैं। खेलो इंडिया गेम्स के तहत 63 हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं तथा टॉप्स योजना के अंतर्गत 300 एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एशियाई खेल-2022 में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते। राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के तहत भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी तथा वैश्विक खेल शक्ति बनाने की तैयारी की जा रही है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 842 हो गई है। एमबीबीएस की 1,28,976 सीटें तथा पीजी की 85,822 सीटें उपलब्ध हैं। *नारी शक्ति को विकास का केंद्र बनाकर बढ़ाया गया सशक्तिकरण* मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र सरकार ने विकास का केंद्र बनाया है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक कदम है। महिलाओं को कौशल विकास के विशेष अवसर प्रदान किए जा रहे हैं तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है तथा वर्ष 2030 तक 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 7 करोड़ 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। सेना, सैनिक स्कूलों तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रमाण है। देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं तथा तकनीक के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देशभर में किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के मान्यता प्राप्त 3 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। *कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा* उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। कृषि अवसंरचना, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4.3 लाख करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4.2 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है तथा प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी स्थानीय नुकसान के रूप में कवर किया जा रहा है। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल बिक्री हुई है, जिससे 1,656 मंडियां और 1.8 करोड़ से अधिक किसान सीधे जुड़े हैं। देश के लगभग 8 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान और विश्वसनीय ऋण सुविधा मिल रही है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से भारत पहली बार कृषि निर्यात में दुनिया के शीर्ष-10 देशों में शामिल हुआ है तथा वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि, समुद्री और खाद्य निर्यात में वर्ष 2013-14 की तुलना में एक-तिहाई वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कारण मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 95 लाख टन से बढ़कर लगभग 2 करोड़ टन तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन से शहद उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कृषि अवसंरचना कोष के तहत 48 लाख परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देश में 11 हजार से अधिक एग्री स्टार्टअप्स कार्यरत हैं तथा एग्रीश्योर फंड के माध्यम से तकनीक आधारित कृषि स्टार्टअप्स के लिए 750 करोड़ रुपये की ब्लेंडेड कैपिटल का प्रावधान किया गया है। *बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और नए भारत के निर्माण को मिली गति* उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, वंदे भारत ट्रेनों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों का तेजी से विस्तार हुआ है। अटल टनल, पंबन समुद्री पुल, अटल सेतु, सुदर्शन सेतु और बोगीबील पुल जैसे आधुनिक इंजीनियरिंग ढांचों का निर्माण किया गया है। कश्मीर घाटी को दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल ‘चिनाब ब्रिज’ के माध्यम से देश से जोड़ा गया है। पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं तथा सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को पहली बार हवाई संपर्क मिला है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 16,200 किलोमीटर से अधिक हो गई है। देश का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 के 248 किलोमीटर से बढ़कर 1,155 किलोमीटर से अधिक हो गया है तथा मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। देश ने गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए राजपथ को कर्तव्य पथ में परिवर्तित किया है तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित भारतीय नौसेना को नया ध्वज समर्पित किया है। अंग्रेजों के समय के पुराने आपराधिक कानूनों के स्थान पर तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं, जो दंड की बजाय न्याय पर केंद्रित हैं। *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को मिली विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात* मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रही है और उन्हें हरियाणा से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के रूप में वे 17 बार हरियाणा आए और प्रत्येक अवसर पर प्रदेश को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अब तक 1,390 किलोमीटर लंबे 22 राष्ट्रीय राजमार्ग मिले हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ गया है। करनाल जिले के गांव उचानी में 65 एकड़ क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 5 जनवरी को 6,230 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया, जिसकी कुल लंबाई 26 किलोमीटर होगी। फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 625 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त 500 बेड के अस्पताल भवन की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट में लगभग 8,469 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 800 मेगावाट की तीसरी इकाई की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर में 90 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले गोबर-धन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। लगभग 1,069 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया गया। हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का शुभारंभ करते हुए टर्मिनल-3 की आधारशिला रखी गई। हिसार से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं तथा जल्द ही जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। 25 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में निर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन किया गया। *डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा को किया मजबूत* मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा भी डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4,148 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया है। किडनी रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के अंतर्गत 1.57 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से 5,337 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों को प्रदान की गई है। हरियाणा में 87,660 घरों को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़कर सोलर सब्सिडी का लाभ पहुंचाया गया है। अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को आरक्षण में उनका अधिकार दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जो वर्ष 2014 में 1,000 रुपये मासिक थी, उसे बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। पिछड़ा वर्ग की क्रीमीलेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया गया है। पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया गया है। प्रदेश के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है तथा अब उनका मासिक वेतन 19,425 रुपये तक किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,256 प्लॉट तथा 6 शहरों में 4,211 फ्लैट प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-2.0 के तहत ग्राम पंचायतों में 12,561 प्लॉट दिए गए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त 1 लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार सुरक्षा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत गरीब बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन करवाए गए हैं। इसी प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान करवाया गया तथा श्री नांदेड़ साहिब और सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों के माध्यम से भेजा गया है। दयालु योजना के तहत अब तक 74,245 पीड़ित परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि दी जा रही है। प्रदेश के युवाओं ने 10 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए हैं तथा अब तक 1 लाख 58 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। *किसान, महिला, युवा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हरियाणा की ऐतिहासिक उपलब्धियां* मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हरियाणा देश की शान बना हुआ है। देश के कुल पदकों में दो-तिहाई से अधिक योगदान हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा है। राज्य में 16 खेलो इंडिया सेंटर तथा पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। इसी प्रकार राज्य में 441 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लगभग एक लाख विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरियाणा में 50 हजार 85 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण युवाओं और उद्यमियों को बिना गारंटी के उपलब्ध कराए गए हैं। अग्निवीर के शहीद होने पर उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9,888 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत हरियाणा के किसानों के खातों में 7,562 करोड़ 47 लाख रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। किसान हित सरकार की नीतियों के केंद्र में है और आज किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल हरियाणा में की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 1.93 लाख सौर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। राष्ट्रीय स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है तथा अब इस योजना को शहरों में भी लागू किया जा रहा है। प्रदेश की सभी तहसीलों में संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन किया गया है। म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 6,038 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन-बेटियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 89 हजार बहन-बेटियों को 1,623 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 14 लाख 42 हजार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 302 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है। हरियाणा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 15 लाख महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में महिलाओं के 67,641 स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं तथा 2.48 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। बहन-बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में खोले गए 82 कॉलेजों में से 31 विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं तथा पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 31 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाया गया है। राज्य में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया है। हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन रेल का सफल परीक्षण किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 3,414 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 तक हरियाणा में केवल 12.15 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 28.45 किलोमीटर का नया मेट्रो नेटवर्क बिछाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में मेट्रो का दायरा 1 शहर से बढ़कर 4 शहरों तक पहुंच चुका है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हिसार हवाई अड्डे से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ता है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली में यातायात का दबाव कम हुआ है तथा हरियाणा की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है। *विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है देश एवं हरियाणा* मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हमारे सामने है। यह केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसा भारत है जो गरीबी से मुक्त, तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील, अवसरों में समानता वाला और विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र हो। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की यात्रा यह विश्वास दिलाती है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नीयत साफ हो, नीति प्रभावी हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तब असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह 12 वर्ष नए भारत के उदय की कहानी हैं। यह विकसित भारत के स्वर्णिम भविष्य का उद्घोष है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, वह आने वाले वर्षों में विकसित भारत-2047 के महान लक्ष्य को साकार करने का आधार बनेगी। Part 16

Panchkula, Panchkula | Jun 13, 2026

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली नई मजबूती,नायब सिंह सैनी*
 
*पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार करेंगे काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
 
*कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका*
 
*मोदी ने असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए हासिल: नायब सिंह सैनी*

 पंचकूला/कमल कलसी।
              हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 55 साल देश में राज करने वाली राजनीतिक पार्टी ने देश को जो मजबूत करना था वो नहीं किया। कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को मजबूत करने का काम किया है, उनके नेतृत्व में 12वर्षों के सेवा सुशासन से देश तेजी से बदला है। ग्रामीण परिवेश बदला है, शहर बदले है और देश का विकास हुआ है। पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार काम करेंगे।
              मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित पंचकमल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12वर्षीय कार्यकाल पूरे होने पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, नगर निगम के मेयर, श्याम लाल बंसल, बीजेपी उपाध्यक्ष श्रीमती बन्तो कटारिया, जिला प्रभारी  रवि बतान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे मौजूद थे।
            पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के लोगों ने भारत को बदलते देखा है। हर प्रधानमंत्री ने अपनी इच्छा शक्ति के साथ काम किया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक कार्यकाल दुनियां में भारत की एक नई पहचान लेकर आने वाला कार्यकाल है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री देश के इतिहास में सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं।
            मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अपनी ओर से तथा हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को नमन किया। जिसने पिछले 12 वर्षों में भारत को विश्व की बड़ी शक्तियों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज जी-20, ब्रिक्स, एससीओ और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर प्रभावी रूप से सुनी जाती है तथा देश निर्णायक भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के राष्ट्रीय स्वप्न को साकार किया गया। मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की स्वदेशी तकनीक और हथियारों की शक्ति देखी, जबकि ‘ऑपरेशन महादेव’ के माध्यम से पहलगाम के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा दी गई।
 
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कठोर और प्रभावी निर्णयों के कारण देश को नक्सलमुक्त बनाने का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है तथा आतंकवाद पर कड़ा प्रहार कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक-वन पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और सीएए जैसे अनेक युग-परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता, आदित्य-एल,1 मिशन तथा गगनयान मिशन की तैयारियां भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रमाण हैं।
 
*अर्थव्यवस्था, डिजिटल क्रांति और युवा सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धियां*
 
             मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, जबकि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वैश्विक महामारी, युद्ध, आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में डिजिटल क्रांति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यूपीआई के माध्यम से भारत विश्व में डिजिटल भुगतान का नेतृत्व कर रहा है तथा विश्व के लगभग 56 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन अकेले भारत में हो रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया गया है। वर्ष 2014 में देश में नाममात्र के स्टार्टअप थे, जबकि आज देशभर में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। छोटे शहरों और गांवों से निकलकर युवा वैश्विक स्तर पर नवाचार और उद्यमिता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत छोटे और मझोले व्यापारियों को संबल देने के लिए 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं तथा कुल लाभार्थियों में 75 प्रतिशत महिलाएं हैं।
 
*खेल, कौशल विकास, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। देशभर में 1,045 खेलो इंडिया सेंटर तथा 34 खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की गई हैं, जो 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सरकारी स्कूलों में आईटी, स्वास्थ्य, फैशन और कृषि सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रमों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 600 से अधिक स्कूलों में 1,200 से अधिक व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया से वितरित किए गए हैं। खेलो इंडिया गेम्स के तहत 63 हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं तथा टॉप्स योजना के अंतर्गत 300 एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एशियाई खेल-2022 में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते। राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के तहत भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी तथा वैश्विक खेल शक्ति बनाने की तैयारी की जा रही है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 842 हो गई है। एमबीबीएस की 1,28,976 सीटें तथा पीजी की 85,822 सीटें उपलब्ध हैं।
 
*नारी शक्ति को विकास का केंद्र बनाकर बढ़ाया गया सशक्तिकरण*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र सरकार ने विकास का केंद्र बनाया है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक कदम है। महिलाओं को कौशल विकास के विशेष अवसर प्रदान किए जा रहे हैं तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है तथा वर्ष 2030 तक 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 7 करोड़ 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। सेना, सैनिक स्कूलों तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रमाण है। देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं तथा तकनीक के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देशभर में किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के मान्यता प्राप्त 3 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।
 
*कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा*
 
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। कृषि अवसंरचना, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4.3 लाख करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4.2 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है तथा प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी स्थानीय नुकसान के रूप में कवर किया जा रहा है। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल बिक्री हुई है, जिससे 1,656 मंडियां और 1.8 करोड़ से अधिक किसान सीधे जुड़े हैं। देश के लगभग 8 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान और विश्वसनीय ऋण सुविधा मिल रही है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से भारत पहली बार कृषि निर्यात में दुनिया के शीर्ष-10 देशों में शामिल हुआ है तथा वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि, समुद्री और खाद्य निर्यात में वर्ष 2013-14 की तुलना में एक-तिहाई वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कारण मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 95 लाख टन से बढ़कर लगभग 2 करोड़ टन तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन से शहद उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कृषि अवसंरचना कोष के तहत 48 लाख परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देश में 11 हजार से अधिक एग्री स्टार्टअप्स कार्यरत हैं तथा एग्रीश्योर फंड के माध्यम से तकनीक आधारित कृषि स्टार्टअप्स के लिए 750 करोड़ रुपये की ब्लेंडेड कैपिटल का प्रावधान किया गया है।
 
*बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और नए भारत के निर्माण को मिली गति*
 
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, वंदे भारत ट्रेनों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों का तेजी से विस्तार हुआ है। अटल टनल, पंबन समुद्री पुल, अटल सेतु, सुदर्शन सेतु और बोगीबील पुल जैसे आधुनिक इंजीनियरिंग ढांचों का निर्माण किया गया है। कश्मीर घाटी को दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल ‘चिनाब ब्रिज’ के माध्यम से देश से जोड़ा गया है। पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं तथा सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को पहली बार हवाई संपर्क मिला है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 16,200 किलोमीटर से अधिक हो गई है। देश का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 के 248 किलोमीटर से बढ़कर 1,155 किलोमीटर से अधिक हो गया है तथा मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। देश ने गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए राजपथ को कर्तव्य पथ में परिवर्तित किया है तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित भारतीय नौसेना को नया ध्वज समर्पित किया है। अंग्रेजों के समय के पुराने आपराधिक कानूनों के स्थान पर तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं, जो दंड की बजाय न्याय पर केंद्रित हैं।
 
*प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को मिली विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रही है और उन्हें हरियाणा से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के रूप में वे 17 बार हरियाणा आए और प्रत्येक अवसर पर प्रदेश को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अब तक 1,390 किलोमीटर लंबे 22 राष्ट्रीय राजमार्ग मिले हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ गया है। करनाल जिले के गांव उचानी में 65 एकड़ क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 5 जनवरी को 6,230 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया, जिसकी कुल लंबाई 26 किलोमीटर होगी। फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 625 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त 500 बेड के अस्पताल भवन की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट में लगभग 8,469 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 800 मेगावाट की तीसरी इकाई की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर में 90 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले गोबर-धन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। लगभग 1,069 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया गया। हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का शुभारंभ करते हुए टर्मिनल-3 की आधारशिला रखी गई। हिसार से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं तथा जल्द ही जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। 25 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में निर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन किया गया।
 
*डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा को किया मजबूत*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा भी डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4,148 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया है। किडनी रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के अंतर्गत 1.57 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से 5,337 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों को प्रदान की गई है। हरियाणा में 87,660 घरों को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़कर सोलर सब्सिडी का लाभ पहुंचाया गया है। अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को आरक्षण में उनका अधिकार दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जो वर्ष 2014 में 1,000 रुपये मासिक थी, उसे बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। पिछड़ा वर्ग की क्रीमीलेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया गया है। पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया गया है। प्रदेश के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है तथा अब उनका मासिक वेतन 19,425 रुपये तक किया गया है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,256 प्लॉट तथा 6 शहरों में 4,211 फ्लैट प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-2.0 के तहत ग्राम पंचायतों में 12,561 प्लॉट दिए गए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त 1 लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार सुरक्षा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत गरीब बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन करवाए गए हैं। इसी प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान करवाया गया तथा श्री नांदेड़ साहिब और सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों के माध्यम से भेजा गया है। दयालु योजना के तहत अब तक 74,245 पीड़ित परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि दी जा रही है। प्रदेश के युवाओं ने 10 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए हैं तथा अब तक 1 लाख 58 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
 
 
*किसान, महिला, युवा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हरियाणा की ऐतिहासिक उपलब्धियां*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हरियाणा देश की शान बना हुआ है। देश के कुल पदकों में दो-तिहाई से अधिक योगदान हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा है। राज्य में 16 खेलो इंडिया सेंटर तथा पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। इसी प्रकार राज्य में 441 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लगभग एक लाख विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरियाणा में 50 हजार 85 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण युवाओं और उद्यमियों को बिना गारंटी के उपलब्ध कराए गए हैं। अग्निवीर के शहीद होने पर उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है।
 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9,888 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत हरियाणा के किसानों के खातों में 7,562 करोड़ 47 लाख रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। किसान हित सरकार की नीतियों के केंद्र में है और आज किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल हरियाणा में की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 1.93 लाख सौर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। राष्ट्रीय स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है तथा अब इस योजना को शहरों में भी लागू किया जा रहा है। प्रदेश की सभी तहसीलों में संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन किया गया है। म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 6,038 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन-बेटियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 89 हजार बहन-बेटियों को 1,623 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 14 लाख 42 हजार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 302 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है। हरियाणा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 15 लाख महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में महिलाओं के 67,641 स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं तथा 2.48 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। बहन-बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में खोले गए 82 कॉलेजों में से 31 विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं तथा पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 31 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाया गया है। राज्य में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया है। हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन रेल का सफल परीक्षण किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 3,414 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 तक हरियाणा में केवल 12.15 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 28.45 किलोमीटर का नया मेट्रो नेटवर्क बिछाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में मेट्रो का दायरा 1 शहर से बढ़कर 4 शहरों तक पहुंच चुका है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हिसार हवाई अड्डे से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ता है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली में यातायात का दबाव कम हुआ है तथा हरियाणा की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है।
 
*विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है देश एवं हरियाणा*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हमारे सामने है। यह केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसा भारत है जो गरीबी से मुक्त, तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील, अवसरों में समानता वाला और विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र हो। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की यात्रा यह विश्वास दिलाती है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नीयत साफ हो, नीति प्रभावी हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तब असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह 12 वर्ष नए भारत के उदय की कहानी हैं। यह विकसित भारत के स्वर्णिम भविष्य का उद्घोष है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, वह आने वाले वर्षों में विकसित भारत-2047 के महान लक्ष्य को साकार करने का आधार बनेगी। Part 17

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली नई मजबूती,नायब सिंह सैनी* *पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार करेंगे काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी* *कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका* *मोदी ने असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए हासिल: नायब सिंह सैनी* पंचकूला/कमल कलसी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 55 साल देश में राज करने वाली राजनीतिक पार्टी ने देश को जो मजबूत करना था वो नहीं किया। कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को मजबूत करने का काम किया है, उनके नेतृत्व में 12वर्षों के सेवा सुशासन से देश तेजी से बदला है। ग्रामीण परिवेश बदला है, शहर बदले है और देश का विकास हुआ है। पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार काम करेंगे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित पंचकमल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12वर्षीय कार्यकाल पूरे होने पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, नगर निगम के मेयर, श्याम लाल बंसल, बीजेपी उपाध्यक्ष श्रीमती बन्तो कटारिया, जिला प्रभारी रवि बतान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे मौजूद थे। पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के लोगों ने भारत को बदलते देखा है। हर प्रधानमंत्री ने अपनी इच्छा शक्ति के साथ काम किया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक कार्यकाल दुनियां में भारत की एक नई पहचान लेकर आने वाला कार्यकाल है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री देश के इतिहास में सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अपनी ओर से तथा हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को नमन किया। जिसने पिछले 12 वर्षों में भारत को विश्व की बड़ी शक्तियों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज जी-20, ब्रिक्स, एससीओ और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर प्रभावी रूप से सुनी जाती है तथा देश निर्णायक भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के राष्ट्रीय स्वप्न को साकार किया गया। मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की स्वदेशी तकनीक और हथियारों की शक्ति देखी, जबकि ‘ऑपरेशन महादेव’ के माध्यम से पहलगाम के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा दी गई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कठोर और प्रभावी निर्णयों के कारण देश को नक्सलमुक्त बनाने का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है तथा आतंकवाद पर कड़ा प्रहार कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक-वन पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और सीएए जैसे अनेक युग-परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता, आदित्य-एल,1 मिशन तथा गगनयान मिशन की तैयारियां भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रमाण हैं। *अर्थव्यवस्था, डिजिटल क्रांति और युवा सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धियां* मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, जबकि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वैश्विक महामारी, युद्ध, आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में डिजिटल क्रांति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यूपीआई के माध्यम से भारत विश्व में डिजिटल भुगतान का नेतृत्व कर रहा है तथा विश्व के लगभग 56 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन अकेले भारत में हो रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया गया है। वर्ष 2014 में देश में नाममात्र के स्टार्टअप थे, जबकि आज देशभर में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। छोटे शहरों और गांवों से निकलकर युवा वैश्विक स्तर पर नवाचार और उद्यमिता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत छोटे और मझोले व्यापारियों को संबल देने के लिए 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं तथा कुल लाभार्थियों में 75 प्रतिशत महिलाएं हैं। *खेल, कौशल विकास, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां* मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। देशभर में 1,045 खेलो इंडिया सेंटर तथा 34 खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की गई हैं, जो 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सरकारी स्कूलों में आईटी, स्वास्थ्य, फैशन और कृषि सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रमों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 600 से अधिक स्कूलों में 1,200 से अधिक व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया से वितरित किए गए हैं। खेलो इंडिया गेम्स के तहत 63 हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं तथा टॉप्स योजना के अंतर्गत 300 एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एशियाई खेल-2022 में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते। राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के तहत भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी तथा वैश्विक खेल शक्ति बनाने की तैयारी की जा रही है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 842 हो गई है। एमबीबीएस की 1,28,976 सीटें तथा पीजी की 85,822 सीटें उपलब्ध हैं। *नारी शक्ति को विकास का केंद्र बनाकर बढ़ाया गया सशक्तिकरण* मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र सरकार ने विकास का केंद्र बनाया है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक कदम है। महिलाओं को कौशल विकास के विशेष अवसर प्रदान किए जा रहे हैं तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है तथा वर्ष 2030 तक 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 7 करोड़ 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। सेना, सैनिक स्कूलों तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रमाण है। देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं तथा तकनीक के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देशभर में किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के मान्यता प्राप्त 3 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। *कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा* उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। कृषि अवसंरचना, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4.3 लाख करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4.2 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है तथा प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी स्थानीय नुकसान के रूप में कवर किया जा रहा है। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल बिक्री हुई है, जिससे 1,656 मंडियां और 1.8 करोड़ से अधिक किसान सीधे जुड़े हैं। देश के लगभग 8 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान और विश्वसनीय ऋण सुविधा मिल रही है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से भारत पहली बार कृषि निर्यात में दुनिया के शीर्ष-10 देशों में शामिल हुआ है तथा वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि, समुद्री और खाद्य निर्यात में वर्ष 2013-14 की तुलना में एक-तिहाई वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कारण मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 95 लाख टन से बढ़कर लगभग 2 करोड़ टन तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन से शहद उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कृषि अवसंरचना कोष के तहत 48 लाख परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देश में 11 हजार से अधिक एग्री स्टार्टअप्स कार्यरत हैं तथा एग्रीश्योर फंड के माध्यम से तकनीक आधारित कृषि स्टार्टअप्स के लिए 750 करोड़ रुपये की ब्लेंडेड कैपिटल का प्रावधान किया गया है। *बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और नए भारत के निर्माण को मिली गति* उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, वंदे भारत ट्रेनों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों का तेजी से विस्तार हुआ है। अटल टनल, पंबन समुद्री पुल, अटल सेतु, सुदर्शन सेतु और बोगीबील पुल जैसे आधुनिक इंजीनियरिंग ढांचों का निर्माण किया गया है। कश्मीर घाटी को दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल ‘चिनाब ब्रिज’ के माध्यम से देश से जोड़ा गया है। पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं तथा सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को पहली बार हवाई संपर्क मिला है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 16,200 किलोमीटर से अधिक हो गई है। देश का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 के 248 किलोमीटर से बढ़कर 1,155 किलोमीटर से अधिक हो गया है तथा मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। देश ने गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए राजपथ को कर्तव्य पथ में परिवर्तित किया है तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित भारतीय नौसेना को नया ध्वज समर्पित किया है। अंग्रेजों के समय के पुराने आपराधिक कानूनों के स्थान पर तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं, जो दंड की बजाय न्याय पर केंद्रित हैं। *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को मिली विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात* मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रही है और उन्हें हरियाणा से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के रूप में वे 17 बार हरियाणा आए और प्रत्येक अवसर पर प्रदेश को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अब तक 1,390 किलोमीटर लंबे 22 राष्ट्रीय राजमार्ग मिले हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ गया है। करनाल जिले के गांव उचानी में 65 एकड़ क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 5 जनवरी को 6,230 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया, जिसकी कुल लंबाई 26 किलोमीटर होगी। फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 625 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त 500 बेड के अस्पताल भवन की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट में लगभग 8,469 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 800 मेगावाट की तीसरी इकाई की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर में 90 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले गोबर-धन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। लगभग 1,069 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया गया। हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का शुभारंभ करते हुए टर्मिनल-3 की आधारशिला रखी गई। हिसार से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं तथा जल्द ही जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। 25 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में निर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन किया गया। *डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा को किया मजबूत* मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा भी डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4,148 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया है। किडनी रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के अंतर्गत 1.57 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से 5,337 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों को प्रदान की गई है। हरियाणा में 87,660 घरों को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़कर सोलर सब्सिडी का लाभ पहुंचाया गया है। अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को आरक्षण में उनका अधिकार दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जो वर्ष 2014 में 1,000 रुपये मासिक थी, उसे बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। पिछड़ा वर्ग की क्रीमीलेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया गया है। पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया गया है। प्रदेश के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है तथा अब उनका मासिक वेतन 19,425 रुपये तक किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,256 प्लॉट तथा 6 शहरों में 4,211 फ्लैट प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-2.0 के तहत ग्राम पंचायतों में 12,561 प्लॉट दिए गए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त 1 लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार सुरक्षा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत गरीब बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन करवाए गए हैं। इसी प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान करवाया गया तथा श्री नांदेड़ साहिब और सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों के माध्यम से भेजा गया है। दयालु योजना के तहत अब तक 74,245 पीड़ित परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि दी जा रही है। प्रदेश के युवाओं ने 10 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए हैं तथा अब तक 1 लाख 58 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। *किसान, महिला, युवा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हरियाणा की ऐतिहासिक उपलब्धियां* मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हरियाणा देश की शान बना हुआ है। देश के कुल पदकों में दो-तिहाई से अधिक योगदान हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा है। राज्य में 16 खेलो इंडिया सेंटर तथा पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। इसी प्रकार राज्य में 441 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लगभग एक लाख विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरियाणा में 50 हजार 85 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण युवाओं और उद्यमियों को बिना गारंटी के उपलब्ध कराए गए हैं। अग्निवीर के शहीद होने पर उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9,888 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत हरियाणा के किसानों के खातों में 7,562 करोड़ 47 लाख रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। किसान हित सरकार की नीतियों के केंद्र में है और आज किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल हरियाणा में की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 1.93 लाख सौर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। राष्ट्रीय स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है तथा अब इस योजना को शहरों में भी लागू किया जा रहा है। प्रदेश की सभी तहसीलों में संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन किया गया है। म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 6,038 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन-बेटियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 89 हजार बहन-बेटियों को 1,623 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 14 लाख 42 हजार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 302 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है। हरियाणा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 15 लाख महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में महिलाओं के 67,641 स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं तथा 2.48 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। बहन-बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में खोले गए 82 कॉलेजों में से 31 विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं तथा पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 31 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाया गया है। राज्य में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया है। हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन रेल का सफल परीक्षण किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 3,414 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 तक हरियाणा में केवल 12.15 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 28.45 किलोमीटर का नया मेट्रो नेटवर्क बिछाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में मेट्रो का दायरा 1 शहर से बढ़कर 4 शहरों तक पहुंच चुका है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हिसार हवाई अड्डे से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ता है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली में यातायात का दबाव कम हुआ है तथा हरियाणा की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है। *विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है देश एवं हरियाणा* मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हमारे सामने है। यह केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसा भारत है जो गरीबी से मुक्त, तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील, अवसरों में समानता वाला और विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र हो। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की यात्रा यह विश्वास दिलाती है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नीयत साफ हो, नीति प्रभावी हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तब असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह 12 वर्ष नए भारत के उदय की कहानी हैं। यह विकसित भारत के स्वर्णिम भविष्य का उद्घोष है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, वह आने वाले वर्षों में विकसित भारत-2047 के महान लक्ष्य को साकार करने का आधार बनेगी। Part 17

