छात्रावास की छात्राओं से जमीन पर बैठकर संवाद, आयोग सदस्य अहिरवार ने जाना पढ़ाई और सुविधाओं का हाल
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सरकार हर वर्ग के युवाओं को शिक्षा और स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध करा रही है, इनका अधिकतम लाभ लें — श्री बारेलाल अहिरवार
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मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार ने रविवार को विदिशा जिले के प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास पहुंचकर छात्राओं से संवाद किया और छात्रावास में शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं की शिक्षा, भोजन, आवासीय व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
आयोग सदस्य श्री अहिरवार ने छात्राओं के बीच जमीन पर बैठकर सहज एवं आत्मीय वातावरण में संवाद किया। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहती हैं और अपने जीवन में किस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं। छात्राओं ने भी बेझिझक अपनी आकांक्षाएं और आवश्यकताएं उनके समक्ष रखीं। श्री अहिरवार ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यही समय उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का है। इसलिए वे पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करें तथा अपने माता-पिता, परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन करें। उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई की स्थिति, परीक्षा परिणाम, भोजन की गुणवत्ता और छात्रावास में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इन सुविधाओं का अधिक से अधिक सदुपयोग करते हुए छात्राएं अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ें।
श्री अहिरवार ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार का उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग का युवा शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बने। आर्थिक या अन्य किसी कारण से किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने छात्राओं से शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार उनका लाभ लेने का आह्वान किया।
छात्राओं ने रखी कोचिंग की मांग -
संवाद के दौरान छात्राओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं एवं बेहतर शैक्षणिक तैयारी के लिए कोचिंग की व्यवस्था कराने का आग्रह आयोग सदस्य के समक्ष रखा। इस पर मौके पर मौजूद जिला संयोजक ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के भीतर कोचिंग प्रारंभ कराने की व्यवस्था की जाएगी। आयोग सदस्य ने भी छात्राओं को आश्वस्त किया कि शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय किया जाएगा।
स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान -
आयोग सदस्य श्री अहिरवार ने छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ स्वरोजगार और व्यापार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न स्वरोजगार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से संत रविदास स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन युवाओं की रुचि व्यापार या स्वयं का रोजगार स्थापित करने में है, वे योजनाओं की जानकारी लेकर इसका लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार अपनी ओर से योजनाओं और सुविधाओं के माध्यम से अवसर उपलब्ध करा रही है, अब युवाओं को इन अवसरों का सदुपयोग करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
सुरक्षा और नशामुक्ति के प्रति किया जागरूक -
श्री अहिरवार ने छात्राओं को सुरक्षा के प्रति भी सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनजान व्यक्तियों के फोन अथवा संदेशों पर बिना जानकारी के भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल अपने अभिभावकों या संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को दें। उन्होंने कहा कि सुरक्षित रहकर ही विद्यार्थी अपने लक्ष्य की ओर बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को नशे जैसी बुराइयों से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दिशा में जागरूकता गतिविधियों के साथ अभिभावकों से भी संवाद किया जाना आवश्यक है।
छात्रावास की व्यवस्थाओं की जानकारी ली -
आयोग सदस्य ने छात्रावास में उपलब्ध आवासीय एवं भोजन व्यवस्था के संबंध में छात्राओं से सीधे जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि छात्राएं अवकाश के दौरान अपने घर जाती हैं तो परिवार के साथ किस प्रकार संवाद करती हैं और गांव में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति कैसी है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को अपनी पढ़ाई के साथ परिवार और समाज से जुड़े रहकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रावास में शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण में शिक्षा प्रदान करना है। छात्राएं इन सुविधाओं का भरपूर लाभ लेते हुए अपने भविष्य को मजबूत बनाएं। आयोग सदस्य ने कहा कि बेटियों की शिक्षा पूरे परिवार और समाज की प्रगति का आधार है। छात्राएं अच्छी पढ़ाई कर उच्च पदों पर पहुंचें, स्वरोजगार स्थापित करें और अपने परिवार तथा क्षेत्र का नाम रोशन करें। उन्होंने छात्राओं को दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी जागरूक करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि “न दहेज लेंगे, न दहेज देंगे” जैसे संकल्पों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में योगदान दिया जा सकता है। सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, लेकिन योजनाओं और सामाजिक सुधारों को सफल बनाने में समाज की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है। आयोग सदस्य ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे लक्ष्य निर्धारित करें, नियमित अध्ययन करें, अनुशासन बनाए रखें और उपलब्ध शासकीय सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्रावास की ये बेटियां शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर अपने माता-पिता एवं जिले का नाम रोशन करेंगी।
पौधरोपण -
आयोग सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार एवं छात्रावासी कन्याओं ने संयुक्त रूप से छात्रावास परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। सदस्य श्री अहिरवार ने इस अवसर पर कटहल का पौधा रोपित किया और छात्राओं से बारिश के बाद रोपित किए गए पौधो को पानी देने का आव्हान किया। #vidisha #JansamparkMP
127 views | Vidisha, Madhya Pradesh | Aug 9, 2026