Install App
Login
HOME
Delhi
Haryana
Uttar Pradesh
Bihar
Chhattisgarh
Madhya Pradesh
Rajasthan
Jharkhand
Himachal Pradesh
Uttarakhand
Punjab
Andhra Pradesh
Telangana
Tamil Nadu
Karnataka
Maharashtra
Assam
West Bengal
Tripura
Gujarat
Odisha
Kerala
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
कांग्रेस
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Up
अमित_शाह
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Uttarpradesh
Haryana
Cricket
Lucknow
Uttarakhand
Sambalpur
kurukshetravoice24
कुरुक्षेत्र ओल्ड बस स्टैंड से महिला का मोबाइल और पर्स चोरी क्या है पूरा मामला देखिए #kurukshetravoice
Thanesar, Kurukshetra
| Jun 26, 2026
#kurukshetravoice
MORE NEWS
कुरुक्षेत्र की कश्यप राजपूत धर्मशाला का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा, प्रदेश स्तरीय मेधावी छात्र सम्मान समारोह की तैयारियों को लेकर प्रेस वार्ता कर दी जानकारी। #kurukshetravoice
Thanesar, Kurukshetra | Jun 26, 2026
उज्जैन में मोहर्रम के जुलूस में कार में विस्फोटक रखकर क्रेन में लटका कर कार में धमाका कर दिया।
Thanesar, Kurukshetra | Jun 26, 2026
एक बार फिर गोताखोर प्रगट सिंह ने नहर में डूबने आई महिला की बचाई जान,डायल 112 मौके पर, महिला को किया परिवार के हवाले #kurukshetravoice
Thanesar, Kurukshetra | Jun 26, 2026
श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय ने तीन वर्षों में लिखी विकास की नई इबारत -कुलपति प्रो.धीमान के नेतृत्व में शिक्षा, शोध, चिकित्सा और आधारभूत संरचना में ऐतिहासिक बदलाव कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.वैद्य करतार सिंह धीमान के तीन वर्षों के कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने जिस गति से शिक्षा, चिकित्सा, अनुसंधान और बुनियादी ढांचे में विस्तार किया है, वह विश्वविद्यालय की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय बन गया है। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने कई ऐसी पहलें कीं, जिनसे न केवल विद्यार्थियों और शोधार्थियों को लाभ मिला, बल्कि आमजन के लिए आयुष स्वास्थ्य सेवाएं भी अधिक सुलभ, आधुनिक और प्रभावी बनीं। पारदर्शी प्रशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के कारण विश्वविद्यालय ने अपनी अलग पहचान बनाई है। इन तीन वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि विश्वविद्यालय अस्पताल में एकीकृत आयुष चिकित्सा प्रणाली को सशक्त रूप से स्थापित करना रही। पहली बार आयुर्वेद के साथ होम्योपैथी, यूनानी, सिद्ध एवं प्राकृतिक चिकित्सा की समर्पित ओपीडी शुरू की गईं। इसके अलावा मर्म चिकित्सा, बाल पंचकर्म, फिजियोथेरेपी, नशा मुक्ति केंद्र, गर्भसंस्कार, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नेत्र एवं ईएनटी जैसी विशेष ओपीडी शुरू कर मरीजों को एक ही परिसर में व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक पैथोलॉजी लैब, डिजिटल पंजीकरण, एक्स-रे सुविधा और 170 बिस्तरों तक क्षमता विस्तार किया गया। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के परिणामस्वरूप अस्पताल की ओपीडी वर्ष 2023 के 76 हजार से बढ़कर वर्ष 2025 में 1.15 लाख से अधिक पहुंच गई। आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने तेजी से विकास किया। स्मार्ट क्लासरूम, 'योग्या' स्किल्ड सिमुलेशन लैब, डिजिटल पुस्तकालय, नए कक्षा-कक्ष, बहुउद्देश्यीय हॉल, औषध निर्माण इकाई, सौर ऊर्जा संयंत्र, वर्षा जल संचयन प्रणाली, कैंटीन तथा छात्र सुविधाओं का विस्तार किया गया। साथ ही लगभग 539 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए विश्वविद्यालय परिसर की प्रक्रिया को गति दी गई, जो भविष्य में देश के अत्याधुनिक आयुष शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित होगा। विद्यार्थियों पर अनुशासन का सकारात्मक प्रभाव कुलपति प्रो. धीमान के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। अप्रैल 2025 में विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में 126 विद्यार्थियों को डिग्रियां तथा 26 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप 11 रोजगारपरक पाठ्यक्रम के साथ एआई, मशीन लर्निंग और आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों पर वैल्यू एडेड कोर्स प्रारंभ किए गए। ऑनलाइन एवं पारदर्शी प्रवेश प्रणाली से हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक कॉलेज में समयबद्ध प्रवेश सुनिश्चित हुए। 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति नीति लागू होने के बाद विश्वविद्यालय का आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान लगातार कई परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देकर प्रदेश में अग्रणी संस्थानों में शामिल रहा। शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समयबद्ध पीजी एवं पीएचडी शोध प्रणाली लागू की गई। 200 से अधिक स्नातकोत्तर शोधार्थियों ने अपनी डिग्री पूरी की, जबकि विश्वविद्यालय ने अपना शोध जर्नल शुरू कर सीसीआरएएस और एनएमपीबी सहित कई राष्ट्रीय संस्थानों के साथ शोध सहयोग भी स्थापित किया। भारतीय विश्वविद्यालय संघ की सदस्यता प्राप्त करना भी इस अवधि की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल रहा। सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी अग्रणी रहा विश्वविद्यालय आयुष विश्वविद्यालय ने सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए। स्वर्णप्राशन अभियान के माध्यम से लगभग 25 हजार बच्चों को लाभ पहुंचाया गया। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए 100 से अधिक टीबी रोगियों को गोद लिया और उनके पूर्ण स्वस्थ होने तक राशन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाई। साथ ही कुरुक्षेत्र को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से आयुर्वेदिक चिकित्सकों की विशेष टीम गठित कर घर-घर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया। स्वास्थ्य जांच शिविर, योग जागरूकता अभियान, रक्तदान शिविर, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की गतिविधियों तथा जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालय ने समाज के विभिन्न वर्गों तक आयुष चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की। नया परिसर बनाना मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट : प्रो. धीमान कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के नए परिसर का निर्माण कार्य शुरू कराना उनका प्रमुख लक्ष्य और सपना है। पिछले तीन वर्षों से वे इस परियोजना को गति देने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। अब विश्वविद्यालय के स्थाई कैंपस निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है। विश्वविद्यालय की इन उपलब्धियों का श्रेय केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास, समर्पण और टीम भावना को जाता है। आने वाले समय में भी विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
Thanesar, Kurukshetra | Jun 25, 2026