Panchkula, Panchkula | Jun 13, 2026

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली नई मजबूती,नायब सिंह सैनी*
 
*पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार करेंगे काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
 
*कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका*
 
*मोदी ने असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए हासिल: नायब सिंह सैनी*

 पंचकूला/कमल कलसी।
              हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 55 साल देश में राज करने वाली राजनीतिक पार्टी ने देश को जो मजबूत करना था वो नहीं किया। कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को मजबूत करने का काम किया है, उनके नेतृत्व में 12वर्षों के सेवा सुशासन से देश तेजी से बदला है। ग्रामीण परिवेश बदला है, शहर बदले है और देश का विकास हुआ है। पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार काम करेंगे।
              मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित पंचकमल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12वर्षीय कार्यकाल पूरे होने पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, नगर निगम के मेयर, श्याम लाल बंसल, बीजेपी उपाध्यक्ष श्रीमती बन्तो कटारिया, जिला प्रभारी  रवि बतान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे मौजूद थे।
            पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के लोगों ने भारत को बदलते देखा है। हर प्रधानमंत्री ने अपनी इच्छा शक्ति के साथ काम किया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक कार्यकाल दुनियां में भारत की एक नई पहचान लेकर आने वाला कार्यकाल है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री देश के इतिहास में सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं।
            मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अपनी ओर से तथा हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को नमन किया। जिसने पिछले 12 वर्षों में भारत को विश्व की बड़ी शक्तियों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज जी-20, ब्रिक्स, एससीओ और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर प्रभावी रूप से सुनी जाती है तथा देश निर्णायक भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के राष्ट्रीय स्वप्न को साकार किया गया। मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की स्वदेशी तकनीक और हथियारों की शक्ति देखी, जबकि ‘ऑपरेशन महादेव’ के माध्यम से पहलगाम के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा दी गई।
 
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कठोर और प्रभावी निर्णयों के कारण देश को नक्सलमुक्त बनाने का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है तथा आतंकवाद पर कड़ा प्रहार कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक-वन पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और सीएए जैसे अनेक युग-परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता, आदित्य-एल,1 मिशन तथा गगनयान मिशन की तैयारियां भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रमाण हैं।
 
*अर्थव्यवस्था, डिजिटल क्रांति और युवा सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धियां*
 
             मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, जबकि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वैश्विक महामारी, युद्ध, आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में डिजिटल क्रांति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यूपीआई के माध्यम से भारत विश्व में डिजिटल भुगतान का नेतृत्व कर रहा है तथा विश्व के लगभग 56 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन अकेले भारत में हो रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया गया है। वर्ष 2014 में देश में नाममात्र के स्टार्टअप थे, जबकि आज देशभर में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। छोटे शहरों और गांवों से निकलकर युवा वैश्विक स्तर पर नवाचार और उद्यमिता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत छोटे और मझोले व्यापारियों को संबल देने के लिए 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं तथा कुल लाभार्थियों में 75 प्रतिशत महिलाएं हैं।
 
*खेल, कौशल विकास, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। देशभर में 1,045 खेलो इंडिया सेंटर तथा 34 खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की गई हैं, जो 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सरकारी स्कूलों में आईटी, स्वास्थ्य, फैशन और कृषि सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रमों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 600 से अधिक स्कूलों में 1,200 से अधिक व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया से वितरित किए गए हैं। खेलो इंडिया गेम्स के तहत 63 हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं तथा टॉप्स योजना के अंतर्गत 300 एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एशियाई खेल-2022 में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते। राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के तहत भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी तथा वैश्विक खेल शक्ति बनाने की तैयारी की जा रही है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 842 हो गई है। एमबीबीएस की 1,28,976 सीटें तथा पीजी की 85,822 सीटें उपलब्ध हैं।
 
*नारी शक्ति को विकास का केंद्र बनाकर बढ़ाया गया सशक्तिकरण*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र सरकार ने विकास का केंद्र बनाया है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक कदम है। महिलाओं को कौशल विकास के विशेष अवसर प्रदान किए जा रहे हैं तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है तथा वर्ष 2030 तक 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 7 करोड़ 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। सेना, सैनिक स्कूलों तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रमाण है। देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं तथा तकनीक के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देशभर में किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के मान्यता प्राप्त 3 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।
 
*कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा*
 
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। कृषि अवसंरचना, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4.3 लाख करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4.2 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है तथा प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी स्थानीय नुकसान के रूप में कवर किया जा रहा है। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल बिक्री हुई है, जिससे 1,656 मंडियां और 1.8 करोड़ से अधिक किसान सीधे जुड़े हैं। देश के लगभग 8 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान और विश्वसनीय ऋण सुविधा मिल रही है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से भारत पहली बार कृषि निर्यात में दुनिया के शीर्ष-10 देशों में शामिल हुआ है तथा वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि, समुद्री और खाद्य निर्यात में वर्ष 2013-14 की तुलना में एक-तिहाई वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कारण मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 95 लाख टन से बढ़कर लगभग 2 करोड़ टन तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन से शहद उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कृषि अवसंरचना कोष के तहत 48 लाख परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देश में 11 हजार से अधिक एग्री स्टार्टअप्स कार्यरत हैं तथा एग्रीश्योर फंड के माध्यम से तकनीक आधारित कृषि स्टार्टअप्स के लिए 750 करोड़ रुपये की ब्लेंडेड कैपिटल का प्रावधान किया गया है।
 
*बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और नए भारत के निर्माण को मिली गति*
 
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, वंदे भारत ट्रेनों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों का तेजी से विस्तार हुआ है। अटल टनल, पंबन समुद्री पुल, अटल सेतु, सुदर्शन सेतु और बोगीबील पुल जैसे आधुनिक इंजीनियरिंग ढांचों का निर्माण किया गया है। कश्मीर घाटी को दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल ‘चिनाब ब्रिज’ के माध्यम से देश से जोड़ा गया है। पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं तथा सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को पहली बार हवाई संपर्क मिला है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 16,200 किलोमीटर से अधिक हो गई है। देश का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 के 248 किलोमीटर से बढ़कर 1,155 किलोमीटर से अधिक हो गया है तथा मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। देश ने गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए राजपथ को कर्तव्य पथ में परिवर्तित किया है तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित भारतीय नौसेना को नया ध्वज समर्पित किया है। अंग्रेजों के समय के पुराने आपराधिक कानूनों के स्थान पर तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं, जो दंड की बजाय न्याय पर केंद्रित हैं।
 
