फाग महोत्सव में बृज रसिक जे एस आर मधुकर व उनके साथी कलाकारों द्वारा होली के रसिया और भजन प्रस्तुत किये गए,इन रसिया और भजनों पर कई घण्टे तक श्रद्धालु झूमते रहे,उन्होंने ऐसो चटक रंग डारयो,मैं कैसे होरी खेलूंगी या सांवरिया के संग जैसे होली रसिया प्रस्तुत किये