Install App
Login
HOME
Delhi
Haryana
Uttar Pradesh
Bihar
Chhattisgarh
Madhya Pradesh
Rajasthan
Jharkhand
Himachal Pradesh
Uttarakhand
Punjab
Andhra Pradesh
Telangana
Tamil Nadu
Karnataka
Maharashtra
Assam
West Bengal
Tripura
Gujarat
Odisha
Kerala
Jansamasya
News
Bjp
National
Police
Bihar
India
जनसमस्या
कांग्रेस
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Jharkhand
Iyc
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
महिला
Narendramodi
Madhya_pradesh
सोशल_मीडिया
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Ipl
Haryana
indradevjimix
सहरसा जिले में रामनवमी पर आस्था का सैलाब, विभिन्न प्रखंडों में भव्य मेले और शोभायात्राओं का आयोजन #saharsabihar #saharsa...
Kahara, Saharsa
| Mar 28, 2026
#saharsabihar
#saharsa...
MORE NEWS
तेज आंधी के साथ मौसम बदला।
Kahara, Saharsa | Jun 9, 2026
◆◆ *अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अत्याचार (निवारण) अधिनियम के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक* छपरा, 09 जून 2026 ◆ जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक आहुत की गई। ◆ जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्ष 2023 से 2026 तक इस अधिनियम के तहत दर्ज कुल 1100 कांडों में से 1055 मामलों में पीड़ित/आश्रित को देय मुआवजे के प्रथम क़िस्त की राशि का भुगतान किया गया है। 25 मामलों में संधि/सुलह की गई है। शेष 20 मामलों में प्रथम क़िस्त के मुआवजे का त्वरित भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। ◆ इस अधिनियम के तहत दर्ज मृत्यु के मामलों में 57 निकटम आश्रितों को नियमानुसार पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।सभी का माह अप्रैल 2026 तक के पेंशन का भुगतान किया जा चुका है। चार आश्रितों को सरकारी नौकरी दी गई है। एक अन्य मामले में आश्रित को नौकरी देने हेतु कार्रवाई प्रक्रियाधीन है, जिसे अविलंब पूरा करने का निदेश दिया गया। ◆ जिलाधिकारी ने इस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज होने पर इसकी एक प्रति अविलंब ई-मेल के माध्यम से जिला कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध कराने का निदेश सभी थाना प्रभारी को दिया। ◆ चार्जशीट हेतु लंबित सभी मामलों में प्राथमिकता से चार्जशीट दाखिल करने का निदेश दिया गया मुआवजे के द्वितीय किश्त की राशि का भुगतान किया जा सके। ◆ इस अधिनियम के तहत गवाहों को न्यायालय आने जाने के लिए यात्रा भत्ता दिये जाने का प्रावधान है। सभी उपयुक्त मामलों में नियमानुसार यात्रा भत्ता का भुगतान सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। ◆ बैठक में उपविकास आयुक्त , अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, जिला कल्याण पदाधिकारी, समिति के अन्य सदस्यगण तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न थाना प्रभारी जुड़े थे। #SCSTAtrocityAct #MonitoringCommittee #meeting #DM #saran #chapra SC&ST Welfare Dept. of Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Saharsa, Bihar | Jun 9, 2026
◆◆ *संभावित बाढ़ एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला स्तरीय तैयारियों की समीक्षा, सभी विभागों को अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश* छपरा, 09 जून 2026 ◆ संभावित बाढ़ एवं उसके उपरांत उत्पन्न होने वाली जलजनित बीमारियों की रोकथाम तथा राहत एवं बचाव कार्यों की समुचित तैयारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित समिति की बैठक आज जिलाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। ◆ बैठक में जिले के सभी बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पूर्व तैयारी, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं की सुदृढ़ व्यवस्था तथा तटबंधों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। ◆ बैठक में जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिले के सभी 17 संभावित बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों का तत्काल आकलन कर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए सभी आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं एवं चिकित्सा सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण पूर्व से ही सुनिश्चित किया जाए। ◆ जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि हैलोजन टैबलेट, ब्लीचिंग पाउडर, चूना (लाइम पाउडर), सर्पदंश उपचार हेतु एंटी स्नेक वेनम सहित सभी आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा सामग्रियों की पर्याप्त मात्रा प्रत्येक बाढ़ संभावित प्रखंड में उपलब्ध रहे। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों एवं भंडारों में उपलब्ध दवाओं का भौतिक सत्यापन (स्टॉक वेरिफिकेशन) अग्रिम रूप से पूर्ण कर लिया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसी प्रकार की कमी उत्पन्न न हो। ◆ बैठक में संभावित बाढ़ की स्थिति में चिकित्सा सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु बोट एम्बुलेंस की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बोट एम्बुलेंस के संचालन हेतु उपयुक्त स्थानों का चयन पूर्व में ही कर लिया जाए तथा आवश्यकतानुसार चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति भी समय रहते सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी रूप से उपलब्ध कराई जा सकें। ◆ जिलाधिकारी ने आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिये आवश्यक संख्या में लाइफ जैकेट की खरीद एवं