पदोन्नति से 25 दिन पहले थम गईं सांसें, तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचा वीर सपूत, नम आंखों से किया नमन।
दैनिक वीरधरा राजस्थान।
गंगरार। देश की रक्षा में 22 साल 4 माह तक अपना जीवन समर्पित करने वाले सेना के जवान जितेंद्र सिंह चौहान शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। असम में ड्यूटी के दौरान कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया। जिस जवान को एक नवंबर को नायब सूबेदार के पद पर पदोन्नति मिलनी थी, उसकी जिंदगी पदोन्नति से महज 25 दिन पहले ही थम गई। शुक्रवार सुबह जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव सूरत सिंह जी का खेड़ा (फाटक का खेड़ा) पहुंचा, तो पूरा गंगरार क्षेत्र गमगीन हो उठा। भारत माता की जय और ‘जितेंद्र सिंह अमर रहें’ के नारों के बीच निकली अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में ग्रामीण, युवा और क्षेत्रवासी शामिल हुए। हर आंख नम थी और हर जुबां पर वीर सपूत की देशसेवा के चर्चे थे।
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