वो भी क्या दिन थे… ❤️🏔️
पहाड़ों की जिंदगी कठिन जरूर थी , मगर रिश्तों में अपनापन गहरा था । काम में उलझी मां बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें कमरे में बंद कर देती , खिड़की खुली छोड़ देती… और बच्चे खिड़की से झांककर बस यही कहते - ईजा… खिड़की खोल दो । काम निपटते ही मां उन्हें सीने से लगा लेती ।
Dev Ginwal द्वारा भेजी गई ये वीडियो , सिर्फ एक तस्वीर नहीं , 90 के दशक के पहाड़ों में मां की ममता और बच्चों की सुरक्षा की पूरी कहानी है ❤️