उपलब्धता समय पर सुनिश्चित करने का निदेश दिया तथा उन्हें विभिन्न बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील प्रखंडों में पूर्व से उपलब्ध कराने को कहा। ◆ बैठक में तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को निर्देश दिया कि सभी चिन्हित संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित स्थलों पर जियो बैग, बालू, रस्सी सहित आवश्यक फ्लड फाइटिंग सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण अग्रिम रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध रहना आवश्यक है। ◆ जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि तटबंधों की सुरक्षा की नियमित निगरानी की जाए तथा किसी भी प्रकार की क्षति, रिसाव अथवा कमजोर बिंदुओं की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को संवेदनशील स्थलों का नियमित निरीक्षण करने तथा सतत मॉनिटरिंग बनाए रखने का निर्देश दिया। ◆ जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ के दौरान सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने तथा जलजनित रोगों की रोकथाम हेतु सभी आवश्यक कदम पूर्व से सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ पूर्व तैयारियों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। ◆ बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था), सिविल सर्जन, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। #FloodPrevention #meeting #DM #saran #chapra Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Saharsa, Bihar | Jun 9, 2026
सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे, गर्भवती महिलाओं की जांच और जागरूकता के लिए जिलेभर में विशेष शिविर • “सुरक्षित गर्भावस्था, स्वस्थ माँ, सशक्त भारत” थीम के साथ स्वास्थ्य केंद्रों पर हुआ विशेष आयोजन • उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान और समय पर इलाज से मातृ मृत्यु दर में कमी लाने पर जोर छपरा। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व, गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच और समय पर विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) ने मंगलवार को अपने 10 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर सारण जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, अनुमंडलीय अस्पतालों और जिला अस्पतालों में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर, परामर्श सत्र और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान की इस वर्ष की थीम “प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष : सुरक्षित गर्भावस्था, स्वस्थ माँ, सशक्त भारत” रखी गई है। सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि पिछले एक दशक में इस अभियान ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसव पूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान, विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श तथा जरूरत पड़ने पर बेहतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह की समय पर पहचान डीपीएम अरविन्द कुमार ने बताया कि नियमित एएनसी (Antenatal Check-up) जांच के दौरान गर्भवती महिलाओं में एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कुपोषण और अन्य जटिलताओं की पहचान आसानी से हो जाती है। समय पर उपचार मिलने से प्रसव संबंधी जोखिम कम होते हैं और नवजात शिशु के स्वास्थ्य में भी सुधार आता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में भी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में लगे विशेष शिविर अभियान की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पहली तिमाही की गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष शिविर लगाए गए। यहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण, रक्त जांच, रक्तचाप मापन, वजन जांच और आवश्यक परामर्श दिया गया। वहीं दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं को अनुमंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल और फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच और परामर्श उपलब्ध कराया गया। प्रसव के बाद 45 दिनों तक होगी निगरानी स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान कर प्रसव के बाद 45 दिनों तक विशेष निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी नियमित रूप से इन महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखेंगे ताकि प्रसवोत्तर जटिलताओं को रोका जा सके। गर्भावस्था में नियमित जांच बेहद जरूरी स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों में अत्यधिक रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप, संक्रमण और एनीमिया शामिल हैं। इनमें से अधिकांश मामलों को नियमित जांच और समय पर इलाज से रोका जा सकता है। सुरक्षित मातृत्व केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। जागरूकता, नियमित जांच और समय पर उपचार से ही स्वस्थ माँ और स्वस्थ शिशु का सपना साकार किया जा सकता है। #SafeMotherhood #Motherchildcare #saran #chapra Bihar Health Department Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Saharsa, Bihar | Jun 9, 2026
मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्यपालकों की सहायता हेतु चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी
Saharsa, Bihar | Jun 9, 2026
सहरसा जिले में रामनवमी पर आस्था का सैलाब, विभिन्न प्रखंडों में भव्य मेले और शोभायात्राओं का आयोजन #saharsabihar #saharsa... - Kahara News