पंचकूला में ऑपरेशन मैदान 2.0 का बड़ा असर: 13 मामलों में 19 नशा तस्कर गिरफ्तार, 4.40 करोड़ की ड्रग्स बरामद, 275 पुराने तस्करों का सत्यापन कर निरंतर निगरानी कर रही पुलिस
ऑपरेशन मैदान 2.0 पर हाई लेवल समीक्षा बैठक: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के अधिकारियों के साथ बैठक में पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा- जमीनी स्तर पर दिखे अभियान का असर
1 किलो 998 ग्राम हेरोइन, 7 किलो 224 ग्राम अफीम, 931 ग्राम चरस तथा 1 किलो 45 ग्राम गांजा बरामद
अभियान के दौरान 151 स्थानों पर डॉग स्क्वॉड की सहायता से रेड, 22 ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान, निगरानी शुरु
अभियान के तहत पुलिस ने 62 नशा पीड़ितों का उपचार करवाया शुरु, प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री रोकने के लिए पुलिस ने 73 मेडिकल स्टोर और केमिस्ट दुकानों की जांच
नशा छोड़ने, नशा तस्करी की सूचना देने अथवा सहायता प्राप्त करने के लिए मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 तथा ड्रग इंफो हेल्पलाइन नंबर 7087081100 और 7087081048 पर करे संपर्क, पहचान रहेगी गुप्त
पंचकूला/ 16 जून:- जिला पंचकूला को नशामुक्त बनाने की दिशा में चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन मैदान 2.0 के तहत पंचकूला पुलिस लगातार बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के नेतृत्व में 28 मई से शुरू इस अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं बल्कि पूरे अवैध तंत्र को समाप्त करना, नशा पीड़ितों का पुनर्वास सुनिश्चित करना और आधुनिक तकनीक के माध्यम से निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है।
अभियान की समीक्षा को लेकर आज पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता, डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह सहित नशा मुक्ति अभियान से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में अभियान की प्रगति, आगामी रणनीति और जमीनी स्तर पर कार्रवाई को और तेज करने पर विशेष जोर दिया गया।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा कि पंचकूला पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ विशेष रणनीति के तहत कार्य कर रही है। इसी क्रम में अब तक 13 अलग-अलग मामलों में 19 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है तथा उनके कब्जे से करीब 4 करोड़ 40 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 1 किलो 998 ग्राम हेरोइन, 7 किलो 224 ग्राम अफीम, 931 ग्राम चरस तथा 1 किलो 45 ग्राम गांजा बरामद किया है। सभी मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क, सप्लाई चैन और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पूर्व में गिरफ्तार होकर जमानत पर बाहर आए 275 नशा तस्करों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि दोबारा अपराध में संलिप्तता को रोका जा सके।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि जिले में संभावित ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर लगातार दबिश, औचक रेड और विशेष चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। सभी थाना, चौकी और क्राइम यूनिट की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं। अभियान के दौरान 151 स्थानों पर डॉग स्क्वॉड की सहायता से रेड की गई तथा 22 ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान की गई, चिन्हित 22 ड्रग हॉटस्पाट पर खुफिया निगरानी के अलावा 23 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। इसके अतिरिक्त 43 सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा सक्रिय किया गया है।
साथ ही सामाजिक स्तर पर भी नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता और पुनर्वास अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 62 नशा पीड़ितों का उपचार शुरू करवाया गया है, जबकि 4 व्यक्तियों को नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री रोकने के उद्देश्य से 73 मेडिकल स्टोर और केमिस्ट दुकानों की ड्रग इंस्पेक्टर के साथ संयुक्त जांच की जा चुकी है।
नशा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पंचकूला पुलिस आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग कर रही है। जिलाभर की 1213 विभिन्न लोकेशनों पर लगे लगभग 2736 सीसीटीवी कैमरों को एकीकृत निगरानी प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों, नशा नेटवर्क और तस्करों की आवाजाही पर रियल टाइम निगरानी संभव हो रही है।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने आमजन से अपील की है कि नशा छोड़ने, नशा तस्करी की सूचना देने अथवा सहायता प्राप्त करने के लिए मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 तथा ड्रग इंफो हेल्पलाइन नंबर 7087081100 और 7087081048 पर संपर्क करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।