गया में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं का हुंकार: मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा आर-पार का आंदोलन
गया: राज्य आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर मंगलवार को गया शहर के गांधी मैदान स्थित गेट संख्या-7 पर आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का आयोजन जिला मंत्री मंजू कुमारी की देखरेख में किया गया, जबकि धरना की अध्यक्षता अनीता झा ने की। बड़ी संख्या में उपस्थित सेविका एवं सहायिकाओं ने सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी लंबित मांगों को उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।
धरना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मी वर्षों से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शन के बाद जिला संघ, गया के प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को मांग-पत्र सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
जिला मंत्री मंजू कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि आईसीडीएस के निजीकरण की किसी भी कोशिश पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने के बजाय निजीकरण की नीति अपनाना गरीब और वंचित वर्ग के हितों के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों और लाभुकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जिला मंत्री मंजू कुमारी ने कहा कि कई सेविका एवं सहायिकाओं का मानदेय लंबे समय से बकाया है, जिसका भुगतान तत्काल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा घोषित गर्मी की छुट्टी केवल कागजों तक सीमित रहती है, क्योंकि इस दौरान भी आंगनबाड़ी कर्मियों से विभिन्न प्रकार के कार्य लिए जाते हैं। इसलिए उन्हें भी अन्य कर्मचारियों की तरह वास्तविक अवकाश का लाभ मिलना चाहिए। धरना को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि अन्य राज्यों में आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी और कई अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जबकि बिहार में अब तक ऐसी व्यवस्था लागू नहीं की गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से मानदेय में वृद्धि की मांग करते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों से मानदेय में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं हुई है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।
धरना के अंत में संघ की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
धरना-प्रदर्शन में मधु कुमारी, संगीता कुमारी, रीना कुमारी, सुदामणि देवी, प्रेमलता सिन्हा, शोभा सिंह, संजू कुमारी, शुभा वर्मा, अनिता कुमारी, रेखा कुमारी, श्याम सुंदर यादव, शशि भूषण प्रसाद सहित बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाएं उपस्थित थीं।
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Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 23, 2026