जिला पदाधिकारी, कटिहार आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संभावित बाढ़ से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित
*बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों हेतु अधिकारियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश*
कटिहार,05 सितंबर 2026 शनिवार।
आज 05 सितंबर 2026 को जिला पदाधिकारी, कटिहार श्री आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में जिला पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रभावित अंचलाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती नेहा कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी सूरज कुमार, अपर समाहर्ता श्री विनोद कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) श्री फिरोज अख्तर, सभी संबंधित अंचलों के वरीय पदाधिकारी एवं जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहें।
बैठक में अंचलाधिकारी बरारी ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण बरारी प्रखंड के दक्षिण भंडारतल एवं मोहना चांदपुर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही के लिए नाव का परिचालन शुरू कर दिया गया है। संबंधित पंचायत के मुखिया के आवेदन के अनुसार प्रभावित लोगों के लिए जल्द से जल्द सामुदायिक किचन शुरू किया जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं ताकि प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके अलावा, कुर्सेला प्रखंड अंतर्गत पूर्वी मुरादपुर सहित अन्य प्रभावित पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, जहाँ लगभग 15 नावों का परिचालन प्रारंभ कर दिया गया है।
वहीं, अंचलाधिकारी मनिहारी ने बताया कि मनिहारी प्रखंड की कुल 7 पंचायतें प्रभावित हुई हैं, जिनमें धुरहाई पंचायत सबसे अधिक प्रभावित है। प्रभावितों की सुविधा के लिए 9 नावों का परिचालन शुरू किया गया है तथा सामुदायिक किचन की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया है। दिलारपुर पंचायत में भी बाढ़ के पानी के आने की पूरी संभावना है, वहीं दक्षिण काटकोष, बाघमारा, मनोहरपुर एवं कुमारीपुर आदि पंचायतों में पानी आवागमन के रास्तों तक पहुँच चुका है, जहाँ सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं।
जिला पदाधिकारी श्री आशुतोष द्विवेदी ने सभी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर गंभीर संज्ञान लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
जिसमें सिविल सर्जन को निदेश दिया गया कि चिकित्सा व्यवस्था से संबंधित सभी प्रभावित प्रखंडों के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों को आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाएँ। दवाओं का भंडारण आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप मानव रक्षक आवश्यक दवाओं की पर्याप्त मात्रा में भंडारण कराएँ।
पशुपालन पदाधिकारी को आदेश दिया गया कि पशुओं की सुरक्षा से संबंधित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में पशुचारा का भंडारण करें तथा पशुओं के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखें।
इसके अतिरिक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी अंचलाधिकारी को निर्देशित किया गया कि अंचल में उपलब्ध राहत सामग्री (पॉलीथीन सीट्स आदि) का भौतिक निरीक्षण करें और बाढ़ आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर उनकी मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करें। स्वच्छ पेयजल से संबंधित पदाधिकारी सभी चिन्हित राहत शिविरों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। चापाकलों की मरम्मत कराएँ तथा आवश्यकता वाले शिविरों में नए चापाकल उपलब्ध कराएँ।
जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बाढ़ पीड़ित परिवारों की राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें तथा सभी कार्य स्थापित SOP के अनुपालन में करना सुनिश्चित करें।
प्रशासन हर संभव प्रयास कर प्रभावित जनजीवन को सामान्य बनाए रखने के लिए तत्पर है।
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी,
कटिहार।
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Katihar, Bihar | Sep 5, 2026