: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (हॉस्टल) में पेयजल संकट, छात्राएं मिट्टी वाला पानी पीने को मजबूर
सलूणी उपमंडल के हिमगिरि स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (हॉस्टल) में पेयजल व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। हॉस्टल में 100 छात्राएं और 13+ स्टाफ सदस्य रहते हैं, लेकिन उन्हें स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि बरसात के दिनों में नलों में आने वाला पानी मिट्टी से भरा होता है, जो पीने योग्य नहीं रहता।
स्थिति इतनी गंभीर है कि छात्राओं और स्टाफ को मजबूरी में इसी पानी का उपयोग करना पड़ता है। वहीं, पानी की कमी को पूरा करने के लिए विद्यालय प्रशासन और स्टाफ को निजी वाहनों के माध्यम से दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इससे छात्राओं के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
विद्यालय प्रशासन ने हिमाचल प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि छात्राओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके और उनके स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
पहाड़ी न्यूज़ की स्पेशल रिपोर्ट
Suneel Pahadi
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Chamba, Chamba | Jun 17, 2026