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बालाघाट: भरवेली निवासी की शिकायत पर गंदी गालियां देकर हाथ मुक्कों से मारपीट व जान से मारने की धमकी देने आरोपी पर मामला किया दर्ज

Balaghat, Balaghat | Mar 30, 2022

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#बालाघाट
बिरसा में वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित

वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) दावों के बेहतर निष्पादन के उद्देश्य से जनपद पंचायत बिरसा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैहर के मार्गदर्शन में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साथी अनुसंधान एवं सामाजिक कल्याण संगठन, बालाघाट ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायतों, वन अधिकार समितियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की क्षमता का विकास कर वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बिरसा श्री नितिन भट्ट ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम के सफल क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों एवं वन अधिकार समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समन्वय स्थापित कर पात्र हितग्राहियों को अधिनियम का लाभ दिलाने की अपील की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों के सचिव, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष एवं सचिव, पटवारी, वन रक्षक, जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी, छात्रावास अधीक्षक तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षक श्री गौरव शर्मा एवं श्री रितेश देशमुख ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रमुख प्रावधानों, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर), ग्राम सभा की भूमिका, दावा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, दावों के परीक्षण एवं अनुमोदन की प्रक्रिया सहित अधिनियम के कानूनी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए ग्राम स्तर पर अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों से अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा पात्र वनवासियों एवं जनजातीय समुदायों को उनके वैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यवहारिक बताते हुए इसे ग्राम स्तर पर वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

#CMMadhyaPradesh  #JansamparkMP #minforestmp #WelfareTribal

#बालाघाट बिरसा में वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) दावों के बेहतर निष्पादन के उद्देश्य से जनपद पंचायत बिरसा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैहर के मार्गदर्शन में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साथी अनुसंधान एवं सामाजिक कल्याण संगठन, बालाघाट ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायतों, वन अधिकार समितियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की क्षमता का विकास कर वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बिरसा श्री नितिन भट्ट ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम के सफल क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों एवं वन अधिकार समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समन्वय स्थापित कर पात्र हितग्राहियों को अधिनियम का लाभ दिलाने की अपील की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों के सचिव, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष एवं सचिव, पटवारी, वन रक्षक, जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी, छात्रावास अधीक्षक तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षक श्री गौरव शर्मा एवं श्री रितेश देशमुख ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रमुख प्रावधानों, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर), ग्राम सभा की भूमिका, दावा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, दावों के परीक्षण एवं अनुमोदन की प्रक्रिया सहित अधिनियम के कानूनी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए ग्राम स्तर पर अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों से अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा पात्र वनवासियों एवं जनजातीय समुदायों को उनके वैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यवहारिक बताते हुए इसे ग्राम स्तर पर वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minforestmp #WelfareTribal

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 14, 2026

#बालाघाट
15 से 30 जुलाई तक चलेगा "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान
जनभागीदारी से नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान
बालाघाट जिले में 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित होने वाले "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" जनजागरूकता अभियान के सफल संचालन को लेकर मंगलवार 14 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भोपाल से लाइव संबोधन का सीधा प्रसारण भी देखा गया।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन, कलेक्टर श्री मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री निहित उपाध्याय, डीएसपी (आईजी कार्यालय) श्री राजाराम धाकड़, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती सुरजीत ठाकुर, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य श्री मौसम बिसेन, एसडीएम श्री गोपाल सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है। जिस प्रकार डकैतों और नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई, उसी तरह अब हर प्रकार के नशे पर रोक लगाने के लिए ड्रग माफिया, तस्करों और नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक चुनौतीपूर्ण अभियान है, जिसकी सफलता के लिए सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आम नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है।
बैठक की शुरुआत में पुलिस विभाग द्वारा अभियान की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। अधिकारियों को अभियान के चार प्रमुख आयाम—इन्फोर्समेंट एवं इंटेलिजेंस ऑपरेशन, प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स कंट्रोल, डिमांड एवं हार्म रिडक्शन तथा कैपेसिटी बिल्डिंग एवं कोऑर्डिनेशन—की जानकारी दी गई। साथ ही पिछले अभियान की उपलब्धियों की समीक्षा कर इस वर्ष इसे और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार ने कहा कि "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" केवल पुलिस विभाग का अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों से अपने-अपने अधिकारों और कानूनी प्रावधानों का प्रभावी उपयोग करते हुए नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और जनजागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने बैठक में कहा कि अभियान अवधि के दौरान जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में नशामुक्ति विषय पर रैलियां, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, संगोष्ठियां, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताएं, मानव श्रृंखला तथा अन्य जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी का प्रभावी निर्वहन करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करे, ताकि अधिक से अधिक नागरिक अभियान से जुड़ें और वर्ष 2029 तक नशामुक्त समाज के लक्ष्य को साकार करने में अपनी भागीदारी निभाएं। बैठक के अंत में विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं तथा सभी अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।

