नई नालियां चार महीने में ध्वस्त, विकास कार्यों पर ग्रामीण नाराज...
गांव गोठड़ा मोहब्बताबाद में कुछ महीने पहले कराया गया नालियों और गलियों का निर्माण कार्य सवालों के घेरे में आ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण महज तीन से चार महीने के भीतर अधिकांश नई नालियां टूट गईं और जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, नालियों का निर्माण गांव में जल निकासी की व्यवस्था बेहतर करने के उद्देश्य से कराया गया था। लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही नालियों में दरारें आने और उनके टूटने से काम की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुसार सामग्री लगाई गई होती तो नालियों की हालत इतनी जल्दी खराब नहीं होती।
नई टाइलों की जगह पुरानी टाइलें लगाने का आरोप
ग्रामीणों ने गांव की दो गलियों में कराए गए कार्य पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गलियों में नई टाइलें लगाने के बजाय पुरानी टाइलों को ही दोबारा लगा दिया गया। इससे गलियों की मजबूती और निर्माण पर खर्च की गई सरकारी राशि को लेकर भी संदेह पैदा हो रहा है।
जांच और कार्रवाई की मांग
गांव के निवासियों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, स्वीकृत बजट और मौके पर कराए गए कार्य की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में अनियमितता या घटिया निर्माण की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही टूटी नालियों एवं गलियों का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े।