*भिण्ड: संकटमोचक बने डॉ. विनीत गुप्ता, 8 साल से अकेले संभाल रहे जिला अस्पताल की कमान।*
*2018 का दौर: जब कोई डॉक्टर भिण्ड आने को तैयार नहीं था, तब डॉ. विनीत गुप्ता ने दिखाया था साहस।*
*स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़: जिला अस्पताल में एकमात्र MD फिजिशियन के रूप में संभाली पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था।*
*कोरोना काल में मसीहा: महामारी के डरावने दौर में जान की परवाह किए बिना सैकड़ों मरीजों का किया इलाज*।
*अकेले संभाला मोर्चा: संसाधनों और स्टाफ की कमी के बावजूद दिन-रात एक कर पूरे जिले को उबारा।*
*व्यापक जिम्मेदारी: मेल, फीमेल वार्ड, इमरजेंसी और OPD तक मरीजों की सेवा में सुबह से शाम तक तत्पर।*
*गरीबों का सहारा: बड़े शहरों की चकाचौंध छोड़ भिण्ड को ही बनाया अपनी कर्मभूमि।*
*षड्यंत्र का शिकार: निस्वार्थ सेवा के बावजूद स्वास्थ्य महकमे के कुछ अधिकारियों की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का सामना।*
*जनता में भारी आक्रोश: समर्पित डॉक्टर के खिलाफ प्रशासनिक अवरोधों से शहरवासियों म