मताना में किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन, 18 ने जमा करवाई आईडी, सरपंच बोले : बिना जांच न दें मकान
फतेहाबाद।(राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो:
जिले में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से फतेहाबाद पुलिस और ग्राम पंचायतों द्वारा किरायेदारों के वेरिफिकेशन का अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस टीम शहर से सटे गांव मताना पहुंची, जहां सरपंच एडवोकेट दलबीर वर्मा के कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस विभाग से एएसआई वेदप्रकाश और एसपीओ धर्मबीर विशेष तौर पर मौजूद रहे। बैठक में गांव मताना में किराए पर रह रहे बाहरी परिवारों और मकान मालिकों की ओर से आईडी और पूर्ण ब्योरा ग्राम पंचायत को सौंपा गया।
18 परिवारों का रिकॉर्ड आया सामने, ग्रुप में साझा होगी जानकारी
सरपंच एडवोकेट दलबीर वर्मा ने बताया कि मताना में सुरक्षा के लिहाज से किरायेदारों का रिकॉर्ड दुरुस्त किया जा रहा है। अब तक 18 प्रवासी एवं बाहरी परिवारों की आईडी और आवश्यक दस्तावेज ग्राम पंचायत के पास जमा हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी किरायेदारों की पूरी डिटेल और पहचान जल्द ही गांव के आधिकारिक ग्रुप में साझा की जाएगी, ताकि गांव के प्रत्येक नागरिक को यह स्पष्ट जानकारी रहे कि किसके मकान में कौन किराएदार के रूप में निवास कर रहा है। सरपंच दलबीर वर्मा ने ग्रामीणों और मकान मालिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के ध्यान में कोई अन्य किराएदार आता है जिसकी आईडी पंचायत के पास जमा नहीं हुई है, तो उसकी तुरंत सूचना दें। इसका मुख्य उद्देश्य गांव में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखना है ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर न रह सके।
एएसआई वेदप्रकाश ने सुरक्षा और सत्यापन पर दिया जोर
इस अवसर पर पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे एएसआई वेदप्रकाश ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना या संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन अत्यंत अनिवार्य है। कई बार बाहरी व्यक्ति बिना पहचान पत्र के रहने लगते हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है। मकान मालिकों की यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है कि वे किराएदार रखने से पहले उसकी पूरी जानकारी और आईडी पुलिस और पंचायत को अवश्य उपलब्ध करवाएं। जो मकान मालिक बिना वेरिफिकेशन के किराएदार रखेंगे, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कदम उठाए जा सकते हैं।