बथनाहा-दिपौल सड़क निर्माण बंद, सरपंच प्रतिनिधि ने SDO को सौंपा आवेदन; 15 दिनों में काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
फारबिसगंज/अररिया। फारबिसगंज विधानसभा क्षेत्र के बथनाहा से दिपौल जाने वाली महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से बंद रहने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर ग्राम कचहरी बथनाहा की सरपंच जबेरा खातून ने अनुमंडल पदाधिकारी, फारबिसगंज को लिखित आवेदन देकर सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पुनः शुरू कराने की मांग की है।
सरपंच द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, बीरपुर चौक बथनाहा से दिपौल पथ ग्रामीणों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। यह सड़क पूर्व विधायक माननीय मंचन केशरी के प्रयास से स्वीकृत कराई गई थी। सड़क ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम (RR SMP) के अंतर्गत स्वीकृत है, जिसकी कुल लंबाई 4.940 किलोमीटर तथा प्राक्कलित राशि करीब 394.168 लाख रुपये बताई गई है।
आवेदन में बताया गया है कि कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल फारबिसगंज की देखरेख में संवेदक ‘मैसर्स कब्बू सिद्धार्थ’ द्वारा 01 सितंबर 2025 से निर्माण कार्य शुरू किया गया था। हालांकि, कुछ समय बाद निर्माण कार्य बिना स्पष्ट कारण के बंद हो गया और अब तक दोबारा शुरू नहीं किया गया है।
सड़क की जर्जर स्थिति से ग्रामीण परेशान
निर्माण कार्य बंद रहने के कारण सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। आवेदन में कहा गया है कि सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और हल्की बारिश में भी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे इस मार्ग से आवागमन करने वाले छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों, मरीजों, किसानों एवं आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरपंच प्रतिनिधि मुख़्तार आलम ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेष रूप से मरीजों और स्कूली बच्चों को आवागमन के दौरान गंभीर परेशानी होती है। सड़क निर्माण कार्य बंद रहने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश एवं असंतोष व्याप्त है।
15 दिनों में काम शुरू कराने की मांग
सरपंच प्रतिनिधि मुख़्तार आलम ने SDO से संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं संवेदक को आवश्यक निर्देश जारी कर आवेदन प्राप्त होने की तिथि से अधिकतम 15 दिनों के अंदर सड़क निर्माण कार्य पुनः प्रारंभ कराने की मांग की है।
आवेदन में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य पुनः शुरू नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता एवं जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं प्रशासन की होगी।
सरपंच प्रतिनिधि ने प्रशासन से जनहित की इस गंभीर समस्या पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन की समस्या से राहत मिल सके।