भागलपुर, 11 अगस्त 2026: भागलपुर अभियंत्रण महाविद्यालय में नव-नामांकित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित सात दिवसीय स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम (SIP) का समापन समारोह मंगलवार को महाविद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में भागलपुर की जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. विमलेश कुमार एवं मानविकी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शशांक शेखर के मार्गदर्शन एवं देखरेख में किया गया।समापन समारोह के अवसर पर नव-नामांकित छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह एवं उमंग का माहौल रहा।
जिलाधिकारी के महाविद्यालय परिसर में प्रवेश के अवसर पर एनसीसी कैडेट्स द्वारा स्वागत परेड प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात महाविद्यालय परिवार की ओर से जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे का विधिवत स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पलता द्वारा जिलाधिकारी को चादर भेंट कर सम्मानित किया गया, जबकि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. विमलेश कुमार एवं मानविकी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शशांक शेखर द्वारा पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। इसके बाद नव-नामांकित छात्राओं द्वारा “वीणा वादिनी ज्ञान की ज्योति जगा देना” शीर्षक सरस्वती वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।प्राचार्य ने व्यक्त किया आभारस्वागत संबोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. विमलेश कुमार ने जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे द्वारा अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद महाविद्यालय का आमंत्रण स्वीकार कर विद्यार्थियों के बीच उपस्थित होने पर हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने सात दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता का उल्लेख करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं।मानविकी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शशांक शेखर ने सात दिवसीय स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम की रूपरेखा एवं प्रमुख गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नव-नामांकित विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं तकनीकी वातावरण से परिचित कराने के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, मानवीय मूल्यों, स्वास्थ्य, मानसिक जागरूकता, नवाचार, पर्यावरण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना था। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए जिलाधिकारी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को दिया प्रेरणादायी संदेशमुख्य अतिथि जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे ने नव-नामांकित छात्र-छात्राओं को उनके नए जीवन अध्याय के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि अधिकांश विद्यार्थी पहली बार अपने घर एवं अभिभावकों के संरक्षण से दूर होकर स्वतंत्र रूप से जीवन के एक नए चरण की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में प्राप्त स्वतंत्रता एवं निर्णय लेने की आजादी का विवेकपूर्ण उपयोग किया जाना चाहिए, क्योंकि स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी आती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन जीवन में आने वाले विभिन्न प्रकार के विचलनों के प्रति सजग रहने तथा अपने भविष्य के निर्माण पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने समय एवं ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करें और प्रत्येक अवसर से कुछ नया सीखने का प्रयास करें।
जिलाधिकारी ने महाविद्यालय में आयोजित मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थी जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक पहल बताया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन जीवन में विद्यार्थियों को जीवन के सबसे अच्छे और स्थायी मित्र मिलते हैं, जो आगे चलकर सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा महाविद्यालयीन जीवन का सकारात्मक एवं भरपूर अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने विद्यार्थियों से “खूब पढ़ें, खूब सीखें और खूब आनंद लें” की भावना के साथ हर पल कुछ नया सीखते रहने का आह्वान किया। साथ ही, रैगिंग के प्रति जागरूक करते हुए वरिष्ठ विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक, सम्मानजनक एवं सार्थक संवाद स्थापित करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर विद्यार्थी उसे अपने मित्रों, मेंटर्स एवं प्राध्यापकों के साथ साझा करें तथा आवश्यकता पड़ने पर संस्थान में उपलब्ध सहायता एवं सहयोग का उपयोग करें।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को अपने अभिभावकों से निरंतर संवाद बनाए रखने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन जीवन की व्यस्तताओं के कारण विद्यार्थियों का अपने अभिभावकों से संवाद कम नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को समय-समय पर अपनी उपलब्धियों, समस्याओं एवं अनुभवों को अभिभावकों के साथ साझा करते रहना चाहिए।
