पीबीएम सुधारो आंदोलन के 11वें दिन गरजे डॉ. बीडी कल्लाः
बोले- मांगें नहीं मानी तो होगा बीकानेर बंद
- कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी
बीकानेर। पीबीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ चल रहा पीबीएम सुधारो आंदोलन 11वें दिन और अधिक तेज हो गया। धरनास्थल पर पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बीडी कल्ला और जिला कांग्रेस कमेटी हनुमानगढ़ के जिलाध्यक्ष मनीष गोदारा (मक्कासर) ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए चेतावनी दी कि यदि अस्पताल सुधार से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल की दुर्दशा पर सरकार और प्रशासन आंखें मूंदे बैठे हैं। मरीज परेशान हैं, सुविधाएं बदहाल हैं और जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वा देने में लगे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि 10 सूत्र मांगों को जल्द नहीं माना गया तो बीकानेर बंद का आह किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वहीं हनुमानगढ़ कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष गोदारा (मक्कासर) ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं ने पूरे संभाग की जनता को परेशान कर रखा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो हनुमानगढ़ सहित पूरे संभाग से हजारों लोग बीकानेर पहुंचकर जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे और प्रशासन को अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए मजबूर करेंगे। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार 11 दिनों से धरना जारी है, लेकिन प्रशासन ने अब तक समस्याओं के समाधान को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार की चुप्पी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।धरनास्थल से स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करना होगा, अन्यथा आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।
जिला संगठन महासचिव प्रहलाद सिंह मार्शल ने बताया कि रविवार को आयोजित धरने में बिशनाराम सियाग, मदनगोपाल मेघवाल, भंवर कूकणा, श्रीकृष्ण गोदारा, डॉ. प्रीति मेघव अता हुसैन कादरी, शिवलाल गोदारा, सलीम कल्लर, रामदय बेनीवाल, नासिर शहजाद तंवर, एडवोकेट मनीष गौड़, सुथार करल, कन्हैयालाल कल्ला, महबूब रंगरेज, जाकिर हु नागौरी, नितिन वत्स, किशन पंवार, जयकिशन गहलोत, एडवोकेट प्रेम गोदारा, रामनिवास तर्ड, प्रेमरतन जोशी, शिवदान मेघवाल, सुमित वल्लभ कोचर, शहजाद खान भुट्टो, आनंदसिंह सोढ़ा, विजयसिंह शेखावत, विनोद कुमार शर्मा, पवन सिद्ध, राधेश्याम पारीक, रामजस कसवां, अरमान भाटी, मोहम्मद रमजान रंगरेज, अभिषेक सिंह शेखावत, एडवोकेट संजय गोयल, मदनलाल चौहान, रामप्रताप सिहाग, कैलाश पूनिया, कमल गोयल, भंवरलाल जाट, आकाश लोहिया, शिवकुमार,
विकास, ओमप्रकाश नायक, मनीष बेनीवाल, गोरधन खिलेरी, भगवानसिंह राठौड़, राजेश गोदारा, सोनू मेघवाल, कपिल गौड़, विजयकुमार आचार्य, नवीन जांगिड़, शैलेश भादानी, हेतराम बिश्नोई, जोगेंद्र कुमार जोइया, राजाराम स्वर्णकार, विनयकुमार आचार्य, चुन्नीलाल मेघवाल, मोहब्बत अली, फिरोज भाटी, रवि गहलोत, उपेंद्र शर्मा, बलराम नायक, गिरधर जोशी, शरीफ समेजा, एजाज अहमद पठान, राजेश जाजड़ा और अभिषेक मेघवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन एवं आंदोलनकारी मौजूद रहे।