*एडीजी (ट्रेनिंग) श्री राघवेंद्र सुहास दो दिवसीय जिले के वार्षिक निरीक्षण पर।*
*अपराध नियंत्रण, संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश एवं पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के दिए निर्देश।*
*परेड की सलामी ली, नाकाबंदी एवं जघन्य अपराध की विवेचना का डेमो देखा।*
चित्तौड़गढ़, 19 जून 2026। जिले के दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण कार्यक्रम के तहत अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण) श्री राघवेंद्र सुहास ने पुलिस लाईन में जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संपर्क सभा आयोजित कर उनसे सीधे संवाद किया। जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, समस्त वृत्ताधिकारियों एवं थानाधिकारियों की अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया, बड़ा खाना आयोजित कर जवानों के साथ खाना खाया। परेड की सलामी ली, नाकाबंदी एवं जघन्य अपराध की विवेचना का डेमो देखा।
एडीजीपी प्रशिक्षण श्री राघवेन्द्र सुहास के गुरुवार को पुलिस लाईन पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस अधिकारियों के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। दौरे के प्रथम दिवस एडीजी (ट्रेनिंग) श्री राघवेंद्र सुहास ने सर्वप्रथम जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संपर्क सभा आयोजित कर उनसे सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं जवानों की सेवा संबंधी एवं व्यक्तिगत समस्याओं को गंभीरता से सुना। जिन समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान संभव था, उनका तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए गए, जबकि शेष मामलों का पुलिस मुख्यालय एवं राज्य सरकार स्तर पर उचित कार्यवाही करवाने का भरोसा दिलाया।
संपर्क सभा के दौरान एडीजी (ट्रेनिंग) ने पुलिस बल के मनोबल को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों का कल्याण, उनकी कार्यक्षमता एवं जनसेवा की भावना को मजबूत करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
इसके पश्चात अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस ने जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया तथा जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध की स्थिति एवं पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की।
संपर्क सभा के बाद जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, समस्त वृत्ताधिकारियों एवं थानाधिकारियों की अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए तथा गैंगवार, अवैध हथियार, मादक पदार्थ तस्करी, आदतन एवं हार्डकोर अपराधियों तथा अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस ने कहा कि आमजन में सुरक्षा एवं कानून के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी आमजन के साथ संवेदनशील व्यवहार रखते हुए त्वरित एवं निष्पक्ष पुलिसिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, गंभीर अपराधों में प्रभावी विवेचना, तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग तथा अपराधियों के विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
एडीजी ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का भ्रमण कर उनकी कार्यप्रणाली, अभिलेख संधारण, लंबित कार्यों एवं कार्यालयीन व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। शाखा प्रभारियों से शाखा-वार कार्यों की जानकारी प्राप्त करते हुए अभिलेखों को अद्यतन रखने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने, कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता बनाए रखने तथा रिकॉर्ड संधारण को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में शुक्रवार को परेड कमांडर एसपी श्री धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में बनी छः प्लाटून की परेड की सलामी ली। परेड में एएसपी मुकुल शर्मा, डीएसपी बृजेश सिंह, मनीष शर्मा, अंजली सिंह, मुकेश व अनिल पांडे पुलिस निरीक्षक ने प्लाटून कमांडर की भूमिका संभाली। परेड के दौरान जवानों ने उत्कृष्ट अनुशासन, समन्वय एवं दक्षता का परिचय दिया। एडीजी ने परेड के सम्पूर्ण कार्य की सराहना की।
परेड के उपरांत उप पुलिस अधीक्षक भदेसर श्री विनोद कुमार के नेतृत्व में मादक पदार्थ तस्करों की धरपकड़ हेतु प्रभावी नाकाबंदी एवं तलाशी की कार्यवाही का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) प्रस्तुत किया गया, जिसमें संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की जांच, सुरक्षा उपायों तथा पुलिस टीमों के समन्वित संचालन का प्रदर्शन किया गया।
इसके पश्चात उप पुलिस अधीक्षक श्री शिवप्रकाश के नेतृत्व में अज्ञात महिला के साथ दुष्कर्म कर हत्या किए जाने एवं शव को सुनसान स्थान पर फेंक दिए जाने जैसी जघन्य घटना के अनावरण हेतु पुलिस की त्वरित कार्रवाई, घटनास्थल संरक्षण, साक्ष्य संकलन, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं विवेचना की कार्यप्रणाली का विस्तृत डेमो प्रस्तुत किया गया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) श्री सुहास ने परेड, नाकाबंदी डेमो तथा जघन्य अपराध की विवेचना के डेमो का अवलोकन कर पुलिस अधिकारियों एवं जवानों की तैयारी, अनुशासन, समन्वय और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की।
वार्षिक निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, भगवत सिंह, जिले के समस्त वृत्त के वृत्ताधिकारी व थानों के थानाधिकारी एवं कार्यालय स्टाफ उपस्थित थे।