सांगोद की धरती पर आत्मसम्मान की मशाल अब और तेज हो चली है। वीर सांगा पटेल की प्रतिमा स्थापना और चौराहे के नामकरण की मांग अब महज़ एक आंदोलन नहीं, बल्कि एक सामाजिक संकल्प बन चुकी है।" "मशाल जुलूस और सद्बुद्धि यज्ञ की सफलता के बाद, अब सांगोद की 'मातृशक्ति' ने मोर्चा संभाल लिया है। कल, यानी 11 फरवरी को सांगोद की सड़कें नारी शक्ति की हुंकार देखेंगी।