पहले पाठ सुनाओ, फिर बल्ला चलाओ : घुसकानी में शिक्षा और खेल का अनूठा मॉडल
नवाचार विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता को भी मजबूत करते हैं : राजेश बूरा
कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की किरण बनी बदलाव की पाठशाला : रमेश बूरा
भिवानी, 07 जून : गांव घुसकानी स्थित वीर शहीद कैप्टन ओ.पी. दलाल राजकीय उच्च विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई एवं खेल में अव्वल बनाने के लिए संचालित बदलाव की पाठशाला के साथ गांव प्रेमनगर के सरपंच एवं खेल प्रेमी राजेश बूरा तथा शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य रमेश बूरा ने अपने अनुभव साझा किए। इसी दौरान उन्होंने ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों के लिए चलाए जा रहे खेल एवं शैक्षणिक नवाचारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
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बदलाव की पाठशाला में पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए किए कई नवाचार : सरपंच राजेश बूरा
मुख्य अतिथियों द्वारा सॉफ्टबॉल नर्सरी में शारीरिक शिक्षक विनोद पिंकू एवं कोच सनेश दलाल द्वारा किए जा रहे अभिनव प्रयासों को सराहा। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिक्षक की बच्चों के प्रति सकारात्मक सोच, समर्पण और अच्छी भावना हो तो वह शिक्षा के क्षेत्र में असंभव को भी संभव बना सकता है। इसी सोच के साथ विद्यालय में बदलाव की पाठशाला की शुरुआत की गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। अनुभव साझा करने के दौरान अतिथियों ने देखा कि बच्चों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान दिए गए गृहकार्य की नियमित समीक्षा की जा रही है। जो विद्यार्थी सबसे पहले अपना गृहकार्य एवं पाठ सही ढंग से सुनाता है, उसे मैदान में सबसे पहले अभ्यास मैच में बल्लेबाजी करने का अवसर दिया जाता है। भविष्य में ऐसे विद्यार्थियों को टीम का नेतृत्व एवं कप्तानी की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। इस अनूठी पहल ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति विशेष रुचि पैदा की है।
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पाठ्यपुस्तक, लेखन शैली, एमसीक्यू एवं ओएमआर आधारित अध्ययन का पूर्व प्राचार्य रमेश बूरा ने किया अवलोकन
मुख्य अतिथियों ने बच्चों द्वारा लिखे गए, हिंदी एवं अंग्रेजी में पैराग्राफ, उनकी लेखन शैली, एमसीक्यू आधारित मूल्यांकन प्रणाली तथा बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का अवलोकन किया। शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य रमेश बूरा ने विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम आधारित प्रश्न पूछे, जिनका बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ सटीक उत्तर दिया। इससे प्रभावित होकर उन्होंने विद्यार्थियों की सराहना की तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप पहले बल्लेबाजी करने का अवसर प्रदान किया। इस अवसर पर सरपंच राजेश बूरा एवं पूर्व प्राचार्य रमेश बूरा ने कहा कि बदलाव की पाठशाला विशेष रूप से पढ़ाई में कमजोर एवं आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक वातावरण तैयार करने में सफल रही है। प्रतिभा किसी वर्ग विशेष की मोहताज नहीं होती, बल्कि उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर हर बच्चा आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं खेल से रोजगार तक का जो लक्ष्य बदलाव की पाठशाला ने निर्धारित किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
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शारीरिक शिक्षक विनोद पिंकू एवं सहयोगियों के प्रयासों की सराहना
मुख्य अतिथियों ने शारीरिक शिक्षक विनोद पिंकू, कोच सनेश दलाल तथा बदलाव की पाठशाला से जुड़े सभी सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान शिक्षा, खेल और संस्कारों को एक साथ जोडक़र विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान सरपंच राजेश बूरा एवं पूर्व प्राचार्य रमेश बूरा ने पाठ को कंठस्थ सुनाने वाले विद्यार्थियों को लेखन सामग्री वितरित की। वहीं हवा सिंह पंच, सतबीर सिंह पूर्व पंच एवं कोच सनेश दलाल ने मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
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विद्यालय सौंदर्यकरण में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का विशेष सहयोग : विनोद पिंकू
शारीरिक शिक्षक एवं बदलाव की पाठशाला के सदस्य विनोद पिंकू ने बताया कि विद्यालय सौंदर्यकरण में विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि, सरपंच सुनीता-संदीप दलाल, विद्यालय स्टाफ, फालसा ईको कल्ब के छात्र सदस्यों,ग्राम पंचायत तथा ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल सरकारी भवन नहीं, बल्कि शिक्षा का मंदिर है। यदि ग्रामीण, विद्यार्थी, शिक्षक, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि मिलकर कार्य करें तो विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाया जा सकता है, जिससे भविष्य में बच्चों के लिए बेहतर रोजगार और विकास के अवसर तैयार होंगे। इस अवसर पर कोच सनेश दलाल, पंच हवा सिंह, पूर्व पंच सतबीर सिंह, विद्यालय परिवार, विद्यार्थी एवं बदलाव की पाठशाला के सदस्य उपस्थित रहे।