यह तस्वीर जनजाति क्षेत्र के किसी पुलिस थाने की है यह कांस्टेबल महिला जिस तरह से पैर पर पैर चढ़ा करके टेबल पर पैर फैला करके अपने पिता तुल्य बुजुर्ग के सामने बैठी है इस हिसाब से तो लगता है कि यह उसका घर है और साथियों यह बया करता है की जनजाति क्षेत्र में हमारे नेता कितने कमजोर नेतृत्व के साथ में खड़े हैं यह तस्वीर सिद्ध करती है। जनजाति क्षेत्र में प्रजातंत्र पर नौकरशाही कितनी हैवी है,वह यह बताने के लिए काफी है हमारे नेताओं को इस पर ध्यान देना चाहिए और अपने प्रोटोकॉल अपनी ताकत को समझना होगा वरना इसी तरह से तुम्हें मालिक बनने वाली मालिक जनता का शोषण होता रहेगा -समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी ✍️