उत्तराखंड बाजपुर 40 साल से सड़क का इंतजार, बूढ़ा फार्म का ऐलान— "पहले सड़क, फिर मतदान"
विकास पुरुष की विधानसभा में विकास से वंचित गांव!
"कहने को यह बाजपुर विधानसभा है... और विधायक यशपाल आर्य को विकास पुरुष कहा जाता है... लेकिन इसी विधानसभा का बूढ़ा फार्म गांव पिछले करीब 40 वर्षों से सड़क के लिए तरस रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर चुनाव में सिर्फ वादे होते हैं, लेकिन सड़क आज तक नहीं बनी। अब गांव वालों ने दो टूक ऐलान कर दिया है— 'पहले सड़क का अधिकार, फिर होगा मतदान स्वीकार।'
यह तस्वीरें बाजपुर विधानसभा के बूढ़ा फार्म गांव की हैं... जहां आज भी लोग बदहाल रास्तों पर चलने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 40 वर्षों से गांव की सड़क नहीं बनी। बरसात में पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना, मरीजों को अस्पताल पहुंचाना और किसानों का खेतों तक आना-जाना मुश्किल हो जाता है।
"सड़क नहीं... तो विकास नहीं!"
"40 साल का इंतजार, कब मिलेगा सड़क का अधिकार?"
ग्रामीणों का कहना है कि बाजपुर के विधायक यशपाल आर्य को विकास पुरुष के रूप में जाना जाता है, लेकिन उनके गांव तक विकास की किरण नहीं पहुंची। उनका सवाल है कि आखिर उनके गांव के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
"वादे बहुत... सड़क शून्य!"
"गांव पूछ रहा है— हमारा कसूर क्या है?"
वीओ-3:
अब ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आने वाले चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने पर मजबूर होंगे। गांव में एक ही आवाज गूंज रही है