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हांसी मामले में पुलिस PRO और जागरूक महिला की ऑडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल। आप ही बताएं कौन सही, कौन गलत?

Sirsa, Sirsa | Aug 15, 2026

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बाबा रामदेव बोले, सुधर जाओ, ऐसा न हो बाबा को दोबारा आंदोलन करना पड़ जाए

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Sirsa, Sirsa | Aug 15, 2026

श्रीमत्त सिटी सेंटर सिरसा में तीज का धमाल!

झूले, भंगड़ा, मस्ती, रंग-बिरंगे परिधान और स्वादिष्ट पकवानों के साथ सजी तीज की शानदार शाम।

महिलाओं ने जमकर डांस किया, खूब मस्ती की और पूरे माहौल को बना दिया यादगार।

सब बोले—“मजा आ गया!”

श्रीमत्त सिटी सेंटर, सिरसा

#teej #teejcelebration #sirsa #melateeyanda #sirsasandesh

श्रीमत्त सिटी सेंटर सिरसा में तीज का धमाल! झूले, भंगड़ा, मस्ती, रंग-बिरंगे परिधान और स्वादिष्ट पकवानों के साथ सजी तीज की शानदार शाम। महिलाओं ने जमकर डांस किया, खूब मस्ती की और पूरे माहौल को बना दिया यादगार। सब बोले—“मजा आ गया!” श्रीमत्त सिटी सेंटर, सिरसा #teej #teejcelebration #sirsa #melateeyanda #sirsasandesh

Sirsa, Sirsa | Aug 15, 2026

सिरसा की सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने धरना स्थल पर पहुंच कर कहा कि न्याय की गुहार लगाना तो दूर,  मृतक जीवन कुंडू के पिता को ही गिरफ्तार कर लिया गया। यह समझ से परे है कि 9 लोग पकड़े गए, लेकिन मुख्य सरगना, जिसके कहने पर यह सब हुआ, वह अब तक गिरफ्त से बाहर है। उसके खिलाफ पहले भी झगड़े की शिकायत दी गई थी और वह स्वयं धमकियां दे रहा था, फिर भी उसे क्यों नहीं पकड़ा जा रहा?
 
सांसद ने कहा कि जिस पिता ने अपना जवान बेटा खोया, आज उसी को पकड़ लिया गया। आखिर उनका दोष क्या है? क्या उनका दोष यह था कि उन्होंने ऐसे बेटे को जन्म दिया, जो मेहनत-मजदूरी करके परिवार का सहारा बना हुआ था और जिस पर उनकी पूरी जिंदगी की उम्मीदें टिकी थीं?

यह कैसी कानून व्यवस्था है, जहां मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहा है और पीड़ित पिता को गिरफ्तार किया जा रहा है?

सिरसा की सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने धरना स्थल पर पहुंच कर कहा कि न्याय की गुहार लगाना तो दूर, मृतक जीवन कुंडू के पिता को ही गिरफ्तार कर लिया गया। यह समझ से परे है कि 9 लोग पकड़े गए, लेकिन मुख्य सरगना, जिसके कहने पर यह सब हुआ, वह अब तक गिरफ्त से बाहर है। उसके खिलाफ पहले भी झगड़े की शिकायत दी गई थी और वह स्वयं धमकियां दे रहा था, फिर भी उसे क्यों नहीं पकड़ा जा रहा? सांसद ने कहा कि जिस पिता ने अपना जवान बेटा खोया, आज उसी को पकड़ लिया गया। आखिर उनका दोष क्या है? क्या उनका दोष यह था कि उन्होंने ऐसे बेटे को जन्म दिया, जो मेहनत-मजदूरी करके परिवार का सहारा बना हुआ था और जिस पर उनकी पूरी जिंदगी की उम्मीदें टिकी थीं? यह कैसी कानून व्यवस्था है, जहां मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहा है और पीड़ित पिता को गिरफ्तार किया जा रहा है?

