कमालगंज में 17वें गणेश महोत्सव के दसवें दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, शिव बारात और तांडव ने मोहा मन
कमालगंज संवाददाता 📍
कस्बे में चल रहे 17वें श्री गणेश महोत्सव का बुधवार को दसवां दिन पूरी तरह से भक्ति और उत्साह के नाम रहा। शाम ढलते ही पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। गणेश प्रतिमा का मनोहारी श्रृंगार देखते ही बन रहा था, जिसे देखकर हर कोई हाथ जोड़े खड़ा रह गया।
माहौल तब और भक्तिमय हो गया जब पूरे पंडाल में एक साथ 'गणपति बप्पा मोरया' और 'देवा श्री गणेशा' के गगनभेदी जयकारे गूंजने लगे। मुख्य महापूजा और आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
गणमान्य लोग रहे मौजूद
संध्या आरती के अवसर पर क्षेत्र के कई विशिष्ट लोग भगवान के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। फर्रुखाबाद के भाजपा सांसद मुकेश राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा, डॉ. देवदत्त, विभु राजपूत, गोपाल पालीवाल और गोपाल विश्नोई ने विधिवत पूजन-अर्चन किया।
पूजा का वैदिक कार्य शाहजहांपुर से पधारे आचार्य अटल पांडे और शेरपुर सराय के डॉ. अंकुर दुबे के साथ सोहित व्यास, लक्ष्मीकांत, गौरव तिवारी, राजन शुक्ला एवं श्यामानंद पांडेय उर्फ कुन्नू महाराज ने संपन्न कराया।
द्रौपदी चीरहरण और शिव तांडव बना आकर्षण
आरती के बाद मंच पर धार्मिक झांकियों का जो क्रम शुरू हुआ उसने सभी को बांधे रखा। पहली प्रस्तुति में महाभारत के द्रौपदी चीरहरण प्रसंग को जीवंत किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय और कृष्ण द्वारा द्रौपदी की लाज बचाने के दृश्य पर पंडाल में 'धर्म की जय' के उद्घोष होने लगे।
इसके तुरंत बाद दृश्य बदला और मंच पर अघोरी के वेश में भगवान शिव प्रकट हुए। डमरू की थाप पर जब शिव ने तांडव शुरू किया तो पूरा वातावरण शिवमय हो गया। शिव बारात की झांकी में भूत-प्रेत बने कलाकारों ने भी खूब धूम मचाई, जिस पर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु खुद को रोक नहीं पाए और जमकर नाचे।
रोशनी से जगमगाया पूरा मार्ग, बंटा 251 किलो महाप्रसाद
रात होते-होते मुख्य सड़क से लेकर उत्सव स्थल तक रंग-बिरंगी झालरों और लाइटों से ऐसा नजारा था मानो दीपावली हो।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजक एडवोकेट अनुपम दास गुप्ता, बजरंगी गुप्ता और कल्पित गुप्ता की ओर से 251 किलो महाप्रसादी का वितरण किया गया।
आयोजकों ने बताया कि गुरुवार को इस दस दिवसीय महोत्सव का अंतिम दिन होगा, जिसमें विशेष पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शुक्रवार को भव्य शोभायात्रा के साथ बप्पा को नगर भ्रमण कराया जाएगा और फिर विधि-विधान से विसर्जन किया जाएगा। श्रद्धालु नम आंखों से बप्पा को विदा कर अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना करेंगे।