कनवास एसडीएम न्यायालय बना पारिवारिक जंग का मैदान
मामोर झोपड़ियां की रहने वाली 28 वर्षीय शिकू सुमन अपने पिता घनश्याम के साथ बाइक से कनवास आ रही थी। तभी पावर हाउस के पास... कार सवार आरोपियों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। कार में शिकू का पति परीक्षित सुमन, सास धंकवर, ससुर रामचंद्र और दीपक सुमन मौजूद थे। वहीं, जान का खतरा भांपकर शिकू ने अपने पिता से बाइक को सीधे कोर्ट परिसर की तरफ मोड़ने को कहा... लेकिन वहां भी हैवानियत हुई। कोर्ट परिसर में ही आरोपियों ने पिता-पुत्री को घेर लिया और लात-घूसों की बरसात कर दी। शिकू ने जब अपने पिता को बचाने की कोशिश की, तो आरोपी दीपक ने उसका हाथ पकड़कर ज़मीन पर पटक दिया। हद तो तब हो गई जब पति, सास और ससुर महिला की छाती पर बैठकर सरेआम मारपीट करने लगे। माहौल गरम होता देख वहां मौजूद वकीलों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बीच-बचाव कर दोनों की जान बचाई। कनवास थानाधिकारी अनूप सिंह के मुताबिक, पीड़िता शिकू की रिपोर्ट पर पति परीक्षित सहित चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती, कोर्ट परिसर में गुंडागर्दी और वकीलों के साथ हुई अभद्रता से वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। अभिभाषक परिषद के अध्यक्ष महेश मालव और सचिव बद्रीलाल मेरोठा की अगुवाई में मामले के बाद एक शिष्टमंडल सुरक्षा की मांग को लेकर SDM बाबूलाल मीणा से मिलने पहुंचा। आरोप है कि उपखंड अधिकारी (SDM) ने वकीलों की मांगों को नज़रअंदाज़ करते हुए न सिर्फ गैर-संतोषजनक जवाब दिया, बल्कि अमर्यादित भाषा का प्रयोग भी किया, अब इस रवैये से नाराज़ अभिभाषक परिषद ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। वकीलों ने SDM कोर्ट का अनिश्चितकालीन न्यायिक बहिष्कार करने का फैसला किया है। यानी जब तक व्यवस्था नहीं सुधरती, तब तक कोई भी अधिवक्ता उपखंड न्यायालय में पैरवी नहीं करेगा।
Sangod, Kota | Sep 30, 2026