जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण छात्र-युवा संसद मार्च पर लाठीचार्ज , एनटीए को भंग करने तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर आइसा, नौजवान सभा, इंसाफ मंच व माले का आक्रोश मार्च
मुजफ्फरपुर, 20 जुलाई 2026
संसद मार्च के दौरान छात्र-नौजवानों पर लाठी चार्ज, पेपर लीक, परीक्षा लेने वाली निजी एजेंसी एनटीए तथा सोनम वांगचुक को जबरन अनशन स्थल से उठा लेने के खिलाफ देशव्यापी छात्र-युवा आक्रोश दिवस पर आज मुजफ्फरपुर में भी मार्च निकाला गया। 22 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा सहित राष्ट्रीय नेता मनीष और आमीन के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए आइसा, इंकलाबी नौजवान सभा, इंसाफ मंच और भाकपा-माले ने संयुक्त रूप से शहर में मार्च निकाला गया। इस दौरान केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने, नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 को रद्द करने, पेपर लीक से छात्रों की आत्महत्या की जवाबदेही तय करने, अनशनकारी पर बैठे शिक्षाविद सोनम वांगचुक व भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से वार्ता करने तथा छात्र-युवा आंदोलन पर दमन पर रोक लगाने की मांग की गई। इसके साथ ही
मोदी सरकार शर्म करो और आंदोलनकारी छात्र-युवाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाओ, बेहतर भविष्य के लिए छात्र-युवाओं का संघर्ष जिंदाबाद के नारे भी लगाए गये।
आक्रोश मार्च मुखर्जी सेमिनरी रोड स्थित माले कार्यालय से निकला जिसका नेतृत्व आइसा की प्राची प्रभा, नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष विवेक कुमार, इंसाफ मंच के राज्य सह सचिव जफर आजम, माले जिला सचिव जितेन्द्र यादव ने किया। मार्च में महिला संगठन ऐपवा की जिला सचिव रानी प्रसाद, खेग्रामस के राज्य सचिव शत्रुघ्ध सहनी, जिला अध्यक्ष होरिल राय, मनरेगा सभा के वीरेन्द्र पासवान, किसान महासभा के जिला अध्यक्ष विन्देश्वर साह व प्रेमलाल राय, ऐक्टू के जिला सचिव मनोज यादव, इंसाफ मंच के नूर हसन, राम लखन दास, माले जिला कमिटी सदस्य रामबालक सहनी, विमलेश मिश्र, राजेश रंजन, विजय गुप्ता, नीलकमल,रजकिशोर प्रसाद सहित इंद्रदेव मांझी, शत्रुघ्ध महतो, नौजवान सभा के सुधीर कुमार, गुड्डू कुमार,पप्पू कुमार, फूलबाबू कुमार सहित और लोगों ने भाग लिया।
मार्च सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व संकट से गुजर रही है। लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की विफलताओं ने करोड़ों छात्र-युवाओं के भविष्य को असुरक्षित बना दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इन गंभीर समस्याओं का समाधान करने के बजाय अपनी जवाबदेही से बचने और छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्र-युवाओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक है। छात्र-युवा अपने भविष्य, रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है। यह केंद्र सरकार के शिक्षा, छात्र-युवा और लोकतंत्र विरोधी रवैये को उजागर करता है।
सभा के अंत में छात्र-युवाओं के अधिकारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लोकतांत्रिक अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की स्थापना के लिए संघर्ष को और व्यापक तथा तेज करने का संकल्प लिया गया।
Musahri, Muzaffarpur | Jul 20, 2026