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ज़मीन कब्जाने के झूठे आरोपों से परेशान मोहित जायसवाल(monu) ने लगाई न्याय की गुहार
लखनऊ:
गढ़ी पीर खां, ठाकुरगंज निवासी मोहित जायसवाल ने सोशल मीडिया और विभिन्न न्यूज़ चैनलों पर उनके ऊपर लग रहे ज़मीन पर अवैध कब्ज़े के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पीड़ित का कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों से 'इमरान' नामक व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से उन पर उनकी ही ज़मीन पर कब्ज़ा करने के झूठे और गंभीर आरोप मढ़ रहा है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है।
मोहित जायसवाल ने वीडियो में अपने पक्ष के दस्तावेज़ दिखाते हुए स्पष्ट किया कि जिस 400 वर्ग फीट ज़मीन की बात की जा रही है, वह कानूनी रूप से उनके (मोहित जायसवाल) नाम पर रजिस्टर्ड है। उनके पास ज़मीन से जुड़े सभी वैध कागजात और रजिस्ट्रियां मौजूद हैं, जबकि आरोपी इमरान के पास इस ज़मीन से संबंधित कोई भी साक्ष्य या कागजात नहीं है।
पीड़ित मोहित ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि इमरान का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसने कई बार ज़मीन को लेकर मोहित से 10 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की थी। जब मोहित ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो इमरान ने उन्हें उनकी ही ज़मीन का उपयोग करने से रोकना शुरू कर दिया।
मोहित का यह भी आरोप है कि जब वे अपनी ज़मीन पर जाते थे, तो आरोपी इमरान उनके साथ धक्का-मुक्की करता था, भद्दी गालियां देता था और वहां से भगा देता था। इतना ही नहीं, आरोपी ने उनकी ज़मीन पर अवैध रूप से गेट तक लगवा दिया है।
मोहित जायसवाल ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि किसी भी प्रकार का बेबुनियाद आरोप प्रसारित करने से पहले पुलिस और प्रशासन को मामले के साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि उनकी ज़मीन पर उनका वैध कब्ज़ा सुरक्षित रखा जाए और आरोपी इमरान से उनकी जान की रक्षा की जाए। @