*👉बिना CC जारी हुए ही सरपंच-सचिव डकार गए पूरी राशि! पहली ही बारिश में रो पड़ा 'कटकोना' का पंचायत भवन*
*विशेष खोजी रिपोर्ट (ब्यूरो चीफ)।*
*बुढार जनपद पंचायत कटकोना में भ्रष्टाचार की दीमक सरकारी योजनाओं को किस तरह खोखला कर रही है, इसका जीता-जागता उदाहरण ग्राम पंचायत कटकोना में देखने को मिला है। यहाँ नवनिर्मित पंचायत भवन भ्रष्टाचार की ऐसी भेंट चढ़ा है कि पहली ही बारिश ने पंचायत राज व्यवस्था के दावों और निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। नियम-कानूनों को ताक पर रखकर, बिना सीसी (Completion Certificate) जारी किए ही पूरी शासकीय राशि का आहरण कर साफ कर दिया गया।*
*👉### पहली ही बारिश में रिसने लगीं दीवारें और छत, घटिया सामग्री की खुली पोल*
*कटकोना में बने इस पंचायत भवन के निर्माण में गुणवत्ता विहीन ईंट, घटिया पत्थर, नाममात्र का सीमेंट, घटिया रेत और कमजोर सरियों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया गया। हद तो तब हो गई जब पहली ही बारिश में नवनिर्मित भवन की छत और दीवारों से पानी का रिसाव होने लगा। सीलन ने अभी से पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे टाइल्स और प्लास्टर उखड़ने की कगार पर हैं।*
*👉### फाइलों में काम 'पूरा', जमीन पर 'अधूरा':*
*शासकीय अभिलेखों में लगभग पूरी राशि का भुगतान कर वित्तीय अनियमितता की चरम सीमा पार कर दी गई है, जबकि मौके पर आज भी दर्जनों महत्वपूर्ण कार्य अधूरे पड़े हैं:*
*प्लास्टर और पुट्टी गायब: पंचायत भवन के पीछे दोनों ओर न तो प्लास्टर का कार्य हुआ है और न ही पुट्टी एवं पेंट का काम कराया गया।*
*अधूरा सेप्टिक टैंक और बाउंड्री: सेप्टिक टैंक का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है और भवन की बाहरी बाउंड्री में ग्रिल तक नहीं लगाई गई है।*
*बिजली और पानी की फिटिंग नदारद: विद्युत कार्य पूरी तरह अधूरा है; बोर्ड, लाइट और पंखे नहीं लगाए गए हैं, यहाँ तक कि बिजली का मीटर भी स्थापित नहीं है। शौचालय एवं बाथरूम में आवश्यक फिटिंग (कमोड, नल आदि) गायब हैं।*
*खुली छत और अधूरा किचन: सीढ़ी के ऊपर छत की ढलाई ही नहीं की गई है, जिससे वह हिस्सा खुला आसमान ताक रहा है। किचन का निर्माण कार्य भी पूरी तरह अधूरा पड़ा है।*
*👉मिट्टी फिलिंग गायब: भवन के चारों ओर मिट्टी भराई (फिलिंग) का कार्य भी नहीं किया गया है।*
*👉### ₹5 लाख की मजदूरी... और कागजों में निकाल लिए ₹10 लाख! बड़ा मस्टर रोल घोटाला*
*निर्माण कार्य की जमीनी हकीकत को देखें तो वास्तविक मजदूरी का अनुमान लगभग ₹5,00,000 लगाया जा रहा है। लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाड़ियों ने शासकीय राशि को ठिकाने लगाने के लिए जो खेल खेला, उसने सबके होश उड़ा दिए। अभिलेखों में केवल दो मजदूरों के नाम पर ₹10,00,000 से अधिक की भारी-भरकम राशि मजदूरी भुगतान के रूप में निकाल ली गई! यह सीधे तौर पर फर्जी मस्टर रोल तैयार कर शासकीय धन के गबन का एक गंभीर और संगीन मामला है।*
*👉जांच की मांग: इस पूरे मामले में संपूर्ण मजदूरी भुगतान, मस्टर रोल, संबंधित बैंक खातों एवं अन्य वित्तीय अभिलेखों की उच्च स्तरीय फॉरेंसिक जांच होना अत्यंत आवश्यक है।*
*📢 जिम्मेदार मौन, जनता में आक्रोश!*
*बिना निर्माण पूरा हुए और बिना सीसी जारी हुए पूरी राशि का आहरण कैसे हो गया? क्या इसमें तकनीकी अधिकारियों और जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों की भी मूक सहमति थी? यह एक बड़ा सवाल है। कटकोना की जनता अब इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में है और दोषियों पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कर शासकीय राशि की वसूली की मांग कर रही है।*
*अब देखना यह है कि इस गंभीर वित्तीय अनियमितता और मस्टर रोल घोटाले की फाइलें खुलने के बाद जिला प्रशासन और जिला पंचायत सीईओ इस भ्रष्ट गठजोड़ पर क्या कठोर कार्रवाई करते हैं!*
Anuppur, Anuppur | Jul 7, 2026