चौहार घाटी के हितों की आवाज बुलंद करनी होगी, केवल मंच पर बैठने से विकास नहीं होता
चौहार घाटी में सब्जी मंडी, कृषि, बागवानी और किसानों की आर्थिकी से जुड़े मुद्दे लंबे समय से उठते रहे हैं, लेकिन अब इन मुद्दों को मजबूती से सरकार के समक्ष रखने की जरूरत है। आज जब बागवानी मंत्री चौहार घाटी के बरोट पहुंचे तो अमर ज्वाला के संपादक सुभाष ठाकुर ने कुछ माह पहले अपनी एक इंटरव्यू के दौरान शिवा परियोजना के तहत किसानों को उपलब्ध करवाए गए पौधों की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया।
यदि किसानों को दिए गए पौधों की गुणवत्ता को लेकर उठाए गए सवाल सही नहीं हैं तो सरकार और विभाग किसानों के बीच जाकर मौके पर इसकी जानकारी ले सकते हैं। इससे स्थिति भी स्पष्ट होगी और किसानों की शंकाओं का समाधान भी होगा।
इसी तरह चौहार घाटी में सब्जी मंडी की स्थापना का मुद्दा भी लगातार उठाया जा रहा है। इसी मांग को लेकर पंचायत प्रधान ने उचित समय पर मंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखा। मंत्री की ओर से दिए गए सुझाव के अनुसार अब पंचायत को प्रस्ताव पारित कर आगामी कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।
क्षेत्र का विकास केवल मंच पर बैठने से नहीं होता। इसके लिए सरकार के समक्ष क्षेत्र की समस्याओं को बुलंद आवाज में रखना पड़ता है और निजी हितों से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दों पर लगातार काम करना पड़ता है।
सब्जी मंडी की मांग को लेकर भी सवाल यही है कि यदि घाटी के किसानों के लिए इसकी आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी, तो इस मुद्दे को पहले उतनी मजबूती से क्यों नहीं उठाया गया? आज जब इस मांग को लेकर भी अमर ज्वाला संपादक द्वारा आवाज सब्जी मंडी को लेकर अपनी आवाज कर यह मुद्दा एपीएमसी चेयरमैन से उठाया ओर उन्होंने भी कहा कि जल्द ही समस्या का समाधा। करवाया जाएगा । आवाज बुलंद हुई है तो घाटी के लोगों के बीच भी यह चर्चा तेज हुई है कि किसानों की उपज के विपणन के लिए सब्जी मंडी की आवश्यकता क्यों है।
चौहार घाटी के नाम पर राजनीति करने से अधिक जरूरी है घाटी के किसानों, बागवानों और आम जनता के वास्तविक हितों के मुद्दों को सरकार के सामने मजबूती से रखना।
— सुभाष ठाकुर
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Mandi, Mandi | Sep 28, 2026