#CMMadhyaPradesh  #mohdept   #MPPoliceDeptt
 #socialwelfaremp #NasheSeDooriHaiZaroori_2.0 #JansamparkMP

#बालाघाट 15 से 30 जुलाई तक चलेगा "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान जनभागीदारी से नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान बालाघाट जिले में 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित होने वाले "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" जनजागरूकता अभियान के सफल संचालन को लेकर मंगलवार 14 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भोपाल से लाइव संबोधन का सीधा प्रसारण भी देखा गया। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन, कलेक्टर श्री मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री निहित उपाध्याय, डीएसपी (आईजी कार्यालय) श्री राजाराम धाकड़, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती सुरजीत ठाकुर, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य श्री मौसम बिसेन, एसडीएम श्री गोपाल सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है। जिस प्रकार डकैतों और नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई, उसी तरह अब हर प्रकार के नशे पर रोक लगाने के लिए ड्रग माफिया, तस्करों और नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक चुनौतीपूर्ण अभियान है, जिसकी सफलता के लिए सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आम नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है। बैठक की शुरुआत में पुलिस विभाग द्वारा अभियान की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। अधिकारियों को अभियान के चार प्रमुख आयाम—इन्फोर्समेंट एवं इंटेलिजेंस ऑपरेशन, प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स कंट्रोल, डिमांड एवं हार्म रिडक्शन तथा कैपेसिटी बिल्डिंग एवं कोऑर्डिनेशन—की जानकारी दी गई। साथ ही पिछले अभियान की उपलब्धियों की समीक्षा कर इस वर्ष इसे और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार ने कहा कि "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" केवल पुलिस विभाग का अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों से अपने-अपने अधिकारों और कानूनी प्रावधानों का प्रभावी उपयोग करते हुए नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और जनजागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने बैठक में कहा कि अभियान अवधि के दौरान जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में नशामुक्ति विषय पर रैलियां, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, संगोष्ठियां, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताएं, मानव श्रृंखला तथा अन्य जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी का प्रभावी निर्वहन करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करे, ताकि अधिक से अधिक नागरिक अभियान से जुड़ें और वर्ष 2029 तक नशामुक्त समाज के लक्ष्य को साकार करने में अपनी भागीदारी निभाएं। बैठक के अंत में विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं तथा सभी अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। #CMMadhyaPradesh #mohdept #MPPoliceDeptt #socialwelfaremp #NasheSeDooriHaiZaroori_2.0 #JansamparkMP

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 14, 2026

#बालाघाट 
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर कलेक्टर सख्त
लापरवाही पर नोटिस और वेतन कटौती के निर्देश
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने मंगलवार 14 जुलाई को कृषि, स्वास्थ्य एवं खाद्य आपूर्ति विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन की लंबित 17 शिकायतों की समक्ष में सुनवाई कर प्रकरणों की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान 4 शिकायतों का तत्काल निराकरण कर उन्हें बंद कराया गया, जबकि शेष शिकायतों को एक सप्ताह के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री मीना ने शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब एवं पोर्टल पर गलत या अपूर्ण जवाब दर्ज करने वाले अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
प्रसूति सहायता और नसबंदी मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 200 दिनों से अधिक समय से लंबित सात शिकायतों की सुनवाई के दौरान परसवाड़ा के ग्राम डोंगरिया की सुकवंती मरकाम, लालबर्रा के नंदकिशोर देवाहे तथा वारासीवनी के ग्राम कोचेवाही की मोनिका द्वारा नसबंदी ऑपरेशन असफल होने पर मुआवजे की मांग की गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि सुकवंती मरकाम एवं नंदकिशोर देवाहे के मामलों में मुआवजा स्वीकृत हो चुका है और शासन से राशि प्राप्त होते ही उनके खातों में जमा करा दी जाएगी, जबकि मोनिका का प्रकरण पात्रता के अभाव में स्वीकृत नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा महकेपार की उषा काड़ेकर, आरती उइके, बोरगांव (किरनापुर) की विनीता मर्सकोले तथा बालाघाट के डालीराम लिल्हारे द्वारा संबल योजना के अंतर्गत मिलने वाली 16 हजार रुपये की प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत की गई थी। कलेक्टर ने इन शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन के समय संबल कार्ड की पात्रता की भी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके।
फसल बीमा और कृषक सहायता मामलों में सख्ती
कृषि विभाग की शिकायतों की सुनवाई में तिरोड़ी के राजेंद्र, कोहका के ओमकार, खैरलांजी की रामरी तथा ग्राम दिघोरी के मोहम्मद खालिक की फसल बीमा राशि नहीं मिलने संबंधी शिकायतों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जाना है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को बीमा कंपनी से समन्वय कर भुगतान की राशि और समयसीमा की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
वारासिवनी तहसील के ग्राम नरोड़ी की हेमलता चौधरी द्वारा मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के तहत आर्थिक सहायता नहीं मिलने की 216 दिनों से लंबित शिकायत की सुनवाई के दौरान पाया गया कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रकरण के निराकरण में लापरवाही बरती गई और जांच के लिए मामला विलंब से एसडीएम के पास भेजा गया। इस पर कलेक्टर श्री मीना ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एल-1 अधिकारी एवं उप संचालक कृषि को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उज्ज्वला योजना की शिकायतों पर कार्रवाई
सुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत नए गैस कनेक्शन नहीं मिलने से संबं
धित पांच शिकायतों की भी समीक्षा की गई, जो 350 दिनों से अधिक समय से लंबित थीं। कलेक्टर श्री मीना ने खाद्य आपूर्ति विभाग एवं गैस एजेंसी के अधिकारियों को इन शिकायतों का शीघ्र निराकरण कर बंद कराने के निर्देश दिए। उज्ज्वला योजना की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर कटंगी के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी का दो दिन का वेतन काटने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए।
कलेक्टर श्री मीना ने स्पष्ट कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

#CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #healthminmp  #minmpkrishi

#बालाघाट सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर कलेक्टर सख्त लापरवाही पर नोटिस और वेतन कटौती के निर्देश कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने मंगलवार 14 जुलाई को कृषि, स्वास्थ्य एवं खाद्य आपूर्ति विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन की लंबित 17 शिकायतों की समक्ष में सुनवाई कर प्रकरणों की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान 4 शिकायतों का तत्काल निराकरण कर उन्हें बंद कराया गया, जबकि शेष शिकायतों को एक सप्ताह के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री मीना ने शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब एवं पोर्टल पर गलत या अपूर्ण जवाब दर्ज करने वाले अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। प्रसूति सहायता और नसबंदी मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 200 दिनों से अधिक समय से लंबित सात शिकायतों की सुनवाई के दौरान परसवाड़ा के ग्राम डोंगरिया की सुकवंती मरकाम, लालबर्रा के नंदकिशोर देवाहे तथा वारासीवनी के ग्राम कोचेवाही की मोनिका द्वारा नसबंदी ऑपरेशन असफल होने पर मुआवजे की मांग की गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि सुकवंती मरकाम एवं नंदकिशोर देवाहे के मामलों में मुआवजा स्वीकृत हो चुका है और शासन से राशि प्राप्त होते ही उनके खातों में जमा करा दी जाएगी, जबकि मोनिका का प्रकरण पात्रता के अभाव में स्वीकृत नहीं किया जा सकता। इसके अलावा महकेपार की उषा काड़ेकर, आरती उइके, बोरगांव (किरनापुर) की विनीता मर्सकोले तथा बालाघाट के डालीराम लिल्हारे द्वारा संबल योजना के अंतर्गत मिलने वाली 16 हजार रुपये की प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत की गई थी। कलेक्टर ने इन शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन के समय संबल कार्ड की पात्रता की भी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। फसल बीमा और कृषक सहायता मामलों में सख्ती कृषि विभाग की शिकायतों की सुनवाई में तिरोड़ी के राजेंद्र, कोहका के ओमकार, खैरलांजी की रामरी तथा ग्राम दिघोरी के मोहम्मद खालिक की फसल बीमा राशि नहीं मिलने संबंधी शिकायतों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जाना है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को बीमा कंपनी से समन्वय कर भुगतान की राशि और समयसीमा की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। वारासिवनी तहसील के ग्राम नरोड़ी की हेमलता चौधरी द्वारा मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के तहत आर्थिक सहायता नहीं मिलने की 216 दिनों से लंबित शिकायत की सुनवाई के दौरान पाया गया कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रकरण के निराकरण में लापरवाही बरती गई और जांच के लिए मामला विलंब से एसडीएम के पास भेजा गया। इस पर कलेक्टर श्री मीना ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एल-1 अधिकारी एवं उप संचालक कृषि को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उज्ज्वला योजना की शिकायतों पर कार्रवाई सुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत नए गैस कनेक्शन नहीं मिलने से संबं धित पांच शिकायतों की भी समीक्षा की गई, जो 350 दिनों से अधिक समय से लंबित थीं। कलेक्टर श्री मीना ने खाद्य आपूर्ति विभाग एवं गैस एजेंसी के अधिकारियों को इन शिकायतों का शीघ्र निराकरण कर बंद कराने के निर्देश दिए। उज्ज्वला योजना की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर कटंगी के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी का दो दिन का वेतन काटने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए। कलेक्टर श्री मीना ने स्पष्ट कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #healthminmp #minmpkrishi

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 14, 2026