जिलाधिकारी ने महाविद्यालय प्रशासन को सात दिवसीय स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा सभी नव-नामांकित छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल, सफल एवं सुखद भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।इंडक्शन प्रोग्राम के अंतिम दिन हुए विभिन्न ज्ञानवर्धक सत्रसात दिवसीय कार्यक्रम के छठे एवं अंतिम दिन भी विद्यार्थियों के लिए विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री पुष्पेंद्र द्विवेदी ने “Career Advancement” विषय पर विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने तकनीकी शिक्षा के साथ करियर को सही दिशा देने, उपलब्ध अवसरों की पहचान करने, आवश्यक कौशल विकसित करने तथा निरंतर सीखते हुए व्यावसायिक जीवन में आगे बढ़ने के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने करियर से संबंधित विभिन्न प्रश्नों पर चर्चा की।द्वितीय सत्र में टेक्नो स्कूल ऑफ योग की सुश्री अंशु सिंह ने “Inner Spirit Awareness, Holistic Well-being एवं Sense of Universal Brotherhood” जैसे विषयों पर विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने आंतरिक चेतना, मानसिक शांति एवं समग्र स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ध्यान को विद्यार्थी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ध्यान के महत्व के साथ-साथ ध्यान की 112 विभिन्न विधियों के बारे में जानकारी दी तथा नियमित अभ्यास के माध्यम से मानसिक एकाग्रता, आत्म-जागरूकता एवं सकारात्मक सोच विकसित करने के उपायों पर चर्चा की।इसके उपरांत भागलपुर पुलिस साइबर सेल के डीएसपी श्री विनय रंजन ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध एवं साइबर सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में विद्यार्थियों को सचेत करते हुए उनसे बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने डिजिटल खातों एवं व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने, संदिग्ध लिंक एवं संदेशों से बचने तथा Two-Factor Authentication (दो-स्तरीय प्रमाणीकरण) जैसे सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी।श्री विनय रंजन ने अपने छात्र जीवन के अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र रहे श्री रंजन ने अपने शैक्षणिक जीवन एवं व्यावसायिक यात्रा के अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयासरत रहने, अनुशासन बनाए रखने तथा उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उनके व्यक्तिगत अनुभवों ने सत्र को विद्यार्थियों के लिए और अधिक प्रेरणादायी एवं संवादात्मक बना दिया।इसी क्रम में भागलपुर साइबर थाना के थानाध्यक्ष श्री सन्नी कुमार ने “Cyber Smart Tuesday” एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम के संबंध में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित सहायता एवं शिकायत के लिए 1930 टोल-फ्री नंबर के बारे में बताया तथा साइबर अपराध से संबंधित विभिन्न प्रावधानों एवं आवश्यक सावधानियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सजग, सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।सात दिनों में विद्यार्थियों के समग्र विकास पर रहा जोरसात दिवसीय स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान नव-नामांकित विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, मानवीय मूल्य, अनुशासन, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं साइबर जागरूकता जैसे विविध विषयों से परिचित कराया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न सुविधाओं एवं गतिविधियों से परिचित कराने के साथ-साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना था। विभिन्न सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को करियर निर्माण एवं व्यावसायिक विकास से लेकर मानसिक शांति, समग्र स्वास्थ्य तथा डिजिटल सुरक्षा तक जीवन के महत्वपूर्ण आयामों पर उपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभिन्न पदाधिकारियों एवं प्राध्यापकों की भूमिकासमापन समारोह के दौरान स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम की समन्वयक प्रो. डॉ. संगीता, सहायक प्राध्यापक, यांत्रिकी विभाग एवं डॉ. मुकेश कुमार रवानी, सहायक प्राध्यापक, गणित विभाग के निर्देशन में आयोजित विभिन्न गतिविधियों की सफलता का उल्लेख किया गया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. राज अन्वित, विभागाध्यक्ष, कम्प्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम की फोटोग्राफी एवं दृश्य दस्तावेजीकरण कैंपस टीवी एवं रेडियो क्लब, बीसीई भागलपुर द्वारा किया गया।कार्यक्रम के अंत में श्री शुभोजित दास, सहायक प्राध्यापक, गणित विभाग द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात नव-नामांकित छात्र-छात्राओं से सात दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम के संबंध में उनकी प्रतिक्रिया एवं अनुभव प्राप्त किए गए। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों एवं गतिविधियों को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक बताया।समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।सात दिवसीय स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के सफल आयोजन से नव-नामांकित विद्यार्थियों को भागलपुर अभियंत्रण महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न सुविधाओं एवं गतिविधियों से परिचित होने का अवसर मिला। साथ ही, कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, मानसिक स्वास्थ्य, तकनीकी दक्षता, सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन एवं समग्र विकास की मजबूत आधारशिला तैयार की। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह, उमंग एवं सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
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Bhagalpur, Bihar | Aug 11, 2026