शराबबंदी पर बड़ा सवाल! आखिर किसके लिए है कानून?
बिहार में शराबबंदी… कागजों पर सख्त कानून, लेकिन जमीन पर तस्वीर क्या है?
सरकार का दावा है कि बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन सवाल यह है कि अगर शराब पूरी तरह बंद है, तो आखिर शराब लोगों के घरों तक कैसे पहुंच रही है?
पहले शराब खरीदने के लिए लोगों को दुकान या ठेके तक जाना पड़ता था, लेकिन आज अवैध शराब की शिकायतें घर-घर तक पहुंचने की क्यों सामने आ रही हैं?
अरवल जिले में शराबबंदी से जुड़े मामलों में कई लोगों की गिरफ्तारी और मौतों के दावे सामने आते रहे हैं। सवाल यह भी है कि इस कार्रवाई की सबसे बड़ी मार आखिर किस वर्ग पर पड़ रही है?
गरीब और मजदूर परिवारों के सामने एक तरफ रोजी-रोटी का संकट है, तो दूसरी तरफ नशे का बढ़ता कारोबार चिंता का विषय बनता जा रहा है।
अगर शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करना सरकार के लिए चुनौती बन रहा है, तो सरकार को इसकी समीक्षा क्यों नहीं करनी चाहिए?
बिहार की जनता का सवाल सीधा है—
शराबबंदी से नशा खत्म हो रहा है या अवैध शराब का कारोबार बढ़ रहा है?
सरकार जवाब दे… क्योंकि नशे से लड़ना सिर्फ जनता की नहीं, सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
📢 आपकी क्या राय है? कमेंट करके जरूर बताएं।
#बिहार #शराबबंदी #अरवल #BiharNews #ArwalNews #शराबबंदी_पर_सवाल #नशामुक्त_बिहार #जनता_का_सवाल #BiharPolitics #BreakingNews
Arwal, Arwal | Sep 11, 2026