*पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कावड़ यात्रा रुट का किया निरीक्षण,ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को दिए आवश्यक निर्देश।*
*कावड़ यात्रा की सुरक्षा में लगे सभी पुलिसकर्मी, एम्बूलेंस, फायर बिग्रेड और नाकों का लिया जायजा, कहा ड्युटी पर रहें मुस्तैद।*
7 अगस्त 2026
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कावड़ यात्रा रुट का निरीक्षण किया। चल रही कावड़ यात्रा में कांवड़ियों द्वारा 11 जुलाई को पवित्र गंगा जल चढाया जाएगा। कांवड़ियों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए कावड़ यात्री रुट का निरीक्षण करते हुए ड्युटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मी व एम्बूलेंस, फायर बिग्रेड और क्रेन कर्मियों को सुरक्षा के मद्देनजर सख्त दिशा निर्देश दिए है। इस दौरे में उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सेवा शिविरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांवड़ियों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण के दौरान यात्रा मार्ग पर संचालित सेवा शिविरों के संचालकों से भी बातचीत की। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि सेवा कार्य के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि सड़क पर किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो और कांवड़ियों के साथ-साथ आम लोगों की आवाजाही भी सुचारु बनी रहे। उन्होंने कहा कि सेवा शिविर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए जाते हैं, इसलिए उनकी व्यवस्था भी ऐसी होनी चाहिए जिससे यातायात प्रभावित न हो।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस वर्ष जिले से करीब एक लाख कांवड़ियों के पवित्र गंगाजल लेकर गुजरने का अनुमान है। पिछले वर्ष जिले से लगभग 80 हजार कांवड़िये निकले थे, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सके। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिले में कुल 34 पुलिस नाके स्थापित किए गए हैं। इनमें सात इंटरस्टेट नाके और 27 नाके जिले के भीतर लगाए गए हैं। इन सभी नाकों पर चौबीसों घंटे पुलिस की तैनाती रहेगी। करीब 550 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात ड्यूटी देकर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। सभी नाकों पर आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को समय रहते रोका जा सके।
पूरी कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी को ओवरऑल इंचार्ज बनाया गया है, जबकि रादौर के डीएसपी सुनील कुमार को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके अलावा छह राजपत्रित अधिकारी (जीओ) विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से निगरानी कर रहे हैं। वहीं जिले के सभी 15 थाना प्रभारी (एसएचओ) अपनी-अपनी टीमों के साथ लगातार गश्त कर रहे हैं और यात्रा मार्गों पर हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए और किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। साथ ही यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक डायवर्जन और अतिरिक्त पुलिस बल की भी व्यवस्था की गई है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा संबंधी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा तीनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है।