पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य- राज्यमंत्री श्री पटेल
===
बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए प्रकृति संरक्षण अब मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता- जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमति कटारे
==
पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम- श्री शिवहरे
==
इस वर्ष लगभग 25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित- डीएफओ श्री जरांडे
==
विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंर्तगत किशन तलैया हनुमान मंदिर परिसर में पौधोरोपण कार्यक्रम संपन्न
===
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज पूरे देश एवं प्रदेश में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पेड़ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच अधिक से अधिक पौधरोपण समय की आवश्यकता है, “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, इस आशय की विचार प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ मां के नाम” कार्यक्रम के अंतर्गत किशन तलैया हनुमान मंदिर परिसर में पौधोरोपण के दौरान व्यक्त किये। इस अवसर पर उन्होने प्रदेश एवं देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी देखभाल करने की अपील की।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा इस विशेष अभियान का शुभारंभ आज प्रातः लगभग 10 बजे भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किया गया। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में एक साथ पौधरोपण कार्यक्रम प्रारंभ हुए। सरकार द्वारा यह अभियान आगामी तीन माह तक चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रदेशभर में लाखों-करोड़ों पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को जोड़ा जा रहा है, उन्होने कहा पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण तैयार किया जा सकता है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष मंजू धर्मेन्द्र कटारे ने कहा पर्यावरण दिवस केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे हर दिन की जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा। वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए प्रकृति संरक्षण अब मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है, उन्होने कहा पर्यावरण संरक्षण की सोच समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित सभी को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
श्याम शिवहरे ने कहा प्रकृति हमारी पालक एवं संरक्षक है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व एवं प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करना है। पिछले दो-तीन वर्षों में इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में पौधारोपण कर हरित क्षेत्र को बढ़ाने का कार्य किया गया है, इस अवसर पर सभी नागरिकों से आग्रह है कि वे अपने घरों के परिसर, खेत-खलिहानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं तथा उसके संरक्षण का संकल्प लें। पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वनमंडलाधिकारी ईश्वर जरांडे ने कहा आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। राज्यमंत्री लखन पटेल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। विभाग द्वारा अगले दो महीनों तक अभियान को सतत रूप से चलाया जाएगा। इस वर्ष लगभग 25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
#Damoh