‘नृत्य संध्या’ में शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संगीत और संस्कृति के रंगों से सजी ‘नृत्य संध्या’ में कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शहर के कला एवं संस्कृति प्रेमियों के साथ बड़ी संख्या में दर्शकों ने कार्यक्रम में शामिल होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।नेशनल पावर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, फरीदाबाद में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत शिव स्तुति के साथ हुई। इसके बाद शिव वंदना, तीन ताल, धमाल ताल, झपताल, चौताल, भाव अभिव्यक्ति और पंचम सवारी जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को मंच पर जीवंत किया गया।
करीब 50 बालिकाओं ने दी शानदार प्रस्तुति
कार्यक्रम का आयोजन नृत्यनाद इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स ने फोर्थ वॉल प्रोडक्शंस और कलर बॉक्स प्रोडक्शन के सहयोग से किया। कार्यक्रम में करीब 50 बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।कलाकारों के भाव, ताल और लय के खूबसूरत सामंजस्य ने दर्शकों का दिल जीत लिया। हर प्रस्तुति के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
पद्मश्री डॉ. शोभना नारायण ने दिया आशीर्वाद
प्रख्यात कथक नृत्यांगना एवं पद्मश्री डॉ. शोभना नारायण ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की सभी प्रस्तुतियों का अवलोकन किया। उन्होंने बाल कलाकारों को आशीर्वाद देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।डॉ. शोभना नारायण ने नृत्य संध्या की निदेशक पुष्पा शर्मा को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में रिकॉर्डेड संगीत के साथ लाइव संगीतकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। पखावज, तबला, हारमोनियम और सितार की धुनों के साथ गायन ने नृत्य प्रस्तुतियों को और प्रभावशाली बना दिया।वाद्य यंत्रों की मधुर संगत और कलाकारों के भावपूर्ण नृत्य ने पूरे वातावरण को संगीतमय एवं भक्तिमय बना दिया।
वंदना चौधरी को मिला ‘ऊषा किरण कला ज्योति सम्मान’
इस अवसर पर शहर की कलाकार वंदना चौधरी को कला, संस्कृति एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता के लिए ‘ऊषा किरण कला ज्योति सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में एनपीटीआई की मुख्य निदेशक डॉ. इंदु माहेश्वरी, दयानंद कॉलेज की प्राचार्य डॉ. इंदु दुआ, समाजसेवी डॉ. अजय गर्ग, राजीव बनर्जी, अंजू मुंजाल और डॉ. हेमंत अत्री सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
कला और नई पीढ़ी के बीच बना जीवंत सेतु
कलर बॉक्स प्रोडक्शन के निदेशक दीपक पुष्पदीप ने कहा कि भविष्य में विद्यार्थियों और युवाओं के लिए नृत्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को और व्यापक मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
आयोजकों ने कहा कि ‘नृत्य संध्या’ का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है। जब मंच, कलाकार और समाज एक साथ आते हैं, तो कला महज प्रस्तुति नहीं रहती—वह संस्कृति और नई पीढ़ी के बीच एक जीवंत सेतु बन जाती है।
Panipat, Panipat | Sep 27, 2026