हिम दृष्टि न्यूज़ मीडिया नेटवर्क 18 जुलाई 2026 ओर देश विकास और विश्व गुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला चंबा के कई दूरदराज़ गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ताजा मामला जनजातीय क्षेत्र भरमौर की ग्राम पंचायत दुर्गठी के वार्ड नंबर-4 से सामने आया है, जहां सड़क सुविधा के अभाव में एक बीमार बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को पालकी का सहारा लेना पड़ा।
बताया जा रहा है कि गांव तक सड़क न होने के कारण एम्बुलेंस या कोई अन्य वाहन नहीं पहुंच सका। मजबूरन ग्रामीणों ने बीमार बुजुर्ग को पालकी में बैठाकर दुर्गम और संकरे पहाड़ी रास्तों से कई किलोमीटर तक अपने कंधों पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद ही उन्हें आगे उपचार के लिए अस्पताल भेजा जा सका।
इस घटना ने एक बार फिर दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर भारी नाराज़गी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से गांव तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत दुर्गठी के वार्ड नंबर-4 को जल्द से जल्द सड़क सुविधा से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज को इलाज के लिए इस तरह जान जोखिम में डालकर पालकी के सहारे अस्पताल न ले जाना पड़े। उनका कहना है कि विकास का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचें।
Chamba, Chamba | Jul 19, 2026