नालंदा - रहूई में लंबित मांगों को लेकर BPRO, ADPRO और ACEO ने लगाया काला बिल्ला
मांगें नहीं मानी गईं तो सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी
नालंदा से संवाददाता राकेश कुमार
नालंदा - बिहार पंचायत सेवा संघ (BIPSA) ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का सांकेतिक चरण शुरू कर दिया है। संघ के आह्वान पर सोमवार, 14 सितंबर से राज्य के सभी प्रखंडों एवं जिलों में पदस्थापित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO), सहायक जिला पंचायत राज पदाधिकारी (ADPRO) एवं सहायक मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (ACEO) ने काला बिल्ला लगाकर सरकार के प्रति अपना विरोध जताना शुरू किया। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा सामूहिक अवकाश पर जाने को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।
संघ की ओर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 8 सितंबर 2026 को पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना को ज्ञापन सौंपा गया था। मांगों पर विस्तृत चर्चा एवं आगे की रणनीति तय करने के लिए 9 सितंबर को संघ की कार्यकारिणी की बैठक पटना में आयोजित की गई। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार सोमवार से पूरे राज्य में काला बिल्ला लगाकर सांकेतिक विरोध शुरू किया गया है।
संघ की प्रमुख मांगों में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) के पद को राजपत्रित पद घोषित करना, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को पुनः पंचायत समिति का कार्यपालक पदाधिकारी बनाए जाने तथा प्रथम प्रोन्नति को लेवल-7 से बढ़ाकर लेवल-9 किए जाने की मांग शामिल है। इसके साथ ही बिहार पंचायत सेवा के पुनर्गठन की भी मांग की जा रही है।
संघ का कहना है कि सभी प्रोन्नति पदों पर BPRO के पदस्थापन की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके अलावा सहायक मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (ACEO) एवं सहायक जिला पंचायत राज पदाधिकारी (ADPRO) को उनके कार्य के अनुरूप कार्यालय एवं वाहन उपलब्ध कराने तथा पंचायत राज व्यवस्था से संबंधित संपूर्ण कार्यदायित्व सौंपने की मांग भी रखी गई है।
वहीं, प्रखंड पंचायत कार्यालयों में लिपिक की व्यवस्था करने और कार्यालय के सुचारू संचालन के लिए कंटीजेंसी राशि उपलब्ध कराने की मांग भी संघ की ओर से की गई है। संघ का कहना है कि इन व्यवस्थाओं के अभाव में पदाधिकारियों को कार्य निष्पादन में कई तरह की व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बिहार पंचायत सेवा संघ ने सरकार से अपनी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र सकारात्मक पहल करने की मांग की है। संघ के अनुसार फिलहाल काला बिल्ला लगाकर विरोध सांकेतिक रूप से किया जा रहा है। यदि इसके बावजूद मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन के अगले चरण में सामूहिक अवकाश पर जाने सहित अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध करने पर विचार किया जाएगा।
Rahui, Nalanda | Sep 14, 2026