मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की.
कम प्रगति वाली परियोजनाओं पर कड़ी नाराजगी : सुधार के दिए सख्त निर्देश.
_________________________
रीवा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा की अध्यक्षता में जिला पंचायत के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी रीवा नयन सिंह और जिला कार्यक्रम अधिकारी मऊगंज आशीष द्विवेदी सहित दोनों जिलों के समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं और सूचकांकों की बिन्दुवार गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर सीईओ द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई। कम से कम 21 दिन गर्म पका भोजन प्राप्त करने वाले बच्चों का प्रतिशत सिरमौर-1, रायपुर-कर्चुलियान और गांगेव-2 में अत्यंत कम पाया गया। इसी तरह, टेक होम राशन के 21 दिवस वितरण में गांगेव-1 और जवा का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। गर्भवती महिलाओं की चौथी प्रसव पूर्व जांच पूर्ण होने और उचित वजन वृद्धि के मामले में सिरमौर-1, जवा, त्योंथर और गांगेव-2 परियोजनाओं की स्थिति खराब पाई गई।
सैम, मैम और गंभीर कम वजन वाले बच्चों की रिकवरी दर सिरमौर-2 और गांगेव-1 में काफी कम दर्ज की गई। साथ ही, संपर्क ऐप में इन बच्चों के पंजीयन और भूख की जांच में भी कमी पाई गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लक्ष्य प्राप्ति में गांगेव-1, गांगेव-2 और सिरमौर-1 सबसे पीछे रहे। इसके अलावा, पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों की भर्ती के लक्ष्यों में सेमरिया, गंगेव और सिरमौर की उपलब्धि असंतोषजनक रही।
बैठक में जहां कमजोरियों पर सख्ती दिखाई गई, वहीं जिन परियोजनाओं में कार्य बेहतर रहा, उनकी सराहना भी की गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण पुनर्वास केंद्र के लक्ष्यों की प्राप्ति और सामुदायिक आधारित गतिविधियों / ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के शत-प्रतिशत आयोजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने निर्देश दिए कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में सकारात्मक परिणामों को बनाए रखा जाए और उनमें और अधिक सुधार किया जाए। इसके अलावा, अति कम वजन के बच्चों को तीसरा भोजन रेडी टू ईट उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गई और जल्द ही जिला स्तर से निर्णय लेकर इसके क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कम प्रगति वाले क्षेत्रों में हितग्राही पंजीयन बढ़ाने और लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। सैम, मैम और गंभीर कम वजन वाले बच्चों का संपर्क ऐप में पंजीयन, सत्यापन, नियमित फॉलो-अप, भूख की जांच पूर्ण करने तथा शाला पूर्व शिक्षा में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, कार्य में प्रगति न लाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भविष्य में कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh
#Rewa #रीवा
7 views | Rewa, Madhya Pradesh | Oct 29, 2026