Sirsa, Sirsa | Aug 15, 2026

‘आज इतिहास का काला दिन’
- हांसी में किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर विधायक जस्सी पेटवाड़ का सरकार पर हमला
 
हांसी। 
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हांसी में न्याय की मांग कर रहे किसानों और आम लोगों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। विधायक ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आज के दिन को हांसी के इतिहास का ‘काला दिन’ करार दिया। विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हांसी में एक बार फिर गुलामी के दौर की याद ताजा हो गई। उन्होंने हांसी की लाल सड़क पर अंग्रेजी शासन के दौरान निहत्थे लोगों पर हुई गोलीबारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अंग्रेजी हुकूमत ने जनता की आवाज दबाने का काम किया था और आजादी के 79 वर्ष बाद उसी धरती पर न्याय की मांग कर रहे निहत्थे किसानों और आम लोगों पर लाठियां बरसाई गईं।
 उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने के साथ पत्थर भी चलवाए। विधायक ने कहा कि तब सामने अंग्रेजी हुकूमत थी और आज देश में चुनी हुई सरकार है। फर्क केवल इतना है कि तब अंग्रेज जनता की आवाज दबाते थे और आज सरकार के इशारे पर पुलिस जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री से सीधा सवाल—न्याय मांगना अपराध है क्या?
 विधायक ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सीधा सवाल करते हुए कहा कि आखिर न्याय की मांग कर रहे किसानों से इतनी नफरत क्यों है? क्या अपने हक और न्याय के लिए आवाज उठाना अपराध है? उन्होंने कहा कि जिस दिन पूरे देश में तिरंगे के नीचे लोकतंत्र, न्याय और आजादी का संदेश दिया जा रहा था, उसी दिन हांसी में निहत्थे लोगों पर लाठियां बरसाना पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि जीवन कुंडू के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आवाज उठा रहे लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

‘लाठियों से शरीर पर चोट हो सकती है, आवाज नहीं दबेगी’
 जस्सी पेटवाड़ ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि लाठियों से शरीर पर चोट की जा सकती है, लेकिन न्याय की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि हांसी की जनता इस घटना को कभी नहीं भूलेगी और यह दिन इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। विधायक ने कहा कि सरकार को दमन की नीति छोड़कर किसानों और आम लोगों की बात सुननी चाहिए तथा जीवन कुंडू के परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

‘आज इतिहास का काला दिन’ - हांसी में किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर विधायक जस्सी पेटवाड़ का सरकार पर हमला हांसी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हांसी में न्याय की मांग कर रहे किसानों और आम लोगों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। विधायक ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आज के दिन को हांसी के इतिहास का ‘काला दिन’ करार दिया। विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हांसी में एक बार फिर गुलामी के दौर की याद ताजा हो गई। उन्होंने हांसी की लाल सड़क पर अंग्रेजी शासन के दौरान निहत्थे लोगों पर हुई गोलीबारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अंग्रेजी हुकूमत ने जनता की आवाज दबाने का काम किया था और आजादी के 79 वर्ष बाद उसी धरती पर न्याय की मांग कर रहे निहत्थे किसानों और आम लोगों पर लाठियां बरसाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने के साथ पत्थर भी चलवाए। विधायक ने कहा कि तब सामने अंग्रेजी हुकूमत थी और आज देश में चुनी हुई सरकार है। फर्क केवल इतना है कि तब अंग्रेज जनता की आवाज दबाते थे और आज सरकार के इशारे पर पुलिस जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री से सीधा सवाल—न्याय मांगना अपराध है क्या? विधायक ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सीधा सवाल करते हुए कहा कि आखिर न्याय की मांग कर रहे किसानों से इतनी नफरत क्यों है? क्या अपने हक और न्याय के लिए आवाज उठाना अपराध है? उन्होंने कहा कि जिस दिन पूरे देश में तिरंगे के नीचे लोकतंत्र, न्याय और आजादी का संदेश दिया जा रहा था, उसी दिन हांसी में निहत्थे लोगों पर लाठियां बरसाना पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि जीवन कुंडू के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आवाज उठा रहे लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ‘लाठियों से शरीर पर चोट हो सकती है, आवाज नहीं दबेगी’ जस्सी पेटवाड़ ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि लाठियों से शरीर पर चोट की जा सकती है, लेकिन न्याय की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि हांसी की जनता इस घटना को कभी नहीं भूलेगी और यह दिन इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। विधायक ने कहा कि सरकार को दमन की नीति छोड़कर किसानों और आम लोगों की बात सुननी चाहिए तथा जीवन कुंडू के परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

Sirsa, Sirsa | Aug 15, 2026