पानीपत से अपहृत 12 वर्षीय बच्चे को हरियाणा पुलिस ने महज 11 घंटे में सकुशल बरामद किया
महिला सहित 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में 2 बदमाश घायल, पीजीआई रोहतक में भर्ती
फिरौती की मांग कर पुलिस को उत्तर प्रदेश की ओर गुमराह करने का किया प्रयास, तकनीकी एवं फील्ड टीमों की सूझबूझ से रोहतक से दबोचे गए आरोपी
डीजीपी अजय सिंघल ने ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीमों को ₹1 लाख नकद पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की
चंडीगढ़/पानीपत, 13 जून। हरियाणा पुलिस ने तत्परता, सटीक तकनीकी विश्लेषण और विभिन्न जिलों में बेहतर कॉर्डिनेशन स्थापित करते हुए पानीपत से अपहृत 12 वर्षीय बच्चे को महज 11 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के साथ-साथ पुलिस को उत्तर प्रदेश की ओर गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन हरियाणा पुलिस की तकनीकी एवं फील्ड टीमों ने उनकी योजना को विफल करते हुए रोहतक से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इस साहसिक अभियान के दौरान एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया है। गौरतलब है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रात भर स्वयं इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे थे और पल पल की सूचना उन तक पहुंचाई जा रही थी।
डीजीपी अजय सिंघल ने पुलिस टीम को दी बधाई, 1 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने इस सफल अभियान के लिए पूरी पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि बच्चे की सकुशल बरामदगी हरियाणा पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता, समर्पण एवं पेशेवर कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने परिजनों से डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगते हुए पुलिस को उत्तर प्रदेश की ओर गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की तकनीकी एवं फील्ड टीमों ने सूझबूझ और बेहतर समन्वय का परिचय देते हुए उनकी वास्तविक लोकेशन का पता लगाया और रोहतक क्षेत्र से उन्हें काबू कर लिया।
डीजीपी ने कहा कि इस ऑपरेशन में पानीपत, रोहतक तथा अन्य जिलों की पुलिस इकाइयों, सीआईए टीमों, तकनीकी शाखा, साइबर एवं सर्विलांस टीमों ने समन्वित रूप से कार्य किया। विभिन्न टीमों के बीच बेहतर तालमेल और लगातार की गई कार्रवाई के कारण बच्चे को सुरक्षित मुक्त कराकर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। उन्होंने इस अभियान में शामिल सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए ₹1 लाख नकद पुरस्कार तथा प्रशंसा पत्र (Appreciation Letter) देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश है कि कानून से बचना संभव नहीं है। बच्चों, महिलाओं एवं आम नागरिकों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ हरियाणा पुलिस पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगी। पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा अपराधियों को शीघ्र कानून के कठघरे तक पहुंचाना है।
क्या था मामला
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार रात्रि लगभग 10:30 बजे 12 वर्षीय बालक के अपहरण की सूचना प्राप्त हुई थी। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जिले की विभिन्न पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया तथा जांच की जिम्मेदारी सीआईए-2 को सौंपी गई।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने तकनीकी एवं सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग करते हुए लगातार कार्रवाई जारी रखी। जांच के दौरान आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से बच्चे को उत्तर प्रदेश ले जाने के लिए गुमराह किया, लेकिन तकनीकी विश्लेषण एवं लगातार की गई निगरानी के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
गहन जांच और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप शनिवार सुबह लगभग 9:30 बजे रोहतक क्षेत्र से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस टीम जब आरोपियों तक पहुंची तो बदमाशों ने पुलिस वाहन को टक्कर मारकर भागने का प्रयास किया तथा पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया। आत्मरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी घायल हो गए। दोनों घायल आरोपियों को मौके पर ही काबू कर लिया गया, जबकि वाहन में मौजूद उनकी महिला साथी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपियों को तत्काल पीजीआई रोहतक भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
हरियाणा पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और पेशेवर कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण
अपहरण जैसी गंभीर वारदात के बाद मात्र 11 घंटे के भीतर बच्चे की सकुशल बरामदगी, आरोपियों की गिरफ्तारी तथा पूरे ऑपरेशन का सफल निष्पादन हरियाणा पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर समन्वय, तकनीकी दक्षता और पेशेवर कार्यशैली को दर्शाता है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है तथा आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।