प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल करा कर ही दम लेगा पीबीएसएस : धारीवाल
भिवानी।
पेंशन बहाली संघर्ष समिति के बैनर तले जिला भिवानी के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए रोष मार्च निकाला व उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। संघर्ष समिति के प्रवक्ता शिवकुमार शास्त्री ने बताया कि आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान नरेश महता ने की वहीं बतौर मुख्य अतिथि संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल रहे । मंच संचालन की जिम्मेवारी सतीश आर्य को सौंपी गई । इस कार्यक्रम को राज्य कार्यकारिणी व विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों ने संबोधित किया जिनमें महासचिव ऋषि नैन, अनूप लाठर, विजय भूना, पुरुषोत्तम मजोका, सुरेंद्र माजरा, शिवकुमार गोयल, नरेश खेदड़, सुखबीर दुहन, जोगेंद्र लोहान, अनिल सिवाच , ताराचंद छिल्लर आदि अनेक वक्ताओं ने अपना वक्तव्य रखा । प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने कहा कि पीबीएसएस पिछले काफी वर्षों से देश प्रदेश में पुरानी पेंशन के लिए संघर्ष कर रही है चाहे प्रदेश में साइकिल यात्रा, पंचकूला में लाखों कर्मचारियों का संघर्ष, गोहाना में प्रदेश स्तरीय बड़ी रैली सहित रात दिन बिना रुके बिना थके पुरानी पेंशन बहाली के लिए लगी हुई है। पीबीएसएस ये बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा कि पूर्व विधायक व सांसद अनेक पेंशन लेंगे और कर्मचारियों को एनपीएस या यूपीएस का झुनझुना थमा दिया जाए । वहां प्रदेश महासचिव ऋषि नैन व वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनूप लाठर ने कहा कि पीबीएसएस हर रविवार को किसी न किसी जिले में रोष प्रदर्शन कर रही और अंत में कुरुक्षेत्र में प्रदेश स्तरीय रैली का आयोजन किया जाएगा। हमारा संघर्ष लगातार चलता रहेगा चाहे हमारे पदाधिकारियों पर कितने ही मुकदमे और दर्ज हो जाएं। अंत में जिला प्रधान नरेश महता ने यह कहते हुए कि हम कर्मचारियों को उनका अधिकार पुरानी पेंशन दिला कर ही मानेंगे, सभी कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
आज के कार्यक्रम में सुरेंद्र श्योराण, महेंद्र मान, धोलू राम सुथार, कुलदीप कुमार, राजेश जांगड़ा, भूपेंद्र चाहर, अशोक चाहर, मा०महेंद्र सिंह श्योराण, सुरेंद्र नलवा, कपिल देव, अरुण कुमार, राजेश, यशपाल, सुमन , सुनील डी आई, मनोज, मुकेश दून, लीलूराम, प्रेम, महेश गोड, कुलबीर, शिवकुमार कौशिक, प्रमिला, पिंकी, पिंकेश, सीमा , शिवचरण भारद्वाज, रणवीर, नरेंद्र, पीर चंद, सुदेश बाजिया, वीरेंद्र, सुरेश, संदीप आदि अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।