दारू: मॉनसून की बेरुखी से दारू, टाटीझरिया और विष्णुगढ़ में थमे खेती के पहिए, सूखे पड़े खेत बढ़ा रहे किसानों की मायूसी
मॉनसून की बेरुखी से दारू, टाटीझरिया और विष्णुगढ़ में थमे खेती के पहिए, सूखे पड़े खेत बढ़ा रहे किसानों की मायूसी। आद्रा नक्षत्र भी बीता, खेतों में पानी की जगह उड़ रही धूल। रोहिणी में डलने वाले बिचड़े का अब तक अता-पता नहीं, आर्थिक संकट का मंडराया खतरा। दारू, टाटीझरिया और विष्णुगढ़ क्षेत्र में कमजोर बारिश और मॉनसून की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी है।