प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार का दिन बाबा महाकाल के भक्तों के लिए खास था। वर्षों से चली आ रही परम्परा के अनुसार फाल्गुन शुक्लपक्ष के चंद्रदर्शन पर भगवान को निराकार से साकार स्वरूप धारण करवाया जाता है। खास बात ये रहती है कि इस दिन भगवान अपने भक्तों को एक, दो या तीन नहीं बल्कि पांच अलग-अलग स्वरूपों में एक साथ दर्शन देते हैं।