*प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को मिली विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रही है और उन्हें हरियाणा से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के रूप में वे 17 बार हरियाणा आए और प्रत्येक अवसर पर प्रदेश को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अब तक 1,390 किलोमीटर लंबे 22 राष्ट्रीय राजमार्ग मिले हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ गया है। करनाल जिले के गांव उचानी में 65 एकड़ क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 5 जनवरी को 6,230 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया, जिसकी कुल लंबाई 26 किलोमीटर होगी। फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 625 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त 500 बेड के अस्पताल भवन की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट में लगभग 8,469 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 800 मेगावाट की तीसरी इकाई की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर में 90 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले गोबर-धन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। लगभग 1,069 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया गया। हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का शुभारंभ करते हुए टर्मिनल-3 की आधारशिला रखी गई। हिसार से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं तथा जल्द ही जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। 25 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में निर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन किया गया।
 
*डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा को किया मजबूत*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा भी डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4,148 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया है। किडनी रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के अंतर्गत 1.57 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से 5,337 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों को प्रदान की गई है। हरियाणा में 87,660 घरों को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़कर सोलर सब्सिडी का लाभ पहुंचाया गया है। अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को आरक्षण में उनका अधिकार दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जो वर्ष 2014 में 1,000 रुपये मासिक थी, उसे बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। पिछड़ा वर्ग की क्रीमीलेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया गया है। पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया गया है। प्रदेश के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है तथा अब उनका मासिक वेतन 19,425 रुपये तक किया गया है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,256 प्लॉट तथा 6 शहरों में 4,211 फ्लैट प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-2.0 के तहत ग्राम पंचायतों में 12,561 प्लॉट दिए गए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त 1 लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार सुरक्षा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत गरीब बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन करवाए गए हैं। इसी प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान करवाया गया तथा श्री नांदेड़ साहिब और सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों के माध्यम से भेजा गया है। दयालु योजना के तहत अब तक 74,245 पीड़ित परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि दी जा रही है। प्रदेश के युवाओं ने 10 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए हैं तथा अब तक 1 लाख 58 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
 
 
*किसान, महिला, युवा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हरियाणा की ऐतिहासिक उपलब्धियां*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हरियाणा देश की शान बना हुआ है। देश के कुल पदकों में दो-तिहाई से अधिक योगदान हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा है। राज्य में 16 खेलो इंडिया सेंटर तथा पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। इसी प्रकार राज्य में 441 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लगभग एक लाख विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरियाणा में 50 हजार 85 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण युवाओं और उद्यमियों को बिना गारंटी के उपलब्ध कराए गए हैं। अग्निवीर के शहीद होने पर उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है।
 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9,888 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत हरियाणा के किसानों के खातों में 7,562 करोड़ 47 लाख रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। किसान हित सरकार की नीतियों के केंद्र में है और आज किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल हरियाणा में की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 1.93 लाख सौर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। राष्ट्रीय स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है तथा अब इस योजना को शहरों में भी लागू किया जा रहा है। प्रदेश की सभी तहसीलों में संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन किया गया है। म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 6,038 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन-बेटियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 89 हजार बहन-बेटियों को 1,623 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 14 लाख 42 हजार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 302 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है। हरियाणा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 15 लाख महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में महिलाओं के 67,641 स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं तथा 2.48 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। बहन-बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में खोले गए 82 कॉलेजों में से 31 विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं तथा पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 31 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाया गया है। राज्य में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया है। हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन रेल का सफल परीक्षण किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 3,414 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 तक हरियाणा में केवल 12.15 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 28.45 किलोमीटर का नया मेट्रो नेटवर्क बिछाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में मेट्रो का दायरा 1 शहर से बढ़कर 4 शहरों तक पहुंच चुका है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हिसार हवाई अड्डे से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ता है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली में यातायात का दबाव कम हुआ है तथा हरियाणा की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है।
 
*विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है देश एवं हरियाणा*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हमारे सामने है। यह केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसा भारत है जो गरीबी से मुक्त, तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील, अवसरों में समानता वाला और विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र हो। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की यात्रा यह विश्वास दिलाती है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नीयत साफ हो, नीति प्रभावी हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तब असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह 12 वर्ष नए भारत के उदय की कहानी हैं। यह विकसित भारत के स्वर्णिम भविष्य का उद्घोष है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, वह आने वाले वर्षों में विकसित भारत-2047 के महान लक्ष्य को साकार करने का आधार बनेगी। Part 19

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली नई मजबूती,नायब सिंह सैनी* *पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार करेंगे काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी* *कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका* *मोदी ने असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए हासिल: नायब सिंह सैनी* पंचकूला/कमल कलसी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 55 साल देश में राज करने वाली राजनीतिक पार्टी ने देश को जो मजबूत करना था वो नहीं किया। कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को मजबूत करने का काम किया है, उनके नेतृत्व में 12वर्षों के सेवा सुशासन से देश तेजी से बदला है। ग्रामीण परिवेश बदला है, शहर बदले है और देश का विकास हुआ है। पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार काम करेंगे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित पंचकमल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12वर्षीय कार्यकाल पूरे होने पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, नगर निगम के मेयर, श्याम लाल बंसल, बीजेपी उपाध्यक्ष श्रीमती बन्तो कटारिया, जिला प्रभारी रवि बतान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे मौजूद थे। पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के लोगों ने भारत को बदलते देखा है। हर प्रधानमंत्री ने अपनी इच्छा शक्ति के साथ काम किया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक कार्यकाल दुनियां में भारत की एक नई पहचान लेकर आने वाला कार्यकाल है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री देश के इतिहास में सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अपनी ओर से तथा हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को नमन किया। जिसने पिछले 12 वर्षों में भारत को विश्व की बड़ी शक्तियों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज जी-20, ब्रिक्स, एससीओ और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर प्रभावी रूप से सुनी जाती है तथा देश निर्णायक भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के राष्ट्रीय स्वप्न को साकार किया गया। मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की स्वदेशी तकनीक और हथियारों की शक्ति देखी, जबकि ‘ऑपरेशन महादेव’ के माध्यम से पहलगाम के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा दी गई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कठोर और प्रभावी निर्णयों के कारण देश को नक्सलमुक्त बनाने का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है तथा आतंकवाद पर कड़ा प्रहार कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक-वन पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और सीएए जैसे अनेक युग-परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता, आदित्य-एल,1 मिशन तथा गगनयान मिशन की तैयारियां भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रमाण हैं। *अर्थव्यवस्था, डिजिटल क्रांति और युवा सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धियां* मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, जबकि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वैश्विक महामारी, युद्ध, आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में डिजिटल क्रांति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यूपीआई के माध्यम से भारत विश्व में डिजिटल भुगतान का नेतृत्व कर रहा है तथा विश्व के लगभग 56 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन अकेले भारत में हो रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया गया है। वर्ष 2014 में देश में नाममात्र के स्टार्टअप थे, जबकि आज देशभर में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। छोटे शहरों और गांवों से निकलकर युवा वैश्विक स्तर पर नवाचार और उद्यमिता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत छोटे और मझोले व्यापारियों को संबल देने के लिए 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं तथा कुल लाभार्थियों में 75 प्रतिशत महिलाएं हैं। *खेल, कौशल विकास, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां* मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। देशभर में 1,045 खेलो इंडिया सेंटर तथा 34 खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की गई हैं, जो 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सरकारी स्कूलों में आईटी, स्वास्थ्य, फैशन और कृषि सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रमों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 600 से अधिक स्कूलों में 1,200 से अधिक व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया से वितरित किए गए हैं। खेलो इंडिया गेम्स के तहत 63 हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं तथा टॉप्स योजना के अंतर्गत 300 एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एशियाई खेल-2022 में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते। राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के तहत भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी तथा वैश्विक खेल शक्ति बनाने की तैयारी की जा रही है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 842 हो गई है। एमबीबीएस की 1,28,976 सीटें तथा पीजी की 85,822 सीटें उपलब्ध हैं। *नारी शक्ति को विकास का केंद्र बनाकर बढ़ाया गया सशक्तिकरण* मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र सरकार ने विकास का केंद्र बनाया है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक कदम है। महिलाओं को कौशल विकास के विशेष अवसर प्रदान किए जा रहे हैं तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है तथा वर्ष 2030 तक 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 7 करोड़ 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। सेना, सैनिक स्कूलों तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रमाण है। देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं तथा तकनीक के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देशभर में किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के मान्यता प्राप्त 3 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। *कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा* उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। कृषि अवसंरचना, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4.3 लाख करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4.2 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है तथा प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी स्थानीय नुकसान के रूप में कवर किया जा रहा है। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल बिक्री हुई है, जिससे 1,656 मंडियां और 1.8 करोड़ से अधिक किसान सीधे जुड़े हैं। देश के लगभग 8 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान और विश्वसनीय ऋण सुविधा मिल रही है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से भारत पहली बार कृषि निर्यात में दुनिया के शीर्ष-10 देशों में शामिल हुआ है तथा वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि, समुद्री और खाद्य निर्यात में वर्ष 2013-14 की तुलना में एक-तिहाई वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कारण मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 95 लाख टन से बढ़कर लगभग 2 करोड़ टन तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन से शहद उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कृषि अवसंरचना कोष के तहत 48 लाख परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देश में 11 हजार से अधिक एग्री स्टार्टअप्स कार्यरत हैं तथा एग्रीश्योर फंड के माध्यम से तकनीक आधारित कृषि स्टार्टअप्स के लिए 750 करोड़ रुपये की ब्लेंडेड कैपिटल का प्रावधान किया गया है। *बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और नए भारत के निर्माण को मिली गति* उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, वंदे भारत ट्रेनों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों का तेजी से विस्तार हुआ है। अटल टनल, पंबन समुद्री पुल, अटल सेतु, सुदर्शन सेतु और बोगीबील पुल जैसे आधुनिक इंजीनियरिंग ढांचों का निर्माण किया गया है। कश्मीर घाटी को दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल ‘चिनाब ब्रिज’ के माध्यम से देश से जोड़ा गया है। पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं तथा सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को पहली बार हवाई संपर्क मिला है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 16,200 किलोमीटर से अधिक हो गई है। देश का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 के 248 किलोमीटर से बढ़कर 1,155 किलोमीटर से अधिक हो गया है तथा मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। देश ने गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए राजपथ को कर्तव्य पथ में परिवर्तित किया है तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित भारतीय नौसेना को नया ध्वज समर्पित किया है। अंग्रेजों के समय के पुराने आपराधिक कानूनों के स्थान पर तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं, जो दंड की बजाय न्याय पर केंद्रित हैं। *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को मिली विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात* मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रही है और उन्हें हरियाणा से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के रूप में वे 17 बार हरियाणा आए और प्रत्येक अवसर पर प्रदेश को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अब तक 1,390 किलोमीटर लंबे 22 राष्ट्रीय राजमार्ग मिले हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ गया है। करनाल जिले के गांव उचानी में 65 एकड़ क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 5 जनवरी को 6,230 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया, जिसकी कुल लंबाई 26 किलोमीटर होगी। फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 625 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त 500 बेड के अस्पताल भवन की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट में लगभग 8,469 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 800 मेगावाट की तीसरी इकाई की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर में 90 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले गोबर-धन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। लगभग 1,069 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया गया। हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का शुभारंभ करते हुए टर्मिनल-3 की आधारशिला रखी गई। हिसार से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं तथा जल्द ही जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। 25 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में निर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन किया गया। *डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा को किया मजबूत* मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा भी डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4,148 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया है। किडनी रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के अंतर्गत 1.57 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से 5,337 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों को प्रदान की गई है। हरियाणा में 87,660 घरों को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़कर सोलर सब्सिडी का लाभ पहुंचाया गया है। अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को आरक्षण में उनका अधिकार दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जो वर्ष 2014 में 1,000 रुपये मासिक थी, उसे बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। पिछड़ा वर्ग की क्रीमीलेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया गया है। पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया गया है। प्रदेश के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है तथा अब उनका मासिक वेतन 19,425 रुपये तक किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,256 प्लॉट तथा 6 शहरों में 4,211 फ्लैट प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-2.0 के तहत ग्राम पंचायतों में 12,561 प्लॉट दिए गए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त 1 लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार सुरक्षा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत गरीब बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन करवाए गए हैं। इसी प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान करवाया गया तथा श्री नांदेड़ साहिब और सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों के माध्यम से भेजा गया है। दयालु योजना के तहत अब तक 74,245 पीड़ित परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि दी जा रही है। प्रदेश के युवाओं ने 10 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए हैं तथा अब तक 1 लाख 58 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। *किसान, महिला, युवा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हरियाणा की ऐतिहासिक उपलब्धियां* मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हरियाणा देश की शान बना हुआ है। देश के कुल पदकों में दो-तिहाई से अधिक योगदान हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा है। राज्य में 16 खेलो इंडिया सेंटर तथा पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। इसी प्रकार राज्य में 441 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लगभग एक लाख विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरियाणा में 50 हजार 85 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण युवाओं और उद्यमियों को बिना गारंटी के उपलब्ध कराए गए हैं। अग्निवीर के शहीद होने पर उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9,888 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत हरियाणा के किसानों के खातों में 7,562 करोड़ 47 लाख रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। किसान हित सरकार की नीतियों के केंद्र में है और आज किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल हरियाणा में की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 1.93 लाख सौर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। राष्ट्रीय स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है तथा अब इस योजना को शहरों में भी लागू किया जा रहा है। प्रदेश की सभी तहसीलों में संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन किया गया है। म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 6,038 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन-बेटियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 89 हजार बहन-बेटियों को 1,623 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 14 लाख 42 हजार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 302 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है। हरियाणा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 15 लाख महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में महिलाओं के 67,641 स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं तथा 2.48 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। बहन-बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में खोले गए 82 कॉलेजों में से 31 विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं तथा पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 31 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाया गया है। राज्य में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया है। हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन रेल का सफल परीक्षण किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 3,414 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 तक हरियाणा में केवल 12.15 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 28.45 किलोमीटर का नया मेट्रो नेटवर्क बिछाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में मेट्रो का दायरा 1 शहर से बढ़कर 4 शहरों तक पहुंच चुका है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हिसार हवाई अड्डे से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ता है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली में यातायात का दबाव कम हुआ है तथा हरियाणा की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है। *विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है देश एवं हरियाणा* मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हमारे सामने है। यह केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसा भारत है जो गरीबी से मुक्त, तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील, अवसरों में समानता वाला और विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र हो। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की यात्रा यह विश्वास दिलाती है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नीयत साफ हो, नीति प्रभावी हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तब असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह 12 वर्ष नए भारत के उदय की कहानी हैं। यह विकसित भारत के स्वर्णिम भविष्य का उद्घोष है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, वह आने वाले वर्षों में विकसित भारत-2047 के महान लक्ष्य को साकार करने का आधार बनेगी। Part 19

