"कैच द रेन" अभियान से विद्यार्थियों को दिया जल संरक्षण का संदेश
हर बूंद बने भविष्य की पूंजी, स्कूल में गूंजा 'कैच द रेन' का संदेश
नगर निगम ने लेबर कॉलोनी के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में चलाया कैच द रेन अभियान, विद्यार्थियों को किया जागरूक
यमुनानगर। नगर निगम की स्वच्छ भारत मिशन टीम द्वारा लेबर कॉलोनी स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में कैच द रेन अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्षा जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा जल संकट से निपटने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग के महत्व से अवगत कराना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली, वर्षा जल संचयन के लाभ और भूजल स्तर बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें बताया गया कि वर्षा जल का संरक्षण भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश ने अभियान का समर्थन करते हुए विद्यार्थियों से जल संरक्षण को अपनी आदत बनाने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। स्वच्छ भारत मिशन के आईईसी विशेषज्ञ आकाश ने विद्यार्थियों को घरों से निकलने वाले गीले, सूखे, सैनिटरी तथा विशेष घरेलू हानिकारक कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण करने की भी जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को बताया कि चार श्रेणियों में कचरा अलग-अलग करके नगर निगम के डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन में ही देना चाहिए, जिससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण संभव हो सके। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि वर्षा जल संरक्षण और कचरा पृथक्करण जैसे छोटे-छोटे प्रयास शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने जल संरक्षण और स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा इन अभियानों का संदेश अपने परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि प्रत्येक नागरिक वर्षा जल संचयन को अपनाएं और पानी की एक-एक बूंद का सदुपयोग करे, तो भविष्य में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वहीं नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि नगर निगम स्वच्छता के साथ-साथ जल संरक्षण को भी जन आंदोलन बनाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वर्षा जल संरक्षण और कचरा पृथक्करण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वच्छ एवं सुरक्षित यमुनानगर के निर्माण में सहभागी बनें।
फोटो - विद्यार्थियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग के बारे में बताते आईईसी विशेषज्ञ आकाश कुमार।