बैतूल जिले के 45 हज़ार परिवारों के लिए धनतेरस इस बार खुशियों की सौगात लेकर आया है। जिले के 1139 गांवों में रहने वाले 1 लाख 15 हजार परिवार वर्षों से जिस जमीन और मकान पर परिवार रह रहे थे,अब उस पर उन्हें बिना किसी शुल्क के कानूनी मालिकाना हक दिलाने की बड़ी पहल मोहन सरकार द्वारा की जा रही है। स्वामित्व योजना के तहत मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने पट्टाधारी हितग्राहियों को फ्री रजिस्ट्री का लाभ देना शुरू कर दिया है। बैतूल जिले में अब तक 45 हजार हितग्राहियों की जमीन और मकान की रजिस्ट्री कर उन्हें मालिकाना हक दिया जा चुका है। धनतेरस के मौके पर साकादेही गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया,जहां केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और जिला प्रशासन की मौजूदगी में हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया गया। खास बात यह है कि साकादेही गांव के सभी पात्र हितग्राहियों की फ्री रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है।
दरअसल स्वामित्व योजना का उद्देश्य उन परिवारों को उनकी जमीन और मकान का कानूनी मालिकाना हक देना है,जिनके पास वर्षों से पट्टा तो था,लेकिन पंजीकृत दस्तावेज नहीं होने के कारण वे अपनी संपत्ति का पूरी तरह उपयोग नहीं कर पाते थे। अब रजिस्ट्री होने के बाद इन परिवारों के लिए बैंक से ऋण लेने,संपत्ति के दस्तावेजी लेनदेन करने और कानूनी विवादों में अपना अधिकार साबित करने का रास्ता आसान होगा। धनतेरस के शुभ अवसर पर मिले इस तोहफे से हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। लोगों का कहना है कि सरकार के इस फैसले ने उन्हें सिर्फ कागजी दस्तावेज नहीं, बल्कि अपनी संपत्ति पर मजबूत कानूनी अधिकार दिया है।
बैतूल कलेक्टर ने बताया कि जिले के 1139 गांवों में करीब 1 लाख 15 हजार पट्टाधारी हितग्राहियों को इस योजना के दायरे में लाया गया है। इनमें से अब तक 45 हजार हितग्राहियों की फ्री रजिस्ट्री की जा चुकी है। शेष पात्र हितग्राहियों को भी आने वाले दिनों में योजना का लाभ दिलाकर उनकी संपत्ति का पंजीयन कराया जाएगा। यानी आने वाले समय में बैतूल जिले के हजारों परिवारों को अपनी जमीन और मकान का कानूनी मालिकाना हक मिलने जा रहा है। सरकार की इस पहल ने धनतेरस पर उन परिवारों के घरों में खुशियों का नया उजाला किया है,जो वर्षों से अपनी ही जमीन पर मालिकाना हक के पक्के दस्तावेजों का इंतजार कर रहे थे।