Panchkula, Panchkula | Jun 13, 2026

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली नई मजबूती,नायब सिंह सैनी*
 
*पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार करेंगे काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
 
*कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका*
 
*मोदी ने असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए हासिल: नायब सिंह सैनी*

 पंचकूला/कमल कलसी।
              हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 55 साल देश में राज करने वाली राजनीतिक पार्टी ने देश को जो मजबूत करना था वो नहीं किया। कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को मजबूत करने का काम किया है, उनके नेतृत्व में 12वर्षों के सेवा सुशासन से देश तेजी से बदला है। ग्रामीण परिवेश बदला है, शहर बदले है और देश का विकास हुआ है। पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार काम करेंगे।
              मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित पंचकमल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12वर्षीय कार्यकाल पूरे होने पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, नगर निगम के मेयर, श्याम लाल बंसल, बीजेपी उपाध्यक्ष श्रीमती बन्तो कटारिया, जिला प्रभारी  रवि बतान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे मौजूद थे।
            पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के लोगों ने भारत को बदलते देखा है। हर प्रधानमंत्री ने अपनी इच्छा शक्ति के साथ काम किया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक कार्यकाल दुनियां में भारत की एक नई पहचान लेकर आने वाला कार्यकाल है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री देश के इतिहास में सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं।
            मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अपनी ओर से तथा हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को नमन किया। जिसने पिछले 12 वर्षों में भारत को विश्व की बड़ी शक्तियों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज जी-20, ब्रिक्स, एससीओ और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर प्रभावी रूप से सुनी जाती है तथा देश निर्णायक भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के राष्ट्रीय स्वप्न को साकार किया गया। मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की स्वदेशी तकनीक और हथियारों की शक्ति देखी, जबकि ‘ऑपरेशन महादेव’ के माध्यम से पहलगाम के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा दी गई।
 
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कठोर और प्रभावी निर्णयों के कारण देश को नक्सलमुक्त बनाने का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है तथा आतंकवाद पर कड़ा प्रहार कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक-वन पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और सीएए जैसे अनेक युग-परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता, आदित्य-एल,1 मिशन तथा गगनयान मिशन की तैयारियां भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रमाण हैं।
 
*अर्थव्यवस्था, डिजिटल क्रांति और युवा सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धियां*
 
             मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, जबकि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वैश्विक महामारी, युद्ध, आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में डिजिटल क्रांति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यूपीआई के माध्यम से भारत विश्व में डिजिटल भुगतान का नेतृत्व कर रहा है तथा विश्व के लगभग 56 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन अकेले भारत में हो रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया गया है। वर्ष 2014 में देश में नाममात्र के स्टार्टअप थे, जबकि आज देशभर में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। छोटे शहरों और गांवों से निकलकर युवा वैश्विक स्तर पर नवाचार और उद्यमिता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत छोटे और मझोले व्यापारियों को संबल देने के लिए 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं तथा कुल लाभार्थियों में 75 प्रतिशत महिलाएं हैं।
 
*खेल, कौशल विकास, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। देशभर में 1,045 खेलो इंडिया सेंटर तथा 34 खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की गई हैं, जो 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सरकारी स्कूलों में आईटी, स्वास्थ्य, फैशन और कृषि सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रमों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 600 से अधिक स्कूलों में 1,200 से अधिक व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया से वितरित किए गए हैं। खेलो इंडिया गेम्स के तहत 63 हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं तथा टॉप्स योजना के अंतर्गत 300 एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एशियाई खेल-2022 में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते। राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के तहत भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी तथा वैश्विक खेल शक्ति बनाने की तैयारी की जा रही है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 842 हो गई है। एमबीबीएस की 1,28,976 सीटें तथा पीजी की 85,822 सीटें उपलब्ध हैं।
 
*नारी शक्ति को विकास का केंद्र बनाकर बढ़ाया गया सशक्तिकरण*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र सरकार ने विकास का केंद्र बनाया है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक कदम है। महिलाओं को कौशल विकास के विशेष अवसर प्रदान किए जा रहे हैं तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है तथा वर्ष 2030 तक 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 7 करोड़ 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। सेना, सैनिक स्कूलों तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रमाण है। देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं तथा तकनीक के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देशभर में किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के मान्यता प्राप्त 3 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।
 
*कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा*
 
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। कृषि अवसंरचना, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4.3 लाख करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4.2 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है तथा प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी स्थानीय नुकसान के रूप में कवर किया जा रहा है। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल बिक्री हुई है, जिससे 1,656 मंडियां और 1.8 करोड़ से अधिक किसान सीधे जुड़े हैं। देश के लगभग 8 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान और विश्वसनीय ऋण सुविधा मिल रही है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से भारत पहली बार कृषि निर्यात में दुनिया के शीर्ष-10 देशों में शामिल हुआ है तथा वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि, समुद्री और खाद्य निर्यात में वर्ष 2013-14 की तुलना में एक-तिहाई वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कारण मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 95 लाख टन से बढ़कर लगभग 2 करोड़ टन तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन से शहद उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कृषि अवसंरचना कोष के तहत 48 लाख परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देश में 11 हजार से अधिक एग्री स्टार्टअप्स कार्यरत हैं तथा एग्रीश्योर फंड के माध्यम से तकनीक आधारित कृषि स्टार्टअप्स के लिए 750 करोड़ रुपये की ब्लेंडेड कैपिटल का प्रावधान किया गया है।
 
*बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और नए भारत के निर्माण को मिली गति*
 
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, वंदे भारत ट्रेनों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों का तेजी से विस्तार हुआ है। अटल टनल, पंबन समुद्री पुल, अटल सेतु, सुदर्शन सेतु और बोगीबील पुल जैसे आधुनिक इंजीनियरिंग ढांचों का निर्माण किया गया है। कश्मीर घाटी को दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल ‘चिनाब ब्रिज’ के माध्यम से देश से जोड़ा गया है। पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं तथा सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को पहली बार हवाई संपर्क मिला है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 16,200 किलोमीटर से अधिक हो गई है। देश का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 के 248 किलोमीटर से बढ़कर 1,155 किलोमीटर से अधिक हो गया है तथा मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। देश ने गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए राजपथ को कर्तव्य पथ में परिवर्तित किया है तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित भारतीय नौसेना को नया ध्वज समर्पित किया है। अंग्रेजों के समय के पुराने आपराधिक कानूनों के स्थान पर तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं, जो दंड की बजाय न्याय पर केंद्रित हैं।
 
*प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को मिली विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रही है और उन्हें हरियाणा से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के रूप में वे 17 बार हरियाणा आए और प्रत्येक अवसर पर प्रदेश को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अब तक 1,390 किलोमीटर लंबे 22 राष्ट्रीय राजमार्ग मिले हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ गया है। करनाल जिले के गांव उचानी में 65 एकड़ क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 5 जनवरी को 6,230 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया, जिसकी कुल लंबाई 26 किलोमीटर होगी। फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 625 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त 500 बेड के अस्पताल भवन की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट में लगभग 8,469 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 800 मेगावाट की तीसरी इकाई की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर में 90 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले गोबर-धन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। लगभग 1,069 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया गया। हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का शुभारंभ करते हुए टर्मिनल-3 की आधारशिला रखी गई। हिसार से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं तथा जल्द ही जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। 25 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में निर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन किया गया।
 
*डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा को किया मजबूत*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा भी डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4,148 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया है। किडनी रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के अंतर्गत 1.57 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से 5,337 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों को प्रदान की गई है। हरियाणा में 87,660 घरों को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़कर सोलर सब्सिडी का लाभ पहुंचाया गया है। अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को आरक्षण में उनका अधिकार दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जो वर्ष 2014 में 1,000 रुपये मासिक थी, उसे बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। पिछड़ा वर्ग की क्रीमीलेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया गया है। पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया गया है। प्रदेश के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है तथा अब उनका मासिक वेतन 19,425 रुपये तक किया गया है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,256 प्लॉट तथा 6 शहरों में 4,211 फ्लैट प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-2.0 के तहत ग्राम पंचायतों में 12,561 प्लॉट दिए गए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त 1 लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार सुरक्षा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत गरीब बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन करवाए गए हैं। इसी प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान करवाया गया तथा श्री नांदेड़ साहिब और सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों के माध्यम से भेजा गया है। दयालु योजना के तहत अब तक 74,245 पीड़ित परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि दी जा रही है। प्रदेश के युवाओं ने 10 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए हैं तथा अब तक 1 लाख 58 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
 
 
*किसान, महिला, युवा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हरियाणा की ऐतिहासिक उपलब्धियां*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हरियाणा देश की शान बना हुआ है। देश के कुल पदकों में दो-तिहाई से अधिक योगदान हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा है। राज्य में 16 खेलो इंडिया सेंटर तथा पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। इसी प्रकार राज्य में 441 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लगभग एक लाख विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरियाणा में 50 हजार 85 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण युवाओं और उद्यमियों को बिना गारंटी के उपलब्ध कराए गए हैं। अग्निवीर के शहीद होने पर उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है।
 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9,888 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत हरियाणा के किसानों के खातों में 7,562 करोड़ 47 लाख रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। किसान हित सरकार की नीतियों के केंद्र में है और आज किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल हरियाणा में की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 1.93 लाख सौर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। राष्ट्रीय स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है तथा अब इस योजना को शहरों में भी लागू किया जा रहा है। प्रदेश की सभी तहसीलों में संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन किया गया है। म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 6,038 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन-बेटियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 89 हजार बहन-बेटियों को 1,623 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 14 लाख 42 हजार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 302 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है। हरियाणा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 15 लाख महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में महिलाओं के 67,641 स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं तथा 2.48 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। बहन-बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में खोले गए 82 कॉलेजों में से 31 विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं तथा पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 31 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाया गया है। राज्य में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया है। हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन रेल का सफल परीक्षण किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 3,414 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 तक हरियाणा में केवल 12.15 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 28.45 किलोमीटर का नया मेट्रो नेटवर्क बिछाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में मेट्रो का दायरा 1 शहर से बढ़कर 4 शहरों तक पहुंच चुका है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हिसार हवाई अड्डे से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ता है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली में यातायात का दबाव कम हुआ है तथा हरियाणा की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है।
 
*विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है देश एवं हरियाणा*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हमारे सामने है। यह केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसा भारत है जो गरीबी से मुक्त, तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील, अवसरों में समानता वाला और विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र हो। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की यात्रा यह विश्वास दिलाती है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नीयत साफ हो, नीति प्रभावी हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तब असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह 12 वर्ष नए भारत के उदय की कहानी हैं। यह विकसित भारत के स्वर्णिम भविष्य का उद्घोष है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, वह आने वाले वर्षों में विकसित भारत-2047 के महान लक्ष्य को साकार करने का आधार बनेगी। Part 21

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली नई मजबूती,नायब सिंह सैनी* *पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार करेंगे काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी* *कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका* *मोदी ने असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए हासिल: नायब सिंह सैनी* पंचकूला/कमल कलसी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 55 साल देश में राज करने वाली राजनीतिक पार्टी ने देश को जो मजबूत करना था वो नहीं किया। कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को मजबूत करने का काम किया है, उनके नेतृत्व में 12वर्षों के सेवा सुशासन से देश तेजी से बदला है। ग्रामीण परिवेश बदला है, शहर बदले है और देश का विकास हुआ है। पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार काम करेंगे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित पंचकमल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12वर्षीय कार्यकाल पूरे होने पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, नगर निगम के मेयर, श्याम लाल बंसल, बीजेपी उपाध्यक्ष श्रीमती बन्तो कटारिया, जिला प्रभारी रवि बतान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे मौजूद थे। पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के लोगों ने भारत को बदलते देखा है। हर प्रधानमंत्री ने अपनी इच्छा शक्ति के साथ काम किया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक कार्यकाल दुनियां में भारत की एक नई पहचान लेकर आने वाला कार्यकाल है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री देश के इतिहास में सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अपनी ओर से तथा हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को नमन किया। जिसने पिछले 12 वर्षों में भारत को विश्व की बड़ी शक्तियों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज जी-20, ब्रिक्स, एससीओ और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर प्रभावी रूप से सुनी जाती है तथा देश निर्णायक भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के राष्ट्रीय स्वप्न को साकार किया गया। मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की स्वदेशी तकनीक और हथियारों की शक्ति देखी, जबकि ‘ऑपरेशन महादेव’ के माध्यम से पहलगाम के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा दी गई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कठोर और प्रभावी निर्णयों के कारण देश को नक्सलमुक्त बनाने का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है तथा आतंकवाद पर कड़ा प्रहार कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक-वन पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और सीएए जैसे अनेक युग-परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता, आदित्य-एल,1 मिशन तथा गगनयान मिशन की तैयारियां भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रमाण हैं। *अर्थव्यवस्था, डिजिटल क्रांति और युवा सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धियां* मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, जबकि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वैश्विक महामारी, युद्ध, आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में डिजिटल क्रांति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यूपीआई के माध्यम से भारत विश्व में डिजिटल भुगतान का नेतृत्व कर रहा है तथा विश्व के लगभग 56 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन अकेले भारत में हो रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया गया है। वर्ष 2014 में देश में नाममात्र के स्टार्टअप थे, जबकि आज देशभर में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। छोटे शहरों और गांवों से निकलकर युवा वैश्विक स्तर पर नवाचार और उद्यमिता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत छोटे और मझोले व्यापारियों को संबल देने के लिए 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं तथा कुल लाभार्थियों में 75 प्रतिशत महिलाएं हैं। *खेल, कौशल विकास, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां* मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। देशभर में 1,045 खेलो इंडिया सेंटर तथा 34 खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की गई हैं, जो 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सरकारी स्कूलों में आईटी, स्वास्थ्य, फैशन और कृषि सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रमों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 600 से अधिक स्कूलों में 1,200 से अधिक व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया से वितरित किए गए हैं। खेलो इंडिया गेम्स के तहत 63 हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं तथा टॉप्स योजना के अंतर्गत 300 एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एशियाई खेल-2022 में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते। राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के तहत भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी तथा वैश्विक खेल शक्ति बनाने की तैयारी की जा रही है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 842 हो गई है। एमबीबीएस की 1,28,976 सीटें तथा पीजी की 85,822 सीटें उपलब्ध हैं। *नारी शक्ति को विकास का केंद्र बनाकर बढ़ाया गया सशक्तिकरण* मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र सरकार ने विकास का केंद्र बनाया है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक कदम है। महिलाओं को कौशल विकास के विशेष अवसर प्रदान किए जा रहे हैं तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है तथा वर्ष 2030 तक 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 7 करोड़ 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। सेना, सैनिक स्कूलों तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रमाण है। देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं तथा तकनीक के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देशभर में किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के मान्यता प्राप्त 3 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। *कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा* उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। कृषि अवसंरचना, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4.3 लाख करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4.2 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है तथा प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी स्थानीय नुकसान के रूप में कवर किया जा रहा है। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल बिक्री हुई है, जिससे 1,656 मंडियां और 1.8 करोड़ से अधिक किसान सीधे जुड़े हैं। देश के लगभग 8 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान और विश्वसनीय ऋण सुविधा मिल रही है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से भारत पहली बार कृषि निर्यात में दुनिया के शीर्ष-10 देशों में शामिल हुआ है तथा वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि, समुद्री और खाद्य निर्यात में वर्ष 2013-14 की तुलना में एक-तिहाई वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कारण मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 95 लाख टन से बढ़कर लगभग 2 करोड़ टन तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन से शहद उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कृषि अवसंरचना कोष के तहत 48 लाख परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देश में 11 हजार से अधिक एग्री स्टार्टअप्स कार्यरत हैं तथा एग्रीश्योर फंड के माध्यम से तकनीक आधारित कृषि स्टार्टअप्स के लिए 750 करोड़ रुपये की ब्लेंडेड कैपिटल का प्रावधान किया गया है। *बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और नए भारत के निर्माण को मिली गति* उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, वंदे भारत ट्रेनों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों का तेजी से विस्तार हुआ है। अटल टनल, पंबन समुद्री पुल, अटल सेतु, सुदर्शन सेतु और बोगीबील पुल जैसे आधुनिक इंजीनियरिंग ढांचों का निर्माण किया गया है। कश्मीर घाटी को दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल ‘चिनाब ब्रिज’ के माध्यम से देश से जोड़ा गया है। पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं तथा सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को पहली बार हवाई संपर्क मिला है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 16,200 किलोमीटर से अधिक हो गई है। देश का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 के 248 किलोमीटर से बढ़कर 1,155 किलोमीटर से अधिक हो गया है तथा मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। देश ने गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए राजपथ को कर्तव्य पथ में परिवर्तित किया है तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित भारतीय नौसेना को नया ध्वज समर्पित किया है। अंग्रेजों के समय के पुराने आपराधिक कानूनों के स्थान पर तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं, जो दंड की बजाय न्याय पर केंद्रित हैं। *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को मिली विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात* मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रही है और उन्हें हरियाणा से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के रूप में वे 17 बार हरियाणा आए और प्रत्येक अवसर पर प्रदेश को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अब तक 1,390 किलोमीटर लंबे 22 राष्ट्रीय राजमार्ग मिले हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ गया है। करनाल जिले के गांव उचानी में 65 एकड़ क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 5 जनवरी को 6,230 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया, जिसकी कुल लंबाई 26 किलोमीटर होगी। फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 625 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त 500 बेड के अस्पताल भवन की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट में लगभग 8,469 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 800 मेगावाट की तीसरी इकाई की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर में 90 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले गोबर-धन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। लगभग 1,069 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया गया। हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का शुभारंभ करते हुए टर्मिनल-3 की आधारशिला रखी गई। हिसार से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं तथा जल्द ही जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। 25 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में निर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन किया गया। *डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा को किया मजबूत* मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा भी डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4,148 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया है। किडनी रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के अंतर्गत 1.57 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से 5,337 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों को प्रदान की गई है। हरियाणा में 87,660 घरों को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़कर सोलर सब्सिडी का लाभ पहुंचाया गया है। अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को आरक्षण में उनका अधिकार दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जो वर्ष 2014 में 1,000 रुपये मासिक थी, उसे बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। पिछड़ा वर्ग की क्रीमीलेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया गया है। पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया गया है। प्रदेश के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है तथा अब उनका मासिक वेतन 19,425 रुपये तक किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,256 प्लॉट तथा 6 शहरों में 4,211 फ्लैट प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-2.0 के तहत ग्राम पंचायतों में 12,561 प्लॉट दिए गए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त 1 लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार सुरक्षा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत गरीब बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन करवाए गए हैं। इसी प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान करवाया गया तथा श्री नांदेड़ साहिब और सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों के माध्यम से भेजा गया है। दयालु योजना के तहत अब तक 74,245 पीड़ित परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि दी जा रही है। प्रदेश के युवाओं ने 10 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए हैं तथा अब तक 1 लाख 58 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। *किसान, महिला, युवा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हरियाणा की ऐतिहासिक उपलब्धियां* मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हरियाणा देश की शान बना हुआ है। देश के कुल पदकों में दो-तिहाई से अधिक योगदान हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा है। राज्य में 16 खेलो इंडिया सेंटर तथा पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। इसी प्रकार राज्य में 441 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लगभग एक लाख विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरियाणा में 50 हजार 85 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण युवाओं और उद्यमियों को बिना गारंटी के उपलब्ध कराए गए हैं। अग्निवीर के शहीद होने पर उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9,888 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत हरियाणा के किसानों के खातों में 7,562 करोड़ 47 लाख रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। किसान हित सरकार की नीतियों के केंद्र में है और आज किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल हरियाणा में की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 1.93 लाख सौर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। राष्ट्रीय स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है तथा अब इस योजना को शहरों में भी लागू किया जा रहा है। प्रदेश की सभी तहसीलों में संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन किया गया है। म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 6,038 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन-बेटियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 89 हजार बहन-बेटियों को 1,623 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 14 लाख 42 हजार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 302 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है। हरियाणा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 15 लाख महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में महिलाओं के 67,641 स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं तथा 2.48 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। बहन-बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में खोले गए 82 कॉलेजों में से 31 विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं तथा पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 31 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाया गया है। राज्य में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया है। हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन रेल का सफल परीक्षण किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 3,414 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 तक हरियाणा में केवल 12.15 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 28.45 किलोमीटर का नया मेट्रो नेटवर्क बिछाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में मेट्रो का दायरा 1 शहर से बढ़कर 4 शहरों तक पहुंच चुका है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हिसार हवाई अड्डे से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ता है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली में यातायात का दबाव कम हुआ है तथा हरियाणा की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है। *विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है देश एवं हरियाणा* मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हमारे सामने है। यह केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसा भारत है जो गरीबी से मुक्त, तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील, अवसरों में समानता वाला और विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र हो। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की यात्रा यह विश्वास दिलाती है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नीयत साफ हो, नीति प्रभावी हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तब असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह 12 वर्ष नए भारत के उदय की कहानी हैं। यह विकसित भारत के स्वर्णिम भविष्य का उद्घोष है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, वह आने वाले वर्षों में विकसित भारत-2047 के महान लक्ष्य को साकार करने का आधार बनेगी। Part 21

Panchkula, Panchkula | Jun 13, 2026

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली नई मजबूती,नायब सिंह सैनी*
 
*पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार करेंगे काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
 
*कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका*
 
*मोदी ने असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए हासिल: नायब सिंह सैनी*

 पंचकूला/कमल कलसी।
              हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 55 साल देश में राज करने वाली राजनीतिक पार्टी ने देश को जो मजबूत करना था वो नहीं किया। कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को मजबूत करने का काम किया है, उनके नेतृत्व में 12वर्षों के सेवा सुशासन से देश तेजी से बदला है। ग्रामीण परिवेश बदला है, शहर बदले है और देश का विकास हुआ है। पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार काम करेंगे।
              मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित पंचकमल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12वर्षीय कार्यकाल पूरे होने पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, नगर निगम के मेयर, श्याम लाल बंसल, बीजेपी उपाध्यक्ष श्रीमती बन्तो कटारिया, जिला प्रभारी  रवि बतान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे मौजूद थे।
            पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के लोगों ने भारत को बदलते देखा है। हर प्रधानमंत्री ने अपनी इच्छा शक्ति के साथ काम किया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक कार्यकाल दुनियां में भारत की एक नई पहचान लेकर आने वाला कार्यकाल है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री देश के इतिहास में सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं।
            मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अपनी ओर से तथा हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को नमन किया। जिसने पिछले 12 वर्षों में भारत को विश्व की बड़ी शक्तियों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज जी-20, ब्रिक्स, एससीओ और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर प्रभावी रूप से सुनी जाती है तथा देश निर्णायक भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के राष्ट्रीय स्वप्न को साकार किया गया। मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की स्वदेशी तकनीक और हथियारों की शक्ति देखी, जबकि ‘ऑपरेशन महादेव’ के माध्यम से पहलगाम के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा दी गई।
 
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कठोर और प्रभावी निर्णयों के कारण देश को नक्सलमुक्त बनाने का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है तथा आतंकवाद पर कड़ा प्रहार कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक-वन पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और सीएए जैसे अनेक युग-परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता, आदित्य-एल,1 मिशन तथा गगनयान मिशन की तैयारियां भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रमाण हैं।
 
*अर्थव्यवस्था, डिजिटल क्रांति और युवा सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धियां*
 
             मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, जबकि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वैश्विक महामारी, युद्ध, आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में डिजिटल क्रांति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यूपीआई के माध्यम से भारत विश्व में डिजिटल भुगतान का नेतृत्व कर रहा है तथा विश्व के लगभग 56 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन अकेले भारत में हो रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया गया है। वर्ष 2014 में देश में नाममात्र के स्टार्टअप थे, जबकि आज देशभर में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। छोटे शहरों और गांवों से निकलकर युवा वैश्विक स्तर पर नवाचार और उद्यमिता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत छोटे और मझोले व्यापारियों को संबल देने के लिए 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं तथा कुल लाभार्थियों में 75 प्रतिशत महिलाएं हैं।
 
*खेल, कौशल विकास, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। देशभर में 1,045 खेलो इंडिया सेंटर तथा 34 खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की गई हैं, जो 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सरकारी स्कूलों में आईटी, स्वास्थ्य, फैशन और कृषि सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रमों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 600 से अधिक स्कूलों में 1,200 से अधिक व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया से वितरित किए गए हैं। खेलो इंडिया गेम्स के तहत 63 हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं तथा टॉप्स योजना के अंतर्गत 300 एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एशियाई खेल-2022 में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते। राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के तहत भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी तथा वैश्विक खेल शक्ति बनाने की तैयारी की जा रही है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 842 हो गई है। एमबीबीएस की 1,28,976 सीटें तथा पीजी की 85,822 सीटें उपलब्ध हैं।
 
*नारी शक्ति को विकास का केंद्र बनाकर बढ़ाया गया सशक्तिकरण*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र सरकार ने विकास का केंद्र बनाया है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक कदम है। महिलाओं को कौशल विकास के विशेष अवसर प्रदान किए जा रहे हैं तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है तथा वर्ष 2030 तक 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 7 करोड़ 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। सेना, सैनिक स्कूलों तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रमाण है। देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं तथा तकनीक के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देशभर में किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के मान्यता प्राप्त 3 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।
 
*कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा*
 
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। कृषि अवसंरचना, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4.3 लाख करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4.2 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है तथा प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी स्थानीय नुकसान के रूप में कवर किया जा रहा है। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल बिक्री हुई है, जिससे 1,656 मंडियां और 1.8 करोड़ से अधिक किसान सीधे जुड़े हैं। देश के लगभग 8 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान और विश्वसनीय ऋण सुविधा मिल रही है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से भारत पहली बार कृषि निर्यात में दुनिया के शीर्ष-10 देशों में शामिल हुआ है तथा वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि, समुद्री और खाद्य निर्यात में वर्ष 2013-14 की तुलना में एक-तिहाई वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कारण मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 95 लाख टन से बढ़कर लगभग 2 करोड़ टन तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन से शहद उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कृषि अवसंरचना कोष के तहत 48 लाख परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देश में 11 हजार से अधिक एग्री स्टार्टअप्स कार्यरत हैं तथा एग्रीश्योर फंड के माध्यम से तकनीक आधारित कृषि स्टार्टअप्स के लिए 750 करोड़ रुपये की ब्लेंडेड कैपिटल का प्रावधान किया गया है।
 
*बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और नए भारत के निर्माण को मिली गति*
 
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, वंदे भारत ट्रेनों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों का तेजी से विस्तार हुआ है। अटल टनल, पंबन समुद्री पुल, अटल सेतु, सुदर्शन सेतु और बोगीबील पुल जैसे आधुनिक इंजीनियरिंग ढांचों का निर्माण किया गया है। कश्मीर घाटी को दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल ‘चिनाब ब्रिज’ के माध्यम से देश से जोड़ा गया है। पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं तथा सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को पहली बार हवाई संपर्क मिला है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 16,200 किलोमीटर से अधिक हो गई है। देश का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 के 248 किलोमीटर से बढ़कर 1,155 किलोमीटर से अधिक हो गया है तथा मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। देश ने गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए राजपथ को कर्तव्य पथ में परिवर्तित किया है तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित भारतीय नौसेना को नया ध्वज समर्पित किया है। अंग्रेजों के समय के पुराने आपराधिक कानूनों के स्थान पर तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं, जो दंड की बजाय न्याय पर केंद्रित हैं।
 
*प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को मिली विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रही है और उन्हें हरियाणा से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के रूप में वे 17 बार हरियाणा आए और प्रत्येक अवसर पर प्रदेश को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अब तक 1,390 किलोमीटर लंबे 22 राष्ट्रीय राजमार्ग मिले हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ गया है। करनाल जिले के गांव उचानी में 65 एकड़ क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 5 जनवरी को 6,230 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया, जिसकी कुल लंबाई 26 किलोमीटर होगी। फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 625 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त 500 बेड के अस्पताल भवन की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट में लगभग 8,469 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 800 मेगावाट की तीसरी इकाई की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर में 90 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले गोबर-धन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। लगभग 1,069 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया गया। हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का शुभारंभ करते हुए टर्मिनल-3 की आधारशिला रखी गई। हिसार से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं तथा जल्द ही जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। 25 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में निर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन किया गया।
 
*डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा को किया मजबूत*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा भी डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4,148 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया है। किडनी रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के अंतर्गत 1.57 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से 5,337 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों को प्रदान की गई है। हरियाणा में 87,660 घरों को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़कर सोलर सब्सिडी का लाभ पहुंचाया गया है। अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को आरक्षण में उनका अधिकार दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जो वर्ष 2014 में 1,000 रुपये मासिक थी, उसे बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। पिछड़ा वर्ग की क्रीमीलेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया गया है। पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया गया है। प्रदेश के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है तथा अब उनका मासिक वेतन 19,425 रुपये तक किया गया है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,256 प्लॉट तथा 6 शहरों में 4,211 फ्लैट प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-2.0 के तहत ग्राम पंचायतों में 12,561 प्लॉट दिए गए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त 1 लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार सुरक्षा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत गरीब बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन करवाए गए हैं। इसी प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान करवाया गया तथा श्री नांदेड़ साहिब और सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों के माध्यम से भेजा गया है। दयालु योजना के तहत अब तक 74,245 पीड़ित परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि दी जा रही है। प्रदेश के युवाओं ने 10 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए हैं तथा अब तक 1 लाख 58 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
 
 
*किसान, महिला, युवा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हरियाणा की ऐतिहासिक उपलब्धियां*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हरियाणा देश की शान बना हुआ है। देश के कुल पदकों में दो-तिहाई से अधिक योगदान हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा है। राज्य में 16 खेलो इंडिया सेंटर तथा पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। इसी प्रकार राज्य में 441 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लगभग एक लाख विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरियाणा में 50 हजार 85 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण युवाओं और उद्यमियों को बिना गारंटी के उपलब्ध कराए गए हैं। अग्निवीर के शहीद होने पर उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है।
 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9,888 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत हरियाणा के किसानों के खातों में 7,562 करोड़ 47 लाख रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। किसान हित सरकार की नीतियों के केंद्र में है और आज किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल हरियाणा में की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 1.93 लाख सौर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। राष्ट्रीय स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है तथा अब इस योजना को शहरों में भी लागू किया जा रहा है। प्रदेश की सभी तहसीलों में संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन किया गया है। म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 6,038 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन-बेटियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 89 हजार बहन-बेटियों को 1,623 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 14 लाख 42 हजार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 302 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है। हरियाणा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 15 लाख महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में महिलाओं के 67,641 स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं तथा 2.48 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। बहन-बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में खोले गए 82 कॉलेजों में से 31 विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं तथा पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 31 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाया गया है। राज्य में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया है। हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन रेल का सफल परीक्षण किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 3,414 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 तक हरियाणा में केवल 12.15 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 28.45 किलोमीटर का नया मेट्रो नेटवर्क बिछाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में मेट्रो का दायरा 1 शहर से बढ़कर 4 शहरों तक पहुंच चुका है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हिसार हवाई अड्डे से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ता है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली में यातायात का दबाव कम हुआ है तथा हरियाणा की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है।
 
*विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है देश एवं हरियाणा*
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हमारे सामने है। यह केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसा भारत है जो गरीबी से मुक्त, तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील, अवसरों में समानता वाला और विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र हो। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की यात्रा यह विश्वास दिलाती है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नीयत साफ हो, नीति प्रभावी हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तब असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह 12 वर्ष नए भारत के उदय की कहानी हैं। यह विकसित भारत के स्वर्णिम भविष्य का उद्घोष है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, वह आने वाले वर्षों में विकसित भारत-2047 के महान लक्ष्य को साकार करने का आधार बनेगी। Part 20

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली नई मजबूती,नायब सिंह सैनी* *पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार करेंगे काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी* *कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका* *मोदी ने असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए हासिल: नायब सिंह सैनी* पंचकूला/कमल कलसी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 55 साल देश में राज करने वाली राजनीतिक पार्टी ने देश को जो मजबूत करना था वो नहीं किया। कांग्रेस ने देश को केवल और केवल भ्रमित करने का काम किया है, लेकिन कांग्रेस के झूठ बोलने का काल खंड अब जा चुका है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को मजबूत करने का काम किया है, उनके नेतृत्व में 12वर्षों के सेवा सुशासन से देश तेजी से बदला है। ग्रामीण परिवेश बदला है, शहर बदले है और देश का विकास हुआ है। पीएम मोदी 2029 में भी देश में प्रधान सेवक के रूप में चौथी बार काम करेंगे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित पंचकमल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12वर्षीय कार्यकाल पूरे होने पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, नगर निगम के मेयर, श्याम लाल बंसल, बीजेपी उपाध्यक्ष श्रीमती बन्तो कटारिया, जिला प्रभारी रवि बतान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार राजीव जेटली, मीडिया सचिव प्रवीण आत्रे मौजूद थे। पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के लोगों ने भारत को बदलते देखा है। हर प्रधानमंत्री ने अपनी इच्छा शक्ति के साथ काम किया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक कार्यकाल दुनियां में भारत की एक नई पहचान लेकर आने वाला कार्यकाल है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री देश के इतिहास में सबसे अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अपनी ओर से तथा हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को नमन किया। जिसने पिछले 12 वर्षों में भारत को विश्व की बड़ी शक्तियों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में भारत की आवाज जी-20, ब्रिक्स, एससीओ और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर प्रभावी रूप से सुनी जाती है तथा देश निर्णायक भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के राष्ट्रीय स्वप्न को साकार किया गया। मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की स्वदेशी तकनीक और हथियारों की शक्ति देखी, जबकि ‘ऑपरेशन महादेव’ के माध्यम से पहलगाम के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा दी गई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कठोर और प्रभावी निर्णयों के कारण देश को नक्सलमुक्त बनाने का सपना साकार होने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है तथा आतंकवाद पर कड़ा प्रहार कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, वन रैंक-वन पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और सीएए जैसे अनेक युग-परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता, आदित्य-एल,1 मिशन तथा गगनयान मिशन की तैयारियां भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रमाण हैं। *अर्थव्यवस्था, डिजिटल क्रांति और युवा सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धियां* मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, जबकि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। वैश्विक महामारी, युद्ध, आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में डिजिटल क्रांति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यूपीआई के माध्यम से भारत विश्व में डिजिटल भुगतान का नेतृत्व कर रहा है तथा विश्व के लगभग 56 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन अकेले भारत में हो रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया गया है। वर्ष 2014 में देश में नाममात्र के स्टार्टअप थे, जबकि आज देशभर में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं और भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। छोटे शहरों और गांवों से निकलकर युवा वैश्विक स्तर पर नवाचार और उद्यमिता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत छोटे और मझोले व्यापारियों को संबल देने के लिए 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं तथा कुल लाभार्थियों में 75 प्रतिशत महिलाएं हैं। *खेल, कौशल विकास, अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां* मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। देशभर में 1,045 खेलो इंडिया सेंटर तथा 34 खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की गई हैं, जो 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सरकारी स्कूलों में आईटी, स्वास्थ्य, फैशन और कृषि सहित 200 से अधिक पाठ्यक्रमों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 600 से अधिक स्कूलों में 1,200 से अधिक व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया से वितरित किए गए हैं। खेलो इंडिया गेम्स के तहत 63 हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए हैं तथा टॉप्स योजना के अंतर्गत 300 एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एशियाई खेल-2022 में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीते। राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के तहत भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी तथा वैश्विक खेल शक्ति बनाने की तैयारी की जा रही है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 842 हो गई है। एमबीबीएस की 1,28,976 सीटें तथा पीजी की 85,822 सीटें उपलब्ध हैं। *नारी शक्ति को विकास का केंद्र बनाकर बढ़ाया गया सशक्तिकरण* मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र सरकार ने विकास का केंद्र बनाया है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक कदम है। महिलाओं को कौशल विकास के विशेष अवसर प्रदान किए जा रहे हैं तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति बनाया जा रहा है तथा वर्ष 2030 तक 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 7 करोड़ 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। सेना, सैनिक स्कूलों तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रमाण है। देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं तथा तकनीक के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देशभर में किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के मान्यता प्राप्त 3 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 48 प्रतिशत स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। *कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा* उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में भी ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। कृषि अवसंरचना, सिंचाई, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4.3 लाख करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4.2 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है तथा प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को भी स्थानीय नुकसान के रूप में कवर किया जा रहा है। ई-नाम प्लेटफॉर्म पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फसल बिक्री हुई है, जिससे 1,656 मंडियां और 1.8 करोड़ से अधिक किसान सीधे जुड़े हैं। देश के लगभग 8 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसान और विश्वसनीय ऋण सुविधा मिल रही है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से भारत पहली बार कृषि निर्यात में दुनिया के शीर्ष-10 देशों में शामिल हुआ है तथा वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि, समुद्री और खाद्य निर्यात में वर्ष 2013-14 की तुलना में एक-तिहाई वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के कारण मछली उत्पादन वर्ष 2014-15 के 95 लाख टन से बढ़कर लगभग 2 करोड़ टन तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन से शहद उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। कृषि अवसंरचना कोष के तहत 48 लाख परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देश में 11 हजार से अधिक एग्री स्टार्टअप्स कार्यरत हैं तथा एग्रीश्योर फंड के माध्यम से तकनीक आधारित कृषि स्टार्टअप्स के लिए 750 करोड़ रुपये की ब्लेंडेड कैपिटल का प्रावधान किया गया है। *बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और नए भारत के निर्माण को मिली गति* उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, वंदे भारत ट्रेनों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों का तेजी से विस्तार हुआ है। अटल टनल, पंबन समुद्री पुल, अटल सेतु, सुदर्शन सेतु और बोगीबील पुल जैसे आधुनिक इंजीनियरिंग ढांचों का निर्माण किया गया है। कश्मीर घाटी को दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल ‘चिनाब ब्रिज’ के माध्यम से देश से जोड़ा गया है। पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं तथा सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को पहली बार हवाई संपर्क मिला है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 16,200 किलोमीटर से अधिक हो गई है। देश का मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 के 248 किलोमीटर से बढ़कर 1,155 किलोमीटर से अधिक हो गया है तथा मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। देश ने गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए राजपथ को कर्तव्य पथ में परिवर्तित किया है तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित भारतीय नौसेना को नया ध्वज समर्पित किया है। अंग्रेजों के समय के पुराने आपराधिक कानूनों के स्थान पर तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं, जो दंड की बजाय न्याय पर केंद्रित हैं। *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को मिली विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात* मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रही है और उन्हें हरियाणा से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के रूप में वे 17 बार हरियाणा आए और प्रत्येक अवसर पर प्रदेश को बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अब तक 1,390 किलोमीटर लंबे 22 राष्ट्रीय राजमार्ग मिले हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ गया है। करनाल जिले के गांव उचानी में 65 एकड़ क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया। 5 जनवरी को 6,230 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया, जिसकी कुल लंबाई 26 किलोमीटर होगी। फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 625 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त 500 बेड के अस्पताल भवन की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट में लगभग 8,469 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 800 मेगावाट की तीसरी इकाई की आधारशिला रखी गई। यमुनानगर में 90 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले गोबर-धन संयंत्र का शिलान्यास किया गया। लगभग 1,069 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया गया। हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से हवाई सेवाओं का शुभारंभ करते हुए टर्मिनल-3 की आधारशिला रखी गई। हिसार से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं तथा जल्द ही जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। 25 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में निर्मित ‘पांचजन्य’ का उद्घाटन किया गया। *डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में जनकल्याण और सामाजिक सुरक्षा को किया मजबूत* मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा भी डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4,148 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया है। किडनी रोगियों के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के अंतर्गत 1.57 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से 5,337 करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों को प्रदान की गई है। हरियाणा में 87,660 घरों को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़कर सोलर सब्सिडी का लाभ पहुंचाया गया है। अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को आरक्षण में उनका अधिकार दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जो वर्ष 2014 में 1,000 रुपये मासिक थी, उसे बढ़ाकर 3,200 रुपये मासिक किया गया है। पिछड़ा वर्ग की क्रीमीलेयर आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया गया है। पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया गया है। प्रदेश के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है तथा अब उनका मासिक वेतन 19,425 रुपये तक किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15,256 प्लॉट तथा 6 शहरों में 4,211 फ्लैट प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना-2.0 के तहत ग्राम पंचायतों में 12,561 प्लॉट दिए गए हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त 1 लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार सुरक्षा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत गरीब बुजुर्गों को अयोध्या में रामलला के दर्शन करवाए गए हैं। इसी प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान करवाया गया तथा श्री नांदेड़ साहिब और सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों के माध्यम से भेजा गया है। दयालु योजना के तहत अब तक 74,245 पीड़ित परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये तक की शगुन राशि दी जा रही है। प्रदेश के युवाओं ने 10 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए हैं तथा अब तक 1 लाख 58 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। *किसान, महिला, युवा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हरियाणा की ऐतिहासिक उपलब्धियां* मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हरियाणा देश की शान बना हुआ है। देश के कुल पदकों में दो-तिहाई से अधिक योगदान हरियाणा के खिलाड़ियों का रहा है। राज्य में 16 खेलो इंडिया सेंटर तथा पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। इसी प्रकार राज्य में 441 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लगभग एक लाख विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरियाणा में 50 हजार 85 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण युवाओं और उद्यमियों को बिना गारंटी के उपलब्ध कराए गए हैं। अग्निवीर के शहीद होने पर उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9,888 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत हरियाणा के किसानों के खातों में 7,562 करोड़ 47 लाख रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। किसान हित सरकार की नीतियों के केंद्र में है और आज किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल हरियाणा में की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 1.93 लाख सौर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। राष्ट्रीय स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है तथा अब इस योजना को शहरों में भी लागू किया जा रहा है। प्रदेश की सभी तहसीलों में संपत्तियों की रजिस्ट्रियों को ऑनलाइन किया गया है। म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 6,038 गांवों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन-बेटियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 89 हजार बहन-बेटियों को 1,623 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 14 लाख 42 हजार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 302 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है। हरियाणा में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 15 लाख महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में महिलाओं के 67,641 स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं तथा 2.48 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। बहन-बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में खोले गए 82 कॉलेजों में से 31 विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं तथा पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 31 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाया गया है। राज्य में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया है। हरियाणा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन रेल का सफल परीक्षण किया गया है। इसके अलावा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई बढ़कर 3,414 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 तक हरियाणा में केवल 12.15 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था, जबकि पिछले 12 वर्षों में 28.45 किलोमीटर का नया मेट्रो नेटवर्क बिछाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में मेट्रो का दायरा 1 शहर से बढ़कर 4 शहरों तक पहुंच चुका है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए हिसार हवाई अड्डे से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ता है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली में यातायात का दबाव कम हुआ है तथा हरियाणा की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है। *विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है देश एवं हरियाणा* मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य हमारे सामने है। यह केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय संकल्प है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसा भारत है जो गरीबी से मुक्त, तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील, अवसरों में समानता वाला और विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र हो। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों की यात्रा यह विश्वास दिलाती है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, नीयत साफ हो, नीति प्रभावी हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तब असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह 12 वर्ष नए भारत के उदय की कहानी हैं। यह विकसित भारत के स्वर्णिम भविष्य का उद्घोष है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो मजबूत नींव रखी है, वह आने वाले वर्षों में विकसित भारत-2047 के महान लक्ष्य को साकार करने का आधार बनेगी। Part 20

Panchkula, Panchkula | Jun